अजमेर। शुक्रवार को ज़िला बार एसोसिएशन के द्वारा राज्य सरकार के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। अदालत परिसर से जूलूस की शक्ल मे नारेबाजी करते हुए ज़िला कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे वकीलो और पुलिस के बीच जमकर धक्का मुक्की हुई। इस बीच वकीलो केा आक्रोश केा देखते हुए कलेक्ट्रेट में तैनात आरएसी के जाप्ते ने बल प्रयोग करने की कोशिश की लेकिन वरिष्ठ पुलिसकर्मियों और वरिष्ठ वकीलो के हस्तक्षेप से मामला शांत हो गया। इसके बाद बार कोंसिल के प्रवक्ता राजेश टंडन के नेतृत्व में वकीलो का प्रतिनिधि मण्डल कलैक्टर वैभव गालरिया से मिला, और अपनी मांग संबधी ज्ञापन सौंपा।
वहीं 9 मार्च केा पाकिस्तान के प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ की अजमेर यात्रा विरोध कर रहे वकिल समूदाय में राजनीति के चलते दो फाड हो गये। ज़िला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश टंडन और सचिव चन्द्रभान सिंह भले ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ की अजमेर यात्रा का विरोध कर रहे हों, लेकिन अब इस मुद्दे पर कांग्रेसी मानसिकता के वकिलो की मुखालफत के चलते दो फाड़ हो गये है।
कांग्रेस विधि विभाग के शहर अध्यक्ष वैभव जैन और देहात अध्यक्ष हरी सिंह गुर्जर ने बार ऐसोसिऐशन के द्वारा पाक पीएम के विरोध के निर्णय की खिलाफत करते हुए कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री अशरफ किसी राजनैतिक यात्रा पर अजमेर नहीं आ रहे है, उनकी अजमेर यात्रा पूरी तरह धार्मिकं है। ऐसे में यात्रा के समय अशरफ को काले झंडे दिखाए जाने का ऐलान पूरी तरह एक तरफ़ा और भारतीय संस्कृति का अपमान करने वाला है।
टंडन ने सवाल किया की क्या इस देश को प्रेम करने वाला कोई भी व्यक्ति उस देश के प्रधानमंत्री के स्वागत की बात कर सकता हैं जिस देश के सैनिक हमारे सैनिको के सिर काट कर ले गए हो।
बार अध्यक्ष राजेश टंडन और बार के अन्य अधिवक्ताओ ने फव्वारा सर्किल से लेकर दरगाह बाजार तक के तमाम दुकानदारों से पाक पीएम की यात्रा के दौरान अपनी दुकाने और प्रतिष्ठान बंद रखकर विरेाध करने की अपील की साथ ही यात्रा के बाद यात्रामार्ग की सड़को कों धोने के बाद ही दुकाने खोलने की मांग की।