आरआईई परिसर में 71 पक्षी प्रजातियों का अभिलेखन, वन्यजीव सप्ताह का भव्य शुभारंभ

मदसविवि, अजमेर में 2 से 8 अक्टूबर तक होंगे विविध शैक्षणिक एवं जागरूकता कार्यक्रम; विद्यार्थियों को वन्यजीव संरक्षण और नागरिक विज्ञान से जोड़ने की पहल

अजमेर, 2 अक्टूबर। महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय (मदसविवि), अजमेर में राष्ट्रीय वन्यजीव सप्ताह का शुभारंभ गुरुवार को प्रकृति एवं जैव विविधता के संरक्षण के संदेश के साथ हुआ। विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान एवं प्राणीशास्त्र विभाग द्वारा अजमेर वन विभाग तथा भारतीय वन्यजीव संस्थान के सहयोग से 2 से 8 अक्टूबर तक सप्ताहभर विभिन्न शैक्षणिक, जागरूकता एवं सहभागितापरक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।

राष्ट्रीय वन्यजीव सप्ताह के प्रथम दिवस पर मदसविवि एवं क्षेत्रीय शिक्षण संस्थान (आरआईई), अजमेर के संयुक्त तत्वावधान में आरआईई परिसर में बर्ड वॉक (पक्षी अवलोकन भ्रमण) आयोजित किया गया। इस गतिविधि में मदसविवि के पर्यावरण विज्ञान विभाग के डॉ. विवेक शर्मा एवं डॉ. रौनक चौधरी के नेतृत्व में पर्यावरण विज्ञान एवं प्राणीशास्त्र विभाग के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। पक्षी अवलोकन के दौरान आरआईई परिसर में पक्षियों की 71 प्रजातियों का अभिलेखन किया गया, जो क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता का परिचायक है। इस अवसर पर क्षेत्रीय शिक्षण संस्थान की डॉ. आरती शर्मा भी उपस्थित रहीं।

पर्यावरण विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. सुब्रोतो दत्ता ने बताया कि राष्ट्रीय वन्यजीव सप्ताह के अंतर्गत विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से क्विज प्रतियोगिता, वन्यजीव फोटोग्राफी प्रतियोगिता, आशु भाषण प्रतियोगिता तथा विश्वविद्यालय परिसर में कैंपस बर्ड काउंट सहित अनेक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इन कार्यक्रमों का प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों एवं आमजन में वन्यजीव संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना, प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का भाव जागृत करना तथा नागरिक विज्ञान (सिटीजन साइंस) को प्रोत्साहित करना है।

उन्होंने कहा कि जैव विविधता का संरक्षण केवल वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों तक सीमित दायित्व नहीं है, बल्कि इसमें प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। नागरिक विज्ञान के माध्यम से आमजन भी पक्षियों एवं अन्य जीव-जंतुओं के अवलोकन, आंकड़ों के संकलन और जैव विविधता के दस्तावेजीकरण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। इससे न केवल संरक्षण संबंधी प्रयासों को वैज्ञानिक आधार मिलता है, बल्कि समाज में पर्यावरणीय चेतना का भी विस्तार होता है।

राष्ट्रीय वन्यजीव सप्ताह के माध्यम से मदसविवि युवाओं को प्रकृति से जोड़ने, जैव विविधता के प्रति उनकी समझ विकसित करने तथा वन्यजीव संरक्षण को जनभागीदारी का व्यापक अभियान बनाने की दिशा में सार्थक पहल कर रहा है।

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