शावेज की सोच पर जनता का फैसला मतपेटियों में बंद

venezuelans-vote-on-future-of-chavista-socialismकराकस। दक्षिण अमेरिकी राष्ट्र वेनेजुएला में दिवंगत राष्ट्रपति ह्यूंगो शावेज की सोच जिंदा रहेगी या नहीं इस पर जनता का फैसला मतपेटियों में बंद हो चुका है। रविवार को राष्ट्रपति चुनाव में शावेज के घोषित उत्तराधिकारी निकोलस माडुरो व विपक्ष के प्रत्याशी हेनरिक केप्रिलास के भाग्य पर मुहर लगाने के लिए सुबह से ही मतदाता केंद्रों के बाहर लंबी-लंबी लाइनें लगी थीं।

शावेज की असमय मौत से लोगों के दिलों में उमड़ी सहानुभूति के कारण इस चुनाव में पूर्व बस ड्राइवर व कार्यवाहक राष्ट्रपति माडुरो की जीत लगभग तय मानी जा रही है। माडुरो ने देश की जनता से वादा किया है कि वह शावेज के समाजवाद को और तेजी से आगे बढ़ाएंगे।

वहीं, केप्रिलास देश में व्यापारियों के लिए माहौल बनाने का मुद्दा लेकर जनता के सामने आए हैं। केप्रिलास को पिछले चुनाव में शावेज से करारी शिकस्त मिली थी। माडुरो समर्थक सुबह से ही लोगों को मतदान करने के लिए तैयार करते दिखे। पार्टी कार्यकर्ता मारियो इजारा ने कहा कि निकोलस जीतेंगे लेकिन हम चाहते हैं कि गरीबों के लिए जीवन भर काम करते रहे शावेज के उत्तराधिकारी को भारी जीत मिले।

वेनेजुएला के चुनाव पर क्यूबा, ईरान, अमेरिका समेत पूरी दुनिया की नजर है। यदि केप्रिलास चुनाव जीतते हैं तो निजी कंपनियों के लिए देश की विशाल तेल संपदा खुलेगी। चुनाव पर 170 अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक नजर रख रहे हैं।

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