अजमेर, 6 नवम्बर। पंचायत चुनाव परिणाम के संबंध में रिटर्निंग अधिकारी का निर्णय अंतिम होता है। इस निर्णय को जिला न्यायाधीश के समक्ष चुनाव याचिका के माध्यम से ही चुनौती दी जा सकती है।
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलक्टर श्री लोक बन्धु ने बताया कि पंचायत चुनाव में किसी प्रत्याशी की विजय अथवा पराजय के संबंध में रिटर्निंग अधिकारी द्वारा लिया गया निर्णय अंतिम होता है। इस निर्णय को बदलने का अधिकार जिला निर्वाचन अधिकारी अथवा राज्य निर्वाचन आयोग को प्राप्त नहीं है।
उन्होंने बताया कि रिटर्निंग अधिकारी द्वारा निर्वाचन परिणाम घोषित किए जाने के पश्चात कोई भी प्रत्याशी परिणाम को चुनौती दे सकता है। वह प्रत्याशी राजस्थान पंचायती राज अधिनियम की धारा 43 एवं राजस्थान पंचायती राज निर्वाचन नियम 80 के प्रावधानों के तहत निर्धारित 30 दिवस की समयावधि में जिला न्यायाधीश के समक्ष निर्वाचन याचिका प्रस्तुत कर सकता है।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि निर्वाचन परिणाम से संबंधित विवाद के निस्तारण के लिए विधि द्वारा निर्धारित निर्वाचन याचिका की प्रक्रिया अपनाना आवश्यक है। रिटर्निंग अधिकारी द्वारा परिणाम घोषित किए जाने के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी अथवा राज्य निर्वाचन आयोग के समक्ष अपील प्रस्तुत कर उसके निर्णय को परिवर्तित नहीं करवाया जा सकता है।
उन्होंने पंचायत चुनाव में भाग लेने वाले सभी प्रत्याशियों से निर्वाचन प्रक्रिया एवं परिणाम से संबंधित वैधानिक प्रावधानों की जानकारी रखने तथा किसी भी प्रकार की आपत्ति होने पर निर्धारित कानूनी प्रक्रिया एवं समय-सीमा का पालन करने की अपील की।