लखनऊ। सरकार का एक साल पूरा होने पर तमाम उपलब्धियों के बीच सीएम अखिलेश यादव की कानून व्यवस्था को लेकर चिंता साफ झलकी। उन्होंने कहा कि अब सरकार इस मुद्दे पर कोई समझौता नहीं करेगी। जो भी कानून व्यवस्था खराब करने का काम करेगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी, भले ही वह कोई भी हो। जो अधिकारी कानून व्यवस्था को संभालने में खरे नहीं उतरेंगे, उनको भी बख्शा नहीं जाएगा।
नौकरशाही को सुधरने की चेतावनी देते हुए अखिलेश ने कहा कि अच्छे अधिकारियों को आगे लाया जाएगा और जो भी खराब अफसर होंगे उन्हें धक्का मारकर पीछे किया जाएगा। कालिदास मार्ग स्थित सरकारी आवास पर पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री ने दावा किया कि हर क्षेत्र में काम हुआ है। सरकार के खाते में तमाम उपलब्धियां हैं। जनता का भरोसा बढ़ा है। प्रदेश में स्थायी विकास का रास्ता खुल गया है। विभिन्न मुद्दों पर हुए सवाल पर मुख्यमंत्री के जवाब कानून व्यवस्था के मामले पर जवाब देते हुए सीएम ने कहा कि सरकार इस बात को मानती है कि हमारी कितनी ही उपलब्धियां क्यों न हों, एक घटना उन सबको पीछे कर देती है। कानून व्यवस्था खराब होने का सबसे ज्यादा असर सरकार पर ही पड़ता है। खुशहाली और विकास रुकता है। वैसे कानून व्यवस्था पर काम हुआ है, पर अब यह सरकार के खास एजेंडे पर रहेगा। पुलिस पर नियंत्रण कैसे हो, वह मौके पर समय से कैसे पहुंचे, इसके लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लेना पड़ेगा, तो लिया जाएगा। मसलन, गाड़ियों में जीपीएस सिस्टम, चौराहों पर क्लोज सर्किट टीवी, थानों और कंट्रोल रूम का आधुनिकीकरण, जो भी जरूरी होगा किया जाएगा।
ब्यूरोक्रेसी हमें किसी अधिकारी से कोई प्रेम नहीं है। ऐसा भी नहीं है कि सब खराब ही अधिकारी हैं। अफसरों को काम करना ही होगा। कुछ अपने आप सुधर जाएंगे। कुछ को सुधारा जाएगा। अच्छे अधिकारियों को मौका दिया जाएगा। खराब को दंडित किया जाएगा।
गांव-किसान सरकार ने बजट का 74 फीसदी गांव गरीब और किसानों पर खर्च किया है। खाद के लिए पहले से इंतजाम किया गया है। गेहूं खरीद में किसानों को दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। पिछली सरकार ने बोरों की व्यवस्था नहीं की थी, इस बार पहले से व्यवस्था की गई है। मैं और दूसरे मंत्री भी मौके पर गेहूं खरीद का जायजा लेंगे। गेहूं रखने में दिक्कत न हो इसके लिए भंडारण की क्षमता बढ़ाई जा रही है।
मुसलमानों पर सपा ने अल्पसंख्यकों खासतौर पर मुसलमानों को लेकर जो वादे किए थे उनको पूरा किया जा रहा है। रंगनाथ मिश्र आयोग और सच्चर कमेटी की सिफारिशों को प्रदेश में कैसे लागू किया जाए, इस पर काम चल रहा है। कोशिश इस बात की है कि संविधान आड़े न आने पाए। केंद्र पर दबाव बनाया जाएगा कि वह सिफारिशों को लागू करे। जिन मुसलमानों को झूठे मुकदमों में फंसाया गया है सरकार उनकी रिहाई के पक्ष में है और इस दिशा में प्रयास जारी हैं। पार्टी
कार्यकर्ताओं पर जहां कहीं भी पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा सत्ता के दुरुपयोग की जानकारी मिलेगी, वहां कार्रवाई की जाएगी। गाड़ियों पर झंडा-स्टीकर आदि को लेकर दिशानिर्देश जारी किए जा चुके हैं। यह बात सही नहीं है कि ज्यादातर पार्टी के लोग ही अपराधों में शामिल हैं।