सरपंच बंशीवाल के कार्यकाल में जारी पट्टे होंगे निरस्त

सरपंच विनोद बंशीवाल
सरपंच विनोद बंशीवाल

ब्यावर, (हेमन्त साहू)। जिला कलेक्टर ने जवाजा पंचायत के सरपंच विनोद कुमार बंशीवाल के कार्यकाल में जारी सभी पट्टों को निरस्त करने के आदेश दिए हैं। कलेक्टर ने इन सभी पट्टों को नियम विरुद्ध माना है।
जिला परिषद के सीईओ एलआर गूगरवाल ने बताया कि सरकार के विरुद्ध लॉ ऑफ एस्टॉपड का नियम लागू नहीं होता, इसलिए यदि किसी को नियम विरुद्ध या विधि विरुद्ध पट्टा आवंटित हुआ है तो उक्त आधार पर सरकार किसी भी समय पट्टा वापस ले सकती है। सीईओ ने बताया कि उक्त आदेशानुसार सरपंच विनोद बंशीवाल के कार्यकाल में जारी हुए सभी अनियमित पट्टों को गत 10 नवम्बर को ही निरस्त कर दिए गए थे। इसके साथ ही पंचायत प्रशासन को पट्टों पर किसी को काबिज नहीं होने देने के स्पष्ट निर्देश जारी किए थे। इस आशय की सूचना जिला परिषद ने ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज विभाग के अवर सचिव श्रवण कुमार बुनकर, संभागीय आयुक्त, जिला कलेक्टर, जवाजा पंचायत समिति की विकास अधिकारी राजबाला मीणा, सरपंच विनोद कुमार बंशीवाल और ग्राम सेवक हुकमा राम को दे दी गई है।

सरपंच विनोद निलंबन के बाद हुए थे बहाल:-
गौरतलब है कि जवाजा पंचायत में बहुचर्चित पट्टा प्रकरण में गत 17 जुलाई को ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज विभाग के अवर सचिव श्रवण कुमार बुनकर ने पट्टा प्रकरण की जांच में तत्कालीन सरपंच विनोद बंशीवाल को निलंबित कर दिया था। इसके बाद कार्यवाहक सरपंच की नियुक्ति को लेकर दो माह तक ग्राम पंचायत में राजनीतिक गठजोड़ बनते बिगड़ते रहे। आखिर 11 सितंबर को जिला कलेक्टर ने वार्ड पंच चौथमल बंशीवाल को कार्यवाहक सरपंच नियुक्त करने के आदेश दिए थे। एक माह बाद 07 अक्टूबर को ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज विभाग के अवर सचिव बुनकर ने निलंबित सरपंच विनोद कुमार बंशीवाल के विरुद्ध पेश परिवाद को समाप्त करके बहाल करने के आदेश जारी किए थे। सरपंच विनोद बंशीवाल के खिलाफ जवाजा निवासी देवीसिंह पुत्र शेरसिंह पंवार ने जिला प्रशासन को शिकायत दी थी। गत वर्ष जनवरी में पंचायत मुख्यालय पर आयोजित हुए प्रशासन गांवों के संग अभियान के दौरान बेशकीमती भूमि को उसी दिन आबादी घोषित करवाकर उसी भूमि पर नियम विरुद्ध अपने चहेतों को सैकड़ों पट्टे जारी करने, पट्टाधारियों से सुविधा शुल्क वसूलने, पहाड़ी चरागाह सिवायचक भूमि पर हुए मनरेगा जलग्रहण योजना के विकास कार्यों को ध्वस्त करके जमीन का समतलीकरण करके उक्त भूमि पर पट्टा जारी करने, पांच सौ वर्ग गज तक के पट्टे जारी करने, बाहरी व्यक्तियों, सरपंच वार्ड पंचों के परिजनों नाम पर पट्टे जारी करने सहित दर्जनभर आरोप लगाए थे।

35 विद्यार्थियों को स्वेटर कॉडीजन वितरित
ब्यावर, (हेमन्त साहू)। सर्वोदय सेवा संस्थान ब्यावर द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को सर्दी सुरक्षा के लिए चलाए जा रहे 8 वें सर्दी सुरक्षा अभियान के तहत स्वेटर बांटे गए। बुधवार को कंचन देवी मोदी के सौजन्य से राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय नेहरू नगर में 35 विद्यार्थियों को स्वेटर कॉडीजन वितरित किए गए। मुख्य अतिथि अजय कुमार मोदी, नरेंद्र आर्य, अनंतराज पोद्दार, रामेश्वर प्रसाद वर्मा, त्रिवेणी प्रसाद, रमेशचंद्र दाधीच, सुरेंद्र यादव, हजारी सिंह रावत, भंवर सिंह चौहान का आभार जताया।

गीता सार्वभौम ग्रंथ व जीवन का आहार है:- चैतन्य महाराज
ब्यावर, (हेमन्त साहू)। संसार में संबंध महत्वपूर्ण नहीं हैं, श्रीमद्भागवत गीता शांति प्रदाता ग्रंथ हैं। गीता से संबंध का महत्व अनुपम है। जीवन निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। यह बात वाराणसी के संत सुगंध चैतन्य महाराज ने गीता जयंती महोत्सव के अवसर पर गीता भवन में आयोजित कार्यक्रम में प्रवचन देते हुए कहा कि हमारा जीवन प्रभु की भक्ति में लगे। पुनर्जन्म की विचारधारा सार्वभौम है। गीता इस तत्व का प्रतिपादन करती है। यह गीता जयंती का 5151 वर्ष है। गीता हमारे जीवन का परिचय कराती है। गीता पठन, श्रवण, मनन मानव जीवन का कल्याण करता है। गीता संसार में सार्वभौम ग्रंथ के रूप में मान्य है। गीता जीवन का आहार और अभिन्न हिस्सा है। जो सभी समस्याओं का समाधान बताती है। गीता मां की तरह सदैव मार्गदर्शन करती है। गीता वेदों का सार है। इसमें कर्मकांड, उपासना, कांड ज्ञान कांड है। आज की धर्मसभा से पूर्व संस्था अध्यक्ष गुमानमल झंवर, रामप्रसाद मित्तल, सुरेश चंद कांकाणी, रमेश भराडिय़ा, लक्ष्मीनारायण बल्दुआ, किशन गोपाल मंत्री, रामकुमार बिहाणी, नौरतमल काला, गोविंद लाल बिहाणी, बालकिशन राठी, लादूराम सोमानी ने महाराज का स्वागत किया। गीता भवन में प्रतिदिन सुबह 8.30 से 10 बजे तक प्रवचन चल रहे हैं।

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