अजमेर, 26 मई। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्या श्रीमती रूपा कपूर ने गुरूवार को सर्किट हाउस में मीडिया कमिर्यों के साथ बातचीत में जवाहर लाल नेहरू चिकित्सालय की पुख्ता पर्यवेक्षण की आवश्यकता प्रतिपादित की।
उन्होंने कहा कि जवाहर लाल नेहरू चिकित्सालय के शिशु वार्ड के अवलोकन के दौरान कुछ बिन्दुओं पर सुधार की आवश्यकता बतायी गई थी जिन पर तुरन्त कार्यवाही करते हुए जिला प्रशासन द्वारा 100 मच्छरदानियां, 20 हाउस फ्लाई कैचर तथा 500 हाई जेनिक तौलिए खरीदे गए है। वार्ड में पर्दे लगाने का कार्य शुरू हो गया। परिजनों के लिए रैन बसेरों की सुविधा उपलब्ध करायी गई है। शिशु वार्ड के आसपास सफाई व्यवस्था बनी रहे इसके लिए परिजनों को वार्ड के बाहर भोजन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि चिकित्सालय पर संभाग के मरीजों का क्षमता से अधिक भार है। इसको कम करने के लिए जिला चिकित्सालयों तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के स्तर पर मरीजों की पर्याप्त देखरेख की जानी चाहिए तथा आवश्यकता होने पर ही मरीजों को संभाग स्तर पर रैफर किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि शिशु वार्ड का विस्तार करके एक आपातकालीन शिशु यूनिट स्थापित की जानी चाहिए । शिशुओं तथा माताओं के कुपोषण स्तर को सामान्य करने के लिए जमीनी स्तर पर जागरूकता पैदा करने की आवश्यकता बतायी इसके लिए उन्होंने आंगनबाड़ी केन्द्रों तथा उपस्वास्थ्य केन्द्रों पर कार्यरत कार्मिकों एवं जनप्रतिनिधियों का प्रशिक्षण आयोजित किया जाए। उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा स्थापित नियंत्राण कक्ष की सराहना करते हुए मरीजों की समस्याओं के समाधान के लिए चिकित्सालय स्तर पर समस्या-समाधान डेस्क शुरू करने का सुझाव दिया।
इस अवसर पर राज्य बाल संरक्षण आयोग के सदस्य श्री शिवपाल सिंह एवं अतिरिक्त जिला कलक्टर श्री एन.एल.राठी भी उपस्थित थे।