‘मंदबुद्धि लोगों की देन है एंटी रेप बिल’

ram gopal yadavनई दिल्ली। एंटी रेप संशोधित विधेयक को लेकर संप्रग सरकार को बाहर से समर्थन दे रही दो प्रमुख पार्टियों के विचार जुदा हैं। बसपा ने संशोधित विधेयक का समर्थन करते हुए इसे समय की मांग बताया है, जबकि सपा ने विरोध जताते हुए कहा है कि इसे मंदबुद्धि लोगों की सिफारिशों के आधार पर तैयार किया गया है। प्रमुख विपक्षी दल भाजपा ने सहमति से यौन संबंध बनाने की उम्र घटाने के मसले पर एतराज जताया है।

अपराध कानून (संशोधन) विधेयक, 2013 पर सोमवार को होने वाली सर्वदलीय बैठक से पहले बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि उनकी पार्टी विधेयक का समर्थन करेगी। संशोधित विधेयक के कुछ प्रावधानों की आलोचना पर उन्होंने कहा कि बिल संसद में आने के बाद उन पर चर्चा की जा सकती है। बसपा की धुर विरोधी सपा ने संशोधित विधेयक को कचरा बताया है। सपा नेता रामगोपाल यादव ने कहा कि पार्टी विधेयक का विरोध करेगी। यह बिल कुछ मंदबुद्धि लोगों की सिफारिशों के आधार पर तैयार किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी 18 मार्च को होने वाली सर्वदलीय बैठक में भी विरोध करेगी। अगर विधेयक संसद में लाया गया और मतदान हुआ, तो पार्टी इसके खिलाफ वोट करेगी। केंद्र में प्रमुख विपक्षी दल भाजपा दुष्कर्म रोधी कानून में कठोर सजा के पक्ष में है, लेकिन विधेयक के कुछ प्रावधानों पर सर्वदलीय बैठक में अपना मत रखेगी। एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा कि पार्टी ज्यादातर मसलों पर सहमत है और पारित कराने को तैयार है, लेकिन सहमति से यौन संबंध बनाने पर सहमत नहीं है। पार्टी में चर्चा के बाद इस मसले पर कोई फैसला लिया जाएगा। केंद्रीय कैबिनेट ने गुरुवार को दुष्कर्म, तेजाब से हमला, पीछा करने और छेड़छाड़ के मामलों में कठोर सजा वाले विधेयक को मंजूरी दे दी थी। इसके अलावा सहमति से यौन संबंध बनाने की उम्र 18 से घटाकर 16 करने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दिखा दी थी। नए प्रवधानों के तहत, दुष्कर्म के दोषी को कम से कम 20 साल की सजा दी जाएगी, जिसे आजीवन कारावास में भी बदला जा सकेगा।

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