VLTD के नाम पर वाहन मालिकों पर आर्थिक मार, ₹6 हजार का डिवाइस ₹17 हजार तक पहुंचने पर डॉ. जयपाल ने उठाए सवाल
भाजपा की भजनलाल सरकार पर लगाया अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने का आरोप, कीमतों और प्रमाणपत्र प्रक्रिया की जांच की मांग
अजमेर। अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल व प्रवक्ता शैलेश गुप्ता ने राजस्थान की भाजपा सरकार पर VLTD (व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस) के नाम पर वाहन मालिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जिस डिवाइस की कीमत पहले 5,000 से 6,000 रुपये बताई जाती थी, उसके लिए राजस्थान में 15,000 से 17,000 रुपये तक खर्च करने की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और परिवहन विभाग से सवाल किया कि प्रदेश में डिवाइस की कीमतें इतनी अधिक क्यों हैं।
डॉ. जयपाल ने कहा कि वाहन मालिकों के अनुसार, दूसरे राज्यों में यही उपकरण अपेक्षाकृत कम कीमत पर उपलब्ध हैं। करीब 20 कंपनियों पर कथित मिलीभगत से कीमतें बढ़ाने के आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कई नए और पुराने वाहनों में पहले से GPS लगा होने के बावजूद नया VLTD डिवाइस लगवाने की शिकायतें हैं। यदि पुराने उपकरण निर्धारित तकनीकी मानकों को पूरा करते हैं, तो उनके सत्यापन के बाद नियमानुसार मान्यता दी जानी चाहिए।
कांग्रेस प्रवक्ता शैलेश गुप्ता ने कहा कि दूसरे राज्य से डिवाइस खरीदने पर भी प्रमाणपत्र अनुमोदन के नाम पर लगभग 5,900 रुपये अतिरिक्त शुल्क देने की शिकायतें हैं। प्रमाणपत्र के लिए RTO के चक्कर लगाने पड़ते हैं और प्रक्रिया पूरी नहीं होने से परमिट व वाहन हस्तांतरण जैसे काम प्रभावित होते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि ऑनलाइन सेवाओं का दावा करने वाली सरकार में यह प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और समयबद्ध क्यों नहीं है।
डॉ. जयपाल ने सरकार से VLTD डिवाइस की कीमतों, कंपनियों की मूल्य नीति और प्रमाणपत्र शुल्क की निष्पक्ष जांच कराने, सभी निर्धारित शुल्क सार्वजनिक करने, पात्र पुराने GPS उपकरणों को नियमानुसार मान्यता देने तथा प्रमाणपत्र प्रक्रिया सरल और पारदर्शी बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि भाजपा की भजनलाल सरकार को वाहन मालिकों की शिकायतों का समाधान कर उन्हें अनावश्यक आर्थिक बोझ और सरकारी कार्यालयों के चक्करों से राहत देनी चाहिए।
शैलेश गुप्ता
प्रवक्ता
अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी