इस्लामाबाद। पाकिस्तान में 11 मई को होनेवाले आम चुनाव के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से लगभग 50 हजार सैनिक तैनात किए जाएंगे। सेना ने यह निर्णय गृह मंत्रालय के उस आगाह के बाद लिया जिसमें चुनाव के दौरान आतंकी हमलों की आशंका जाहिर की गई थी।
गृह मंत्रालय के अनुसार चुनाव के दौरान आतंकी हमले का खतरा है क्योंकि जनदुल्लाह, लश्कर-ए-झंगवी और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान जैसे प्रतिबंधित गुट बलूचिस्तान प्रांत और विशेष तौर पर क्वेटा और नुश्की में बड़े पैमाने पर हमले की साजिश रच रहे हैं।
आतंकी साजिश:-
* पेशावर में प्रमुख सरकारी इमारतों और प्रतिष्ठानों पर आत्मघाती और बम हमले की तालिबानी साजिश।
* मिराली के कबाइली क्षेत्रों के तालिबान लड़ाकों की खानेवाल, मुल्तान और पंजाब के अन्य क्षेत्रों पर हमले की साजिश।
* सरकारी और अर्ध-सरकारी भवनों, प्रतिष्ठानों और सुरक्षा बलों पर हमले की आशंका।
सुरक्षात्मक कदम
* चुनाव के दौरान करीब 50 हजार सैनिकों को सुरक्षा ड्यूटी में लगाने का फैसला।
* लाखों पुलिसकर्मियों और पाकिस्तान रेंजर्स के साथ सेना के जवानों की तैनाती और सुरक्षा नेटवर्क चुनाव के दौरान सुरक्षा मुहैया कराएगा।