मैं फिर से भारत में जन्म लेना चाहूंगा-हामिद अंसारी

भारत विश्व का सर्वाधिक विशिष्ट देश, यहां असीमित संभावनाएं एवं प्रतिभांए मौजूद
शिक्षण व्यवस्था में सुधार की जरूरत, शोध व खेलों के विकास पर भी ध्यान देने की आवश्यकता

उपराष्ट्रपति श्री  एम. हामिद अंसारी अजमेर के मेयो कॉलेज में छात्रों के साथ संवाद कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं के प्रश्नों का उत्तर देते हुए।
उपराष्ट्रपति श्री एम. हामिद अंसारी अजमेर के मेयो कॉलेज में छात्रों के साथ संवाद कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं के प्रश्नों का उत्तर देते हुए।

 

अजमेर के मेयो कॉलेज के बीकानेर पवेलियन में मौजूद छात्र- छात्राएं एवं अन्य अतिथि।
अजमेर के मेयो कॉलेज के बीकानेर पवेलियन में मौजूद छात्र- छात्राएं एवं अन्य अतिथि।

 

अजमेर के मेयो कॉलेज के बीकानेर पवेलियन में छात्रों के फ्यूजन बैंड कार्यक्रम की प्रस्तुति।
अजमेर के मेयो कॉलेज के बीकानेर पवेलियन में छात्रों के फ्यूजन बैंड कार्यक्रम की प्रस्तुति।

अजमेर। उप राष्ट्रपति श्री एम. हामिद अंसारी ने कहा कि मुझे दोबारा जन्म मिला तो मैं फिर से भारत में जन्म लेना चाहूंगा। भारत एक असीमित संभावनाओं और प्रतिभाओं वाला राष्ट्र है। भारत की यह खासियतें हमें विश्व में विशिष्ट स्थान दिलाती हैं। उन्होंने देश की शिक्षण व्यवस्था में सुधार तथा शोध व खेलों के विकास की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने युवाओं को सीख दी कि आशावादी, अनुशासित एवं समर्पित बने एवं देश की उन्नति और प्रगति में भागीदार बने।
उप राष्ट्रपति श्री हामिद अंसारी ने गुरूवार को मेयो कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। श्री अंसारी ने विद्यार्थियों द्वारा पूछे गए सभी सवालों का जवाब दिया और उनका ज्ञानवर्धन किया। श्री अंसारी ने देश के रक्षा व शिक्षा बजट, युवाओं के लिए संदेश, देश की नीतियां, आरक्षण, संसदीय प्रणाली, राजनीति, महिला आरक्षण बिल, शिक्षा नीति, खेल, उच्च शिक्षा, मृत्यु दण्ड आदि विषयों पर पूछे गए सवालों का पूरी गम्भीरता के साथ उत्तर दिया।
मेयो कॉलेज में विद्यार्थियों के साथ संवाद कार्यक्रम के दौरान कक्षा 10 के विद्यार्थी धैर्य भारती ने सवाल पूछा कि आप देश में कोई एक बदलाव लाना चाहें तो वह क्या होगा ? श्री अंसारी ने तपाक से उत्तर दिया ”मैं अनुशासन पर बल दूंगाÓÓ। उन्होंने कहा किसी भी क्षेत्र में सफल होने के लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण है अनुशासन। हमें और ज्यादा अनुशासित होना होगा। हमें हमारे कर्तव्यों का पूरी गम्भीरता एवं अनुशासन के साथ पालन करना चाहिए। कक्षा 10 के ही चिन्मय जैन के सवाल पर उप राष्ट्रपति ने कहा कि भारत एक विशिष्टताओं वाला देश हैं। हमारी ये विशेषताएं ही हमें विश्व में सर्वोच्च स्थान दिलाती हैंं।
कक्षा 12 की विद्यार्थी काजोल सराफ के सवाल पर उप राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा अंकों के आधार पर आधारित होने की बजाय ज्ञान आधारित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दिल्ली के कुछ कॉलेजों में प्रवेश के लिए 99 प्रतिशत तक कटऑफ माक्र्स जाती है लेकिन इससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि हम शिक्षण पद्घति में विद्यार्थियों के लिए ज्ञान को अधिक महत्व दें। कक्षा 12 के विद्यार्थी करन रूबेन चौधरी के प्रश्न पर श्री अंसारी ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र में लोकसभा व राज्यसभा का पर्याप्त महत्व हैं। लोकसभा में सिर्फ चुने हुए प्रतिनिधि आते हैं जबकि राज्य सभा में सभी क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व होता है। यह नीति निर्माण के सभी पहलुओं के लिए आवश्यक है।
उप राष्ट्रपति श्री अंसारी ने देश में शिक्षा व खेलों के विकास पर और ज्यादा ध्यान दिए जाने की आवश्यकता बताई। कक्षा 11 की छात्रा मंतिका वोहरा ने भारत में खेलों की दशा पर सवाल किया। इस पर श्री अंसारी ने कहा कि देश में खेलों के विकास के लिए और अधिक प्रयास किए जाने चाहिए। खेलों के विकास के लिए प्रारम्भिक स्कूल के स्तर पर खेलों को बढ़ावा दिया जाए। आज शिक्षण पद्घति में माता-पिता एवं स्कूल अंकों के प्रतिशत पर ज्यादा ध्यान दें रहे हैं।
कक्षा 10 की विद्यार्थी श्रेया जैन द्वारा देश की प्रतिभाओं के पलायन संबंधी प्रश्न पर उप राष्ट्रपति ने कहा कि भारत असीमित प्रतिभाओं वाला देश हैं। उन्होंने हाल ही में मंगल अभियान की सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि यह हमारे देश की प्रतिभा से ही सम्पन्न हुआ है। उन्होंने कहा कि देश में शोध के लिए और अधिक प्रयास व अवसर उपलब्ध कराए जाने चाहिए।
कक्षा 12 के विद्यार्थी शिवम चावला ने श्री अंसारी से पूछा कि आप देश के युवाओं को क्या संदेश देना चाहेंगे ? उप राष्ट्रपति ने कहा कि युवा आशावादी बने, अपना लक्ष्य निर्धारित करें और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़े। कक्षा 11 की विद्यार्थी प्रिस्का जॉन ने पूछा कि आप अपनी कौनसी भूमिका को ज्यादा चुनौतीपूर्ण मानते हैं, ब्यूरोक्रेट या उप राष्ट्रपति ? श्री अंसारी ने कहा कि सभी दायित्वों में अलग-अलग तरह की जिम्मेदारी होती है। हमें सभी दायित्वों का गम्भीरता के साथ निर्वहन करना चाहिए।
कक्षा 11 के विद्यार्थी विक्रम सचदेव ने विदेशों के मुकाबले भारत में उच्च शिक्षा की स्थिति पर सवाल किया। श्री अंसारी ने कहा कि भारत में उच्च शिक्षा के विकास के लिए क्वालिटी को विकसित करना होगा। हम ज्यादा अनुशासित होकर शिक्षा की गुणवता बढाए। उन्होंने स्कूलों व कॉलेजों में गे्रस अंक दिए जाने को उचित नहीं ठहराया।
कक्षा 12 के छात्र कवीश सेठ ने देश में शिक्षा बजट के मुकाबले रक्षा बजट अधिक होने की बात कही। इस पर श्री अंसारी ने कहा कि देश का रक्षा बजट आवश्यक है लेकिन हमें शिक्षा का बजट और ज्यादा बढ़ाना चाहिए। देश में आरक्षण के प्रश्न पर श्री अंसारी ने कहा कि इसे रिजर्वेशन के बजाय एम्पावरमेंट कहा जाना चाहिए और यह उन सभी लोगों को प्राप्त हो जिन्हें इसकी जरूरत हैं।
उप राष्ट्रपति श्री अंसारी ने संवाद कार्यक्रम में छात्र छात्राओं द्वारा पूछे सभी 21 सवालों का उत्तर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को सीख दी कि आशावादी, अनुशासित एवं समर्पित बने एवं देश की उन्नति और प्रगति में भागीदार बने। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ”स्वच्छ भारतÓÓ अभियान की भी प्रशंसा की।
इससे पूर्व उप राष्ट्रपति श्री अंसारी, जल संसाधन मंत्री प्रो. सांवर लाल जाट के साथ मेयो कॉलेज पहुंचे। यहां मेयो कॉलेज गवर्निंग काउंसिल के अध्यक्ष श्री बृृजराज सिंह एवं प्राचार्य श्री वी.एस. लालोत्रा सहित जिला प्रशासन के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।
संवाद कार्यक्रम में मेयो कॉलेज के विद्यार्थियों ने फ्यूजन संगीत की शानदार प्रस्तुति दी। कॉलेज प्रशासन की ओर से उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। इससे पूर्व मेयो कॉलेज के ओमान हाउस पंहुचने पर गवर्निंग काउंसिल के सदस्यों ने उनका स्वागत किया एवं कार्यक्रम की जानकारी दी।

उपराष्ट्रपति मेयो कॉलेज की फ्यूजन बैंड की मधुर स्वर लहरियों से भाव-विभोर
अजमेर। उपराष्ट्रपति श्री एम. हामिद अंसारी आज सांयकाल अजमेर के मेयो कॉलेज में आयोजित समारोह में स्कूल छात्रों के फ्यूजन बैंड के आधा घण्टे के कार्यक्रम से अत्यधिक प्रभावित हुए और इसकी स्वर लहरियों में भाव-विभोर हो गये।
उपराष्ट्रपति सायंकाल लगभग साढ़े 6 बजे मेयो कॉलेज के एतिहासिक बीकानेर पवेलियन में आयोजित छात्रों के साथ संवाद कार्यक्रम में पहुंचे और वे कार्यक्रम की शुरूआत में स्कूल के ही लगभग 120 छात्रों के फ्यूजन बैंड द्वारा प्रस्तुत विभिन्न स्वर लहरियों से मंत्र मुग्ध हो गये जिसका इजहार उन्होंने कार्यक्रम के अंत में यूं कह कर किया कि ”आज मेयो कॉलेज में आकर उन्हें बहुत अच्छा संगीत सुनने को मिला है, इसके लिए वे स्कूल प्रशासन सहित सभी छात्रों के प्रति शुक्रगुजार है” ।
उल्लेखनीय है कि छात्रों के फ्यूजन बैंड कार्यक्रम की शुरूआत चिडिय़ाओं के चहचहाने के संगीत से शुरू हुई और इसके पश्चात नेपाल के परम्परागत संगीत ”रेशम फिरिरि”, भारतीय शास्त्रीय संगीत की ”राग किरवानी”, ”बिसेम मुचो एंड पिकाली एमीसी”, ”हवालन मेलोडी” ”पटर्नी शल्स”, ”भाग मिल्खा भाग” संगीत तथा ”सिफोनी पोयम पर आधारित राग कल्याणी” प्रस्तुत की गई। जिनका निर्देशन स्कूल के संगीत अध्यापक अनुराग पी. विनायक तथा रिटायर्ड लेफ्टिनेट लक्ष्मण सिंह ने किया।
चांदनी रात में मेयो कॉलेज का बीकानेर पेवेलियन ऐतिहासिक धरोहर के रूप में चमचमा रहा था।

अंसारी ने सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह की जियारत की
देश में अमन,चैन व खुशहाली की दुआ मांगी
अजमेर। उप राष्ट्रपति श्री हामिद अंसारी ने गुरूवार को प्रसिद्ध सूफी संत ख्वाजा हजरत मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह की जियारत की तथा पवित्रा मजार पर चादर चढ़ाई। उन्होंने देश में अमन,चैन व खुशहाली की दुआ मांगी।
उप राष्ट्रपति श्री अंसारी दोपहर करीब 3.30 बजे ख्वाजा साहब की दरगाह पहुंचे। उनके साथ राज्य के जल संसाधन मंत्राी प्रो. सांवर लाल जाट व अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। श्री अंसारी ने आस्ताना शरीफ में पवित्रा मजार पर माथा टेक कर दुआ मांगी।
आस्ताना शरीफ में जियारत के पश्चात उप राष्ट्रपति श्री अंसारी का साहबजादी साहब की दालान में अंजुमन कमेटी की ओर से इस्तकबाल किया गया। अंजुमन कमेटी के सचिव वाहिद अंगारा व अन्य पदाधिकारियों ने उन्हें आस्ताना शरीफ की प्रतिकृति एवं सपासनामा भेंट किया।
इसके पश्चात बुलंद दरवाजे पर दरगाह कमेटी सदर श्री असरार अहमद खान, दरगाह नाजिम श्री अशफाक हुसैन एवं सहायक नाजिम डाॅ. मोहम्मद आदिल आदि ने उप राष्ट्रपति की दस्तारबंदी कर स्वागत किया। निजाम गेट पर दरगाह दीवान श्री जैनुअल आबेदीन ने उप राष्ट्रपति की दस्तारबंदी की एवं उन्हें पुस्तक भेंट की। श्री अंसारी को जियारत खादिम मुकद्दस मोईनी ने कराई।
इस अवसर पर महापौर श्री कमल बाकोलिया, जिला कलक्टर श्री भवानी सिंह देथा, पुलिस अधीक्षक श्री महेन्द्र सिंह चैधरी, अतिरिक्त जिला कलक्टर शहर श्री हरफूल सिंह यादव, जिला रसद अधिकारी श्री सुरेश सिंधी, आरपीएससी के उप सचिव श्री भगवत सिंह राठौड़, अल्पसंख्यक विभाग के उप निदेशक श्री जेड बी मिर्जा, एससीडीसी की परियोजना प्रबंधक श्रीमती दीप्ति शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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