नई दिल्ली। अरबपति बिल्डर व कारोबारी दीपक भारद्वाज हत्याकांड में पिछले तीन दिन में पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। हत्या की सुपारी देने के आरोपी जिस महंत स्वामी प्रतिभानंद की गिरफ्तारी के पुलिस देशभर में छापेमारी कर रही है, उसे शनिवार को पटना में देखा गया है। दक्षिणी जिला पुलिस की दो टीमें उसकी तलाश में शनिवार को ही पटना रवाना हो गई। पुलिस ने उसका पासपोर्ट वैरीफिकेशन फार्म हरिद्वार के एक आश्रम से जब्त किया है। उसने छह महीने पहले पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था। उधर, रविवार को पांचवें आरोपी प्रदीप को बाहरी दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया गया। शूटर पुरुषोत्तम को प्रदीप ने ही कट्टा उपलब्ध कराया था। पुलिस ने दावा किया है कि हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ताओं के नामों का तीन से चार दिन में कर दिया जाएगा।
पुलिस के मुताबिक प्रतिभानंद को पटना रेलवे स्टेशन से बाहर निकल कर ऑटो से जाते देखा गया। दिल्ली पुलिस ने पटना पुलिस को भी सूचना दे दी है। पटना पुलिस के सहयोग से उसकी तलाश की जा रही है। पांच आरोपियों के पकड़े जाने से पुलिस को काफी सुराग मिले हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक अब अगर प्रतिभानंद नहीं भी पकड़ा जाता है तब भी पुलिस साजिशकर्ताओं के नामों का खुलासा कर उन्हें गिरफ्तार कर लेगी। पुलिस के अनुसार भारद्वाज की हत्या की साजिश रचने में कई लोग शामिल हैं। पुलिस दोनों शूटर पुरुषोत्तम राणा उर्फ मोनू व सुनील मान उर्फ सोनू समेत स्कोडा लॉरा कार के मालिक राकेश उर्फ भोला व कार चालक अमित को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
प्रतिभानंद ने छोड़ दी थी दिल्ली
पुलिस अधिकारी के मुताबिक दीपक भारद्वाज की हत्या से दो दिन पहले प्रतिभानंद दिल्ली छोड़कर चला गया था। 25-29 मार्च के बीच हरिद्वार के एक आश्रम में उसके ठहरने की जानकारी मिली है। 30 मार्च को वह अपने शिष्य योगगुरु अविनाश शास्त्री के पास इंदौर चला गया। वहां वह चार दिन तक रुका था। इसके बाद नर्मदा में साधना की बात कहकर चला गया।
महंत स्वामी प्रतिभानंद (48) की तलाश में महाराष्ट्र, हरियाणा, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश समेत उसके हर संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है। 20 टीमें वारदात वाले दिन से आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है।
असली नाम है मछिंदर नाथ
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि प्रतिभानंद का असली नाम मछिंदर नाथ है। वह मूलरूप से महाराष्ट्र के बीड जिले का रहने वाला है। उसके पिता का नाम चोरमल है। पहचान छिपाने के लिए प्रतिभानंद ने चित्रानंद समेत कई नाम रखे हैं। सुपारी देने में प्रतिभानंद का नाम आने से पुलिस ने उसके तीन बैंक खातों की जांच की, जिसमें कोई भी रकम नहीं मिली।
भारद्वाज परिवार को दिल्ली न छोड़ने का निर्देश
डीसीपी दक्षिण जिला छाया शर्मा के मुताबिक जब तक सभी आरोपी पकड़े नहीं जाते तब तक भारद्वाज के परिवार के सभी सदस्यों को दिल्ली न छोड़ने का निर्देश दिया गया है। पुरुषोत्तम से पता चला है कि प्रतिभानंद जब भी दीपक भारद्वाज के फार्म हाउस पर आता था तो कार चलाकर पुरुषोत्तम ही लाता था। प्रतिभानंद पिछले वर्ष नवंबर में दीवाली के समय परिजनों से मिलने अपने पैतृक घर गया था। उसके बाद से वह देश भ्रमण कर रहा है।
दिल्ली आकर योग शिक्षक बन गया था महंत
महंत प्रतिभानंद पहली बार 2006-2007 के दौरान दिल्ली आया था। उस समय एक अधिवक्ता के जरिए दीपक भारद्वाज से मुलाकात हुई थी। दिल्ली आने के कुछ दिन बाद वह बाहरी दिल्ली में एक सेंटर खोल योग शिक्षक बन गया था। जहां उसकी मुलाकात पुरुषोत्तम से हुई थी।
अमीरों से नजदीकी बढ़ाने में है माहिर
बहादुरगढ़। महंत स्वामी प्रतिभानंद को लेकर परतें खुलने लगी हैं। बहादुरगढ़, झज्जर समेत आसपास में हुए कई कार्यक्रमों में वह अक्सर मंच पर मौजूद रहता था। अमीरों से नजदीकी बढ़ाने में वह माहिर है। साधु-संतों के सामने रौब जमाना उसकी आदत है।
सूत्रों की मानें तो कार्यक्रमों में वह अक्सर ऊंची पहुंच और राजनेताओं के अलावा कई व्यवसायियों से रिश्ते की बात कहता था। किसी भी तरह का काम करवाने का दावा करता था। एक बार तो उसने बहादुरगढ़ के कुछ संतों से महाराष्ट्र में खुद की पार्टी और 20 विधायक होने की बात कही थी। बताया जाता है कि 4 जून 2011 को दिल्ली में बाबा रामदेव के अनशन के समय पुलिस कार्रवाई से पहले वह मंच पर था। बहादुरगढ़ के एक स्वामी के साथ कई कार्यक्रमों में वह आता-जाता रहा। बहादुरगढ़ में उसके शिष्य भी हैं। जिन गाड़ियों से वह चलता था वह भी संदिग्ध थीं। ज्यादातर समय उसके साथ शिष्या रहती थी।
सहमा हुआ है संत समाज
प्रतिभानंद की तलाश में दिल्ली पुलिस की बहादुरगढ़ में दबिश और एक आश्रम संचालक से पूछताछ के बाद यहां का संत समाज सहमा है। वे यही चाहते हैं कि प्रतिभानंद जल्द से जल्द पुलिस की पकड़ में आए, ताकि किसी आश्रम या संत के पास पुलिस का आना-जाना खत्म हो सके।
डर की वजह से मुंह नहीं खोल रहा कोई
बहादुरगढ़ के कुछ संतों के पास प्रतिभानंद के बारे में बताने के लिए बहुत कुछ है, लेकिन पुलिस के चक्कर में न पड़ने के डर से वे खुलकर कुछ नहीं कह रहे। अंदरूनी तौर पर चर्चा है कि प्रतिभानंद और भी आपराधिक वारदातों में संलिप्त हो सकता है।