सड़क ही हर आयोजन की जगह क्यों बन गई है?

अजमेर में खेल मैदान हैं। पटेल स्टेडियम जैसा पुराना और जाना-पहचाना स्थान भी है, जहाँ अच्छी-खासी जगह है और हाल ही में नवीनीकरण भी हुआ है। फिर भी शहर में कोई सभा हो, नाटक हो, प्रदर्शनी हो या खेल आयोजन—अक्सर सड़क बंद करके ही कार्यक्रम किया जाता है।

किसी आयोजन के लिए जगह चाहिए, यह समझ में आता है। लेकिन जब आयोजन के लिए सड़क चुनी जाती है, तो उस रास्ते से रोज़ गुजरने वालों को अपना रास्ता बदलना पड़ता है। किसी को काम पर पहुँचना है, किसी को अस्पताल, किसी को घर। उनकी परेशानी भी आयोजन की योजना का हिस्सा होनी चाहिए।

मुझे आज तक यह समझ नहीं आया कि मैदान और दूसरे स्थान उपलब्ध होने के बावजूद सड़क बंद करने की ज़रूरत क्यों पड़ती है। अगर किसी कार्यक्रम के लिए सड़क ही ज़रूरी है, तो उसका कारण लोगों को बताया जाना चाहिए। और अगर ऐसा कोई कारण नहीं है, तो आयोजन के लिए बनी जगहों का इस्तेमाल क्यों नहीं होता?

शहर की सड़कें हम सबकी आवाजाही के लिए हैं। उन्हें बंद करने का फैसला आसान नहीं होना चाहिए।

सोचने वाली बात है—जब आयोजन के लिए जगह मौजूद है, तो हर बार सड़क ही क्यों चुनी जाती है?

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