रावलपिंडी। पाकिस्तान के पूर्व सैन्य शासक परवेज मुशर्रफ की मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रही हैं। मंगलवार को उन्हें पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुंट्टो की हत्या के मामले में आतंकवादी निरोधक कोर्ट में पेश होना पड़ा। मुशर्रफ पर भुंट्टो की हत्या के षड्यंत्र में शामिल होने का आरोप है।
गौरतलब है कि पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी ने बेनजीर भुट्टो की हत्या के मामले में दायर अंतरिम चार्जशीट में देश के पूर्व सैनिक शासक परवेज मुशर्रफ को अभियुक्त बनाया था। मुशर्रफ पर आरोप है कि उन्होंने बेनजीर भुट्टो की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार उन दो वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को तैनात किया था जिन्होंने हत्या के समय भुट्टो को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया नहीं करवाई थी। ज्ञात हो कि साल 2007 में भुंट्टो को चुनावी रैली के दौरान मार दिया गया था।
भुट्टो हत्याकांड की जांच में सहयोग करें मुशर्रफ
इस्लामाबाद। पाकिस्तान की आतंकवाद निरोधी अदालत ने पूर्व सैन्य शासक परवेज मुशर्रफ को बेनजीर भुंट्टो हत्याकांड की जांच में सहयोग करने को कहा है। पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुंट्टो की वर्ष 2007 में रावलपिंडी में एक रैली के दौरान गोली मार कर हत्या कर दी गई थी।
मुशर्रफ को इस्लामाबाद के बाहरी क्षेत्र चक शहजाद में बने फार्म हाउस से रावलपिंडी स्थित अदालत ले जाया गया। फार्म हाउस में उन्हें चार मई तक न्यायिक हिरासत में रखा गया है। इस फार्म हाउस को उप जेल बना दिया गया है। 2008 में मामले की सुनवाई शुरू होने के बाद यह पहला मौका है जब मुशर्रफ रावलपिंडी अदालत में पेश हुए। उन्हें न्यायाधीश चौधरी हबीब-उर-रहमान के सामने पेश किया गया। उनके वकील ने अदालत से उस आदेश को निरस्त करने को कहा, जिसमें मुशर्रफ को भगोड़ा करार दिया गया है।
इसके अलावा पूर्व राष्ट्रपति के बैंक खातों व संपत्तियों के परिचालन पर लगी रोक भी खत्म करने का अनुरोध किया। सुरक्षा कारणों से मामले की सुनवाई बंद कमरे में की गई। भुंट्टो हत्याकांड की जांच में सहयोग नहीं करने के कारण वर्ष 2011 में अदालत ने उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया था और उनकी संपत्ति के परिचालन पर रोक लगा दी गई थी। बाद में मुशर्रफ को पुन: फार्म हाउस पहुंचा दिया गया।
अदालत के बाहर हाथापाई
अदालत के बाहर मुशर्रफ के खिलाफ नारे लगा रहे वकील और मुशर्रफ के समर्थक आपस में भिड़ गए। वकीलों ने समर्थकों को डंडों से पीटा और कई कारों को नुकसान पहुंचाया।