अजमेर 14 मई। कमला नेहरू टीबी अस्पताल में भर्ती मरीज नाथूलाल की जलने से हुई मौत के बाद प्रषासन द्वारा मुआवजा राषी पचास हजार की घोषणा को कांग्रेस ने नाकाफी बताते हुऐ सरकार से पांच लाख मुआवजा तथा मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की है कांग्रेस का मानना है कि चिकित्सकों द्वारा की जा रही जांच में सही कारणों का खुलासा नहीं हुआ है जांच के नाम पर केवल लीपापोती की गई है।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष विजय जैन ने हादसे का षिकार हुऐ नाथूलाल के माता किष्नी देवी, पत्नि और बच्ची से शनिवार को उनके घर जाकर मुलाकात की उन्होने आष्चर्य व्यक्त किया की प्रषासन ने मुआवजा राषी अभी तक मुहैया नहीं करवाई है जबकि मृतक परिवार के आर्थिक हालात बहुत खराब हैं प्रषासन द्वारा केवल मुआवजे की खोखली घोषणाऐं की जा रही हैं। कांग्रेस अध्यक्ष जैन शोक संतप्त परिवार के प्रति समूची कांग्रेस की ओर से संवेदना प्रकट करते हुऐ हर संभव मदद का आष्वासन दिया और मृतक की बेटी की पढ़ाई मे पूरा सहयोग करने की घोषणा की।
एक ब्यान जारी कर कांग्रेस अध्यक्ष ने जांच समितियों पर मामले को दबाने सही कारणों का खुलासा नहीं करके वास्तविकता छिपाने का आरेप लगाया मामले की जांच कर रही कमेटी ने औपचारिकता ही निभाई है। जांच कमेटी ने आनन फानन मे प्रेषित रिपोर्ट में दर्जनभर लोगों के बयान तो दर्ज कर औपचारिकता की लेकिन प्रथम दृष्टया लापरवाही किस स्तर पर हुई इसका कहीं पर भी खुलासा नहीं किया जो दोषियों को बचाने वाला है। जबकि मृतक नाथूलाल के परिजनो ने कांग्रेस अध्यक्ष विजय जैन से की षिकायत में इस हादसे के लिए कमला नेहरू अस्पताल प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है।
उन्होने आरोप लगाया कि जांच समिति उस समय ही संदेह के घेरे मे आ गई जब जेएलएन मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. केसी अग्रवाल ने कमला नेहरू टीबी अस्पताल के सैकेंड यूनिट के हेड डॉ. नीरज गुप्ता को जांच दल का सदस्य मनोनित किया इससे स्पष्ट है कि अस्पताल प्रषासन जांच निष्पक्ष नही चाहता था और तुरंत दी गई जांच रिपोर्ट में वही हुआ जैसा सरकार के नुमाईंदे चाहते थे। क्योकि जिस अस्पताल में घटना घटित हुई अगर वहीं के चिकित्सक को जांच अधिकारी बनाया जाऐगा तो जांच रिपोर्ट किसी हालत मे निष्पक्ष हो ही नहीं सकती। क्योंकि जांच कमेटी ने मृतक मरीज नाथूसिंह को डिप्रेशन का शिकार बताया है जबकि एक दिन पहले घटना वाले दिन नर्सिंग स्टाफ मेल ग्रेड फर्स्ट ने जब मरीज को मनोरोगी बताया था तब सैकंड यूनिट प्रभारी एवं जांच कमेटी के सदस्य डॉ. नीरज गुप्ता ने नर्सिंग स्टाफ की इस बात का खंडन किया था और मरीज को निमोनिया का ही मरीज बताया था को और शुक्रवार को उन्हीं की जांच रिपोर्ट में मरीज को डिप्रेशन का पेशेंट बताना जांच की निष्पक्षता पर सैंकड़ों सवाल उठाता है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने सम्पूर्ण मामले की लीपापोती का आरोप लगाते हुऐ कहा कि हर स्तर से घोषित हुई जांच कमेटियां मामले के दोषियों को बचाने मे लग गई है क्योंकि मृतक दलित परिवार से है और सरकार इस मामले को वास्तविकता सामने आऐ बगैर ही दफन कर देना चाहती है उन्होने कहा कि चिकित्सा मंत्री राजेंद्र सिंह राठौड़ के निर्देश पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. गजेंद्र सिंह सिसोदिया ने शुक्रवार को प्रारंभिक जांच आरंभ की है डॉ. सिसोदिया ने घटनास्थल का निरीक्षण करते ही प्रारंभिक जांच में यह मान लिया कि हादसा बीड़ी पीने से ही हुआ है स्टोर रूम में महज एक ही दरवाजा था और कोई खिड़की भी नहीं थी। जिससे मामले की जांच में लीपापोती सिद्ध होती है।
शहर कांग्रेस ने सरकार से सम्पूर्ण मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग करते हुऐ दलित परिवार से ताल्लुक रखने वाले मुतक नाथूलाल कोली के परिवार को पांच लाख रूपये का मुआवजा तत्काल देने की मांग की है। मृतक के घर गऐ कांग्रेसी नेताओं में श्याम प्रजापति, बिपिन बैसिल, मुजफ्फर भारती, अंकुर त्यागी, निरमल बैरवाल, दिनेष वासन, षिवराज भडाना, मनीष सेठी शामिल थे। शहर कांग्रेस अध्यक्ष ने मृतक की पुत्री को पढ़ाई मे पूरा सहयोग देने का आष्वासन उसके परिवार को दिया।
विजय जैन
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