घुसपैठ पर भारत सख्त, लद्दाख में यथास्थिति बहाल करे चीन

India, China, India Chinaनई दिल्ली। लद्दाख के दौलत बेग ओल्डी [डीबीओ] सेक्टर में चीनी सैनिकों द्वारा घुसपैठ के मामले पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए भारत ने मंगलवार को कहा कि चीन को वास्तविक नियंत्रण का सम्मान करना चाहिए। भारत ने चीन से कहा कि वह घुसपैठ की पहली वाली स्थिति बहाल करे।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरूद्दीन ने कहा, लद्दाख के दौलत बेग अल्दी में चीनी सैनिकों के घुसपैठ को लेकर सरकार गंभीर है। चीन को इलाके में घुसपैठ तुरंत बंद करना चाहिए। अकबरूद्दी ने उम्मीद जताई का इस मसले का हल निकाल लिया जाएगा।

मालूम हो कि चीनी सेना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी [पीएलए] ने 15 अप्रैल को भारतीय क्षेत्र लद्दाख में 10 किलोमीटर भीतर घुसपैठ कर वहां तम्बू में चौकी बना लिया। भारतीय परिक्षेत्र में चीनी सैनिकों के घुसपैठ की यह पहली घटना नहीं है। चीनी सैनिक इसके पहले भी वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास भारतीय क्षेत्र में दाखिल हो चुके हैं। मामले को लेकर दोनों देशों की सेना के बीच आज दूसरी फ्लैग मीटिंग होने वाली है। इन सबके बीच जनरल बिक्रम सिंह आज से दो दिनों की जम्मू एवं कश्मीर की यात्रा पर हैं। भारत ने चीन के सैनिकों की घुसपैठ का पता चलने के बाद पिछले हफ्ते चीन के समक्ष यह मुद्दा उठाया था।

विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव ने पिछले हफ्ते बीजिंग में अपने समकक्ष से बात की थी, जिसमें उन्होंने इस मुद्दे को सुलझाने की जरुरत पर जोर दिया था। वहीं, सूत्रों के मुताबिक विदेश सचिव रंजन मथाई ने चीन के राजदूत को साउथ ब्लॉक में तलब कर इस मुद्दे को सुलझाने की जरुरत पर बल दिया था। चीन ने कहा था कि वह इस मुद्दे पर गौर करने के बाद जवाब देगा।

उधर, नई दिल्ली में चीन के दूतावास से संपर्क किये जाने पर उन्होंने कल बीजिंग में अपने विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता द्वारा दिये बयान को ही दोहराया। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ छुनयिंग ने कहा था कि चीन के सैनिक दोनों देशों के बीच के करार का पालन कर रहे हैं।

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