भीषण गर्मी में मुख्य गेट पर बैठे पार्षद और कार्यकर्ता, रामधुनी गाकर भाजपा को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना; पुलिस से टकराव की स्थिति कई बार बनी
अजमेर। अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक डॉ. राजकुमार जयपाल के निर्देशानुसार आज नवनियुक्त महापौर एवं उपमहापौर के कार्यभार ग्रहण करने के प्रथम दिन कांग्रेस के सभी नवनिर्वाचित पार्षद नगर निगम पहुंचे। निगम में प्रवेश नहीं दिए जाने के विरोध में कांग्रेस के 40 पार्षदों ने हाथों पर काली पट्टी बांधकर ‘काला दिवस’ मनाया और जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि जनता द्वारा निर्वाचित पार्षदों को ही नगर निगम में प्रवेश से रोक दिया गया। पहले मुख्य सड़क पर बैरिकेड लगाकर पार्षदों को रोका गया और बाद में निगम भवन के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया गया। इसके विरोध में कांग्रेस पार्षद एवं कार्यकर्ता भीषण गर्मी में करीब दो घंटे तक मुख्य गेट पर धरने पर बैठे रहे और जमकर नारेबाजी की।
इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रामधुनी गाकर भाजपा को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की। प्रदर्शन के दौरान कई बार पुलिस प्रशासन और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच टकराव की स्थिति बनते-बनते बची।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि एक ओर जनता द्वारा चुने गए कांग्रेस पार्षदों को निगम में प्रवेश नहीं दिया गया, वहीं दूसरी ओर भाजपा के पार्षदों, कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों को निगम में प्रवेश की अनुमति दी गई। कांग्रेस ने इसे प्रशासन की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल बताया।
महापौर व उपमहापौर प्रत्याशियों ने लगाए खरीद-फरोख्त के आरोप
महापौर पद की कांग्रेस प्रत्याशी किरण गढ़वाल एवं उपमहापौर पद के प्रत्याशी नौरत गुर्जर ने निगम चुनाव की प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए। दोनों ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी के पास 32 पार्षद थे और कांग्रेस का आरोप है कि इसके बावजूद बहुमत जुटाने के लिए खरीद-फरोख्त का सहारा लिया गया।
कांग्रेस नेताओं ने उपमहापौर चुनाव के परिणाम को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पर्ची निकालने की प्रक्रिया में भी भारी उलटफेर हुआ और सत्ता, धनबल एवं बाहुबल के इस्तेमाल के आरोप सामने आए। कांग्रेस ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग की।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जिस नगर निगम में महापौर और उपमहापौर के निर्वाचन को लेकर ही धनबल, बाहुबल और सत्ता बल के आरोप लग रहे हों, वहां जनता के काम किस तरह निष्पक्ष रूप से होंगे, यह बड़ा सवाल है।
डॉ. राजकुमार जयपाल ने कहा कि नगर निगम जनता के चुने हुए पार्षदों से चलता है। निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को निगम भवन में प्रवेश से रोकना लोकतांत्रिक व्यवस्था का अपमान है। कांग्रेस पार्षद विपक्ष में रहकर भी जनता के प्रत्येक मुद्दे पर मजबूती से आवाज उठाएंगे।
कांग्रेस ने पुलिस प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पुलिस ने निष्पक्ष भूमिका निभाने के बजाय भाजपा के कार्यकर्ताओं की तरह व्यवहार किया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि रात में निगम से फाइलें चोरी होने के आरोप और दिन में जनता के चुने हुए पार्षदों को निगम में प्रवेश से रोकने की घटनाएं प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
कांग्रेस ने मांग की कि निर्वाचित पार्षदों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव तत्काल बंद किया जाए तथा नगर निगम में सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के लिए समान एवं निष्पक्ष व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
ये रहे मौजूद
प्रदर्शन में पूर्व विधायक डॉ. गोपाल बाहेती, पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. द्रौपदी कोली, पार्षद नौरत गुर्जर, चंद्रशेखर बालोटिया, सुनील कैन, सुनील मोतीयानी, पुष्पा जेदिया, ईश्वर टहल्यानी, चंद्रकांत पालीवाल, ऋषि बंसीवाल, संतोष गहरवाल, हामिद खान चिता, कमल बैरवा भावना चौहान, पुष्पा राजोरिया, मीनाक्षी मीणा, बबीता चौहान, नीलम सियोता, प्रीति माहुर, काजल यादव, विनोद आसनानी, इकरामुद्दीन, आशा तुनवाल, लक्ष्मी धोलखेड़िया, मीनाक्षी यादव, किरण गढ़वाल, चंदन सिंह, निहाल शेखावत, रश्मि हिंगोरानी सहित कांग्रेस के समस्त पार्षद मौजूद रहे।
इसके अलावा गजेंद्र सिंह रलावता, नवीन कच्छावा, प्रमोद शर्मा, शैलेश गुप्ता, हेमंत जोधा, मुकेश पवार, सुमित मित्तल, योगेश जाटोलिया, सुरेंद्र सिंह गुर्जर, नितिन जैन, हरिप्रसाद जाटव, ईश्वर राजोरिया, हेमराज खारोलिया, प्रताप यादव, शैलेंद्र अग्रवाल, सलमान चिता, प्रिंस ओबेदीन, पूर्व पार्षद वसीम खान, सर्वेश पारीक, निर्मल पारीक, भारत यादव, मुकेश सबलानिया, प्रेम सिंह, मोहम्मद शाकिर शाह, भूपेंद्र सिंह चौहान, नरेंद्र सिंह भाटी, धीरज गुर्जर, नरेश सरवन, सुनील धानका, आरिफ खान, मंडल अध्यक्ष उमेश शर्मा, मोक्ष नोनिया, अजीज चिता, श्रवण कुमार, सन्नू सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे।
जारीकर्ता:
शैलेश गुप्ता
प्रवक्ता
अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी