चांद को दिया अध्र्य, मांगी सुहाग की सलामती

अध्र्य के बाद छलनी में पति का मुंह देखकर पूजा करती महिला। फोटो पी एस राजपुरोहित
अध्र्य के बाद छलनी में पति का मुंह देखकर पूजा करती महिला। फोटो पी एस राजपुरोहित

ब्यावर, (हेमन्त साहू)। शहर में सौभाग्य की कामना को लेकर सुहागिन महिलाओं ने शनिवार को करवा चौथ का व्रत किया। दिन भर निर्जल, निराहार रह कर रात में चांद के दर्शन कर सुहाग की लंबी आयु मांगी। चंद्र दर्शन के बाद चौथ की कथा कही तथा सुनी गई। इसके बाद पति के हाथ से पानी पीकर अन्न ग्रहण किया। चांद को देखने के लिए महिलाएं रात 9 बजे से ही छतों पर गई थीं। अधिकतर जगहों पर परिवार के साथ चांद की पूजा की गई। चांद के दीदार होने के साथ ही हर ओर छतों पर महिलाओं की भीड़ दिखी। इसके बाद मिट्टी से बने करवे से चांद को अर्घ्य दिए गए। अर्घ्य के बाद छाननी में पति का मुंह देखकर उन्हीं के हाथ से पानी ग्रहण किया। इससे पहले बड़े-बुजुर्गों से आशीर्वाद लेने का क्रम भी चला। सुहागिनों ने इस दिन लहरिया, कांचली, चुंदड़ तथा वेश पहने। दीवारों पर चौथ माता की तस्वीरें बनाई गई। चौथ माता की सफेद पुष्प, गंध, अक्षत, कुमकुम, हल्दी, श्रीफल, सिंदूर तथा दीपक से आरती की। चतुर्थी का व्रत होने से सर्वप्रथम भगवान गणेश की आराधना की गई। माता को हलवे सहित अन्य मिठाइयों का भोग लगाया गया। घरों सहित मंदिरों में भी अनुष्ठान हुए। अच्छे वर की कामना को लेकर कन्याओं ने भी यह व्रत रखा। मंदिर जाकर ठाकुरजी को जल भी चढ़ाया गया।

error: Content is protected !!