जिला स्तरीय समीक्षा समिति एवं जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित
डाॅ मलिक आज जिला कलेक्टेªट सभागार में जिला स्तरीय समीक्षा समिति एवं जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक के दौरान बैंकर्स को संबोधित कर रही थी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय व राजकीय योजनाओं में बैंकर्स का सक्रिय सहयोग व भागीदारी आवश्यक है। जिले में भामाशाह योजना के तहत आयोजित भामाशाह नामांकन शिविरों में बैंकों द्वारा नये खाते खोले जा रहे हैं लेकिन उक्त खातों के संबंध में निर्धारित प्रारूप में सूचनाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।
उन्होंने कहा कि ग्रामपंचायत व वार्डवार आयोजित भामाशाह नामांकन शिविरों के दौरान आमजन के नवीन बैंेक खातों की सूचना के अन्तर्गत शिविर स्थान, शिविर अवधि, शिविर में खोले गए कुल नवीन खातों की संख्या, बैंक द्वारा कितने खातों की सूचना उपलब्ध कराई जा चुकी है, बैंक द्वारा कितने खातों की सूचना उलब्ध कराया जाना शेष है, कितने नवीन बैंक खातों की पासबुक का वितरण हुआ आदि को शामिल करना आवश्यक है। इसके बाद भामाशाह पोर्टल पर सभी बैंक खातों को संबंधित नामांकन एजेन्सी के आॅपरेटरों द्वारा सीडिंग किया जाना भी सुनिश्चित करना होगा।
जिला रसद अधिकारी श्री सुरेश सिन्धी ने बेंकर्स को संबोधित करते हुए कहा कि आगामी एक जनवरी 2015 से उपभोक्ताओं को गैस सिलेन्डर अनुदानित दर से नहीं मिलेंगे, क्योंकि डीबीटी (डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर) योजना के तहत उपभोक्ता के बैंक खाते में सब्सिडी की राशि प्रदान की जाएगी। इस संबंध में जिले के गैस उपभोक्ताओं के सब्सिडी की राशि हेतु बैंक के माध्यम से आधार कार्ड संख्या को लिंक कराना आवश्यक होगा। जिन उपभोक्ताओं के पास आधार कार्ड नम्बर नहीं है वे एलपीजी उपभोक्ता गैस कम्पनी से 17 डिजिट का नम्बर प्राप्त कर बैंक खाते को लिंक करवा सकेंगे। उक्त कार्य को बेंकर्स की सक्रिय भागीदारी के साथ 31 दिसम्बर 2014 तक पूर्ण किया जाना है, जिससे कोई उपभोक्ता सबसिडी राशि से वंचित ना रहे। उपनिदेशक सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता विभाग श्रीमती विजयलक्ष्मी गौड़ ने कहा कि मुख्यमंत्राी विशेष योग्यजन व अन्य ऋण योजनाओं के आवेदन जिन बैंक में लंबित है, बैंकर्स उन आवेदनों को शीघ्र स्वीकृत कर योजनाओं के लाभार्थियों को राहत प्रदान करें।
इससे पूर्व अग्रणी जिला बैंक प्रबंधक श्री एल. के. सिंघल ने वार्षिक साख योजना वर्ष 2014-15 की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की एवं सरकार द्वारा प्रायोजित कार्यक्रमों की सितम्बर 2014 तक कि प्रगति रिपोर्ट को भी प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि रिजर्व बैंक के मापदंडो के अनुसार न्यूनतम जमा-ऋण अनुपात 60 प्रतिशत होना चाहिए लेकिन बैंकर्स सितम्बर 2014 तक 53.7 प्रतिशत के लक्ष्य तक ही सीमित रहे हंै जिसमें वृद्धि की काफी संभावनाएं है। साथ ही उन्होंने सभी बैंकर्स को निर्धारित प्रारूप में भामाशाह नामांकन शिविरों में खोले गए खातों की सूचना शीघ्रताशीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश प्रदान किए।
इस अवसर पर मुख्य बैंकिग आंकडों की प्रगति, अनुसूचित जाति, जनजाति विकास निगम की योजनाओं की प्रगति, लघु उद्यमियों को वित्त पोषण, भामाशाह योजना एवं प्रधानमंत्राी जनधन योजना एवं सरकार द्वारा प्रायोजित कार्यक्रमों की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा भी की गई।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर श्री किशोर कुमार, रिजर्व बैंक आॅफ इंडिया के प्रतिनिधि श्री सुधाकर गोयल, नाबार्ड के प्रतिनिधि श्री वी. बी. खरबंदा, इंडियन आॅयल काॅर्पोरेशन से श्री वाय. सुभाष समेत विभिन्न बेंकों के प्रतिनिधि उपस्थिति थे।