मदनगंज-किशनगढ़। राजनीति व धर्मनीति दोनों बहने है, लेकिन नेताओं की नियत सही नही होने और स्वार्थ के चलते देश के हालात ठीक नही हो पा रहे है। उक्त उद्गार मंगलवार को शेरे राजस्थान प्रवर्तक रूपमुनि ने पत्रकार वार्ता में व्यक्त किए। उन्होने कहा कि नेताओं की नियत सही नही होने के कारण देश की नितियां भी ठीक नही बन पा रही है। नेता अपने स्वार्थ पूर्ति के लिए नितियों के विपरित जा रहे है, जिसके कारण देश के हालात बिगड़ते जा रहे है।
उन्होने दिल्ली की राजनीति पर व्यंग करते हुए कहा कि शेर की खाल पहन लेने से शेर नही हो जाता। देश सेवा की बाते करने वाले कथित नेता कहने और करने की नीति को कुछ समय में जान लेगें।
उन्होने बताया कि संस्कार में विकृतिया पैदा हो जाने से आज का युवा वर्ग धर्म-जाति को नही समझ पा रहा है। आने वाले समय में जातियां समाप्त हो जायेगी।
व्यभिचार के मामलों के आरोपि आशाराम के बारे में उन्होने कहा कि वह साधू न माहात्मा है, वह तो एक उपदेश देने वाला है। उसने जो गुप्त पाप किए वह अब सामने आ रहे है।
-राजकुमार शर्मा