प्रदूषण मुक्त तीर्थ हो पुष्कर
धरोहर संरक्षण एवं प्रोन्नति प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री औंकार सिंह लखावत, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिता भदेल, विधायक सुरेश रावत, जिला कलक्टर डॉ. आरूषि ए. मलिक ने ली बैठक
अजमेर। पवित्र तीर्थ स्थल एवं तीर्थों के गुरू कहलाने वाले पुष्कर को प्रदूषण मुक्त तीर्थ के रूप में विकसित करने के प्रयास किए जाएंगे। पुष्कर सरोवर में गिरने वाले वर्षा के पानी के साथ गंदे पानी को रोकने के लिए योजना का प्रारूप आगामी एक सप्ताह में बनाया जाएगा तथा पुष्कर विकास बोर्ड को पुर्नजीवित करने के लिए मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे से अनुरोध किया जाएगा।
राजस्थान धरोहर संरक्षण एवं प्रोन्नति प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री औंकार सिंह लखावत, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिता भदेल, पुष्कर के विधायक श्री सुरेश सिंह रावत, पुष्कर नगर पालिका के नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्री कमल पाठक, जिला कलक्टर डॉ. आरूषि ए. मलिक की उपस्थिति में आज पुष्कर में आयोजित बैठक में पुष्कर तीर्थ के विकास की परिकल्पना के संबंध में विस्तार से विचार विमर्श कर यह निर्णय लिया कि पुष्कर जैसे तीर्थ को प्रदूषण मुक्त तीर्थ के रूप में विकसित करने के लिए उच्च स्तर पर प्रयास किए जाए और इसमें पुष्कर के प्रत्येक नागरिक का सहयोग जरूरी होगा जो बाहर से आने वाले श्रद्घालुओं और पर्यटकों को भी इसके लिए प्रेरित करेगी।
राजस्थान धरोहर संरक्षण एवं प्रोन्नति प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री लखावत ने कहा कि पुष्कर को प्रदूषण से मुक्त करने के लिए शहर में ई-रिक्शा चलाए जाएं जो बैट्री से संचालित हो। इसके अतिरिक्त अन्य उपाय भी सभी नागरिकों द्वारा किए जाएं। उन्होने कहा कि वर्षा के पानी के सड़कों पर ओवरफ्लो होकर पुष्कर सरोवर में गिरने के संबंध में नागरिकों द्वारा बताया गया कि इस पानी के साथ वर्षा के समय में नालियों का गंदा पानी भी सरोवर में गिर जाता है जिसे तत्काल रोका जाएं। श्री लखावत ने कहा कि पुष्कर तीर्थ जन-जन की आस्था का प्रतीक है और सरोवर में शुद्घ पानी ही रहना चाहिए जिसमें लाखों तीर्थ यात्री आकर श्रद्घापूर्वक स्नान करते हैं। उन्होंने बैठक में मौजूद अजमेर विकास प्राधिकरण व नगर पालिका के अभियन्ताओं से कहा कि वे 7 दिन में ऐसी योजना का प्रारूप बनाकर दे जिससे पुष्कर की सड़कों पर बहने वाले वर्षा का पानी कहीं अन्य स्थान पर एकत्रित हो और सरोवर में नहीं गिरे। गंदा पानी अन्य स्थान पर एकत्रित होने से आसपास के सभी क्षेत्रों का जल स्तर भी बढेगा।
श्री लखावत ने कहा कि राज्य की मुख्यमंत्री श्रीमती वसुधंरा राजे से अनुरोध करके पुष्कर विकास बोर्ड जो कि पूर्व में होता था, को पुर्नजीवित करने का अनुरोध किया जाएगा। इस बोर्ड के अध्यक्ष स्वयं मुख्यमंत्री होते हैं। उन्होंने कहा कि सभी जनप्रतिनिधियों व नागरिकों के सयुंक्त प्रयासों से ही पुष्कर के विकास की परिकल्पना की जा सकती है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिता भदेल ने पुष्कर के सर्वांगीण विकास पर जोर देते हुए कहा कि हाल ही में खोले गए महाविद्यालय के लिए तत्काल जमीन उपलब्ध कराना आवश्यक है ताकि कार्य शुरू हो सके। चालू बजट में इसके लिए एक करोड़ से भी अधिक की राशि आवंटित की गई है जिसका शुभारम्भ समय पर होना जरूरी है। उन्होंने पुष्कर शहर के नालों-नालियों तथा पूर्व में डाली गई सीवरेज लाईन के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट शीघ्र बनाने की आवश्यकता बताई।
श्रीमती भदेल ने कहा कि 30 नवम्बर को मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे की अजमेर यात्रा के दौरान उन्होंने पुष्कर के विकास की परिकल्पना के लिए ठोस कदम उठाने को कहा, जिसके संदर्भ में बैठक का आयोजन किया गया है। यहां की प्रत्येक समस्या का समाधान स्थानीय, जिला स्तर व राज्य स्तर पर कराने के लिए पूरे प्रयास करेंगी।
पुष्कर के विधायक श्री सुरेश सिंह रावत ने बैठक से पूर्व ही पुष्कर के नागरिकों व नगर पालिका के नवनिर्वाचित बोर्ड की उपस्थिति में पुष्कर शहर के विकास के लिए विस्तार में चर्चा की और यहां के विकास कार्याें व समस्याओं को सूचीबद्घ किया।
विधायक श्री रावत ने पुष्कर शहर के सभी वार्ड से ”डोर-टू-डोरÓÓ योजना के तहत कचरा उठाने के कार्य को शुरू करने को कहा तथा मुख्य बाजार में स्थान-स्थान पर कचरा पात्र रखने, सार्वजनिक शौचाल्यों की नियमित सफाई करने, जिन क्षेत्रों में सार्वजनिक सुविधाओं की आवश्यकता है वहां इनका निर्माण कराने के लिए नगरपालिका से कहा।
जिला कलक्टर डॉ. आरूषि ए. मलिक ने कहा कि पुष्कर का विकास सुनियोजित तरीके से किया जाना है। यहां देश ही नहीं सम्पूर्ण विश्व के श्रद्घालु और पर्यटक पूरे वर्षभर आते हैं। इसलिए इसकों ऐसा तीर्थस्थल बनाया जाएं जो तीर्थ यात्रियों की आस्था व आध्यात्मिकता से परिपूर्ण हो। उन्होंने अजमेर विकास प्राधिकरण, सार्वजनिक निर्माण विभाग, नगर पालिका, अजमेर विद्युत वितरण निगम, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों से चलाएं जा रहे कार्याें के बारे में विस्तार से चर्चा की।
पुष्कर नगरपालिका के नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्री कमल पाठक ने विश्वास दिलाया कि वे पुष्कर के विकास के लिए पूरी तरह से कटिबद्घ है और अपनी पूरी टीम के साथ तेजी से यहां के विकास को अंजाम आम नागरिकों के सहयोग से करेंगे।
बैठक में उपखण्ड अधिकारी श्री संजय माथुर ने बताया कि सुबह से चल रही चर्चा में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि पुष्कर शहर के मुख्य बाजार में प्रात: से सायं तक तीन पहिया व चार पहिया वाहनों के चलन पर तथा दुपहिया वाहनों के सड़क पर पार्किंग पर पूरी तरह से पाबंदी रहेगी। दुपहिया वाहनों की पार्किंग के लिए उपयुक्त स्थान निर्धारित किए जाएंगे।
राजस्थान धरोहर संरक्षण व प्रोन्नति प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री औंकार सिंह लखावत ने कहा कि पुष्कर का चहुंमुखी विकास निर्धारित मास्टर प्लान के अनुरूप हो बूढा पुष्कर से तिलोरा तक बायपास शीघ्र प्रारम्भ हो जिससे बीकानेर की ओर जाने-आने वाले सभी भारी वाहन बायपास से निकले और पुष्कर को ऐसे वाहनों से निजात मिल सके। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रयास होगा कि पिछले दो माह में पुष्कर के विकास के लिए ऐसी बैठक की जाएं। उन्होंने बताया कि बूढा पुष्कर सरोवर में पानी लाने के लिए कंटूर सर्वे का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। पुष्कर में चौबीस कोसी परिक्रमा का कार्य विभिन्न चरणों में पूरा करने की ओर प्रयास किया जाएगा। जिसकी डीपीआर उनके विभाग द्वारा शीघ्र बनाई जाएगी।
श्री लखावत ने यह भी कहा कि देश के सभी प्रान्तों की राज्य सरकारों से अनुरोध किया जाएगा कि वे पुष्कर में अपने प्रान्त का एक भवन का निर्माण करें जिससे पूरे देश से आ रहे तीर्थ यात्रियों को यहां ठहरने की सुविधा मिल सकें।
बैठक में अजमेर विकास प्राधिकरण की आयुक्त श्रीमती स्नेहलता पंवार ने प्राधिकरण की ओर से यहां चलाएं जा रहे विभिन्न कार्याें के बारे में विस्तार से बताया। नगरपालिका के पूर्व पालिकाध्यक्ष श्री जनाद्र्घन शर्मा, सूरज नारायण पाराशर, अरूण पाराशर, कृष्ण कुमार, जयनारायण दग्दी सहित अनेक नागरिकों ने अपने सुझाव दिएं। पालिका उपाध्यक्ष मुकेश कुमावत भी मौजूद थे। नगरपालिका अध्यक्ष श्री कमल पाठक ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।