अमृता हाट कर रहा है परम्परागत व्यवसायों को पुनर्प्रतिष्ठापित – श्री चतुर्वेदी

मित्रनगर की निषू ने जीता बम्पर ड्रॉ में लेनोवा मोबाईल
Arun Chaturvediअजमेर, 27 अक्टूबर। अमृता हाट के माध्यम से महिलाओं का हुनर घर के बाहर आकर आर्थिक गतिविधि में तब्दील हो रहा है साथ ही
परम्परागत व्यवसाय पुनः प्रतिष्ठापित हो रहे हैं। यह परम्परागत व्यवसाय डिग्री की दौड़ में पिछड़ गये थे। अमृता हाट के माध्यम से बाजार
उपलब्ध होने के कारण यह पुनः अपना स्थान बना रहे हैं।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री अरूण चतुर्वेदी ने गुरूवार को वैषाली नगर, स्थिति अरबन हाट में आयोजित छः
दिवसीय अमृता हाट के समापन समारोह में बम्पर ड्रॉ निकालते हुये यह बात कही। उन्होनें कहा कि स्वयं सहायता समूहों के द्वारा निर्मित
सामग्री की एक सीमित रेंज होती थी। इसे अमृता हाट ने बाजार उपलब्ध करवाया और उत्पादों की सीमा पापड़ और मुगोड़ी से बाहर
निकलकर घर-गृहस्थी से जुड़े अनगिनत सामानों तक आ गयी। महिलाओं को उत्पादक से उद्यमी बना दिया। इससे पूर्व उन्होनें महिला एवं
बाल विकास विभाग मंत्री श्रीमती अनिता भदेल, नगर निगम के उपमहापौर श्री सम्पत सांखला के साथ अमृता हाट की स्टॉल्स का
अवलोकन किया।
उन्होनें कहा कि मेक इन इंडिया के द्वारा कौषल प्राप्त करके आज का युवा सरकारी नौकरी पर निर्भर नहीं रहा है। वह नौकरी
करने वाला न होकर, नौकरी देने वाला बन गया है। स्वयं सहायता समूहों ने उपभोक्ताओं को विदेषी सामान के मुकाबले उच्च गुणवत्ता
वाली वस्तुएं कम कीमत में उपलब्ध करवाकर एक विकल्प प्रदान किया है। भारत में निर्मित सामग्रियां बाजार में पुनः अपनी जगह बनाने
लगी है। इसका श्रेय स्वयं सहायता समूहों की तरह छोटे स्तर पर उत्पादन करने वाले उद्यमियों को जाता है।
महर्षि दयानन्द सरस्वती विष्वविद्यालय के उद्यमिता केन्द्र के निदेषक प्रो. बी.पी. सारस्वत ने कहा कि कौषल का विकास होने
से तथा अमृता हाट के माध्यम से बाजार उपलब्ध होने से अच्छी किस्म का माल बाजार से कम दर पर मिलने से शहर वासियों को लुभाता
है। समृद्ध और विकसीत भारत नवयुवकों के हाथ में रोजगार होने से ही बनेगा।
समापन समारोह में प्रतिदिन आयोजित होने वाले लक्की ड्रॉ में सहयोग प्रदान करने वाले महाषक्ति ज्वैलर्स, वीरूमल रत्तूमल एवं
रसोई रेस्टोरेंट को सम्मानित किया गया। साथ ही सर्वादिक व्यवसाय करने वाले प्रथम तीन स्वयं सहायता समूहों को भी सम्मानित किया
गया। जयपुर के गुजराती महिला स्वयं सहायता समूह ने एक लाख 48 हजार का व्यवसाय कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। द्वितीय स्थान पर
अजमेर के गणपति महिला स्वयं सहायता समूह ने एक लाख 37 हजार तथा तृतीय स्थान पर रहे कोटा के तरन्नुम महिला स्वयं सहायता
समूह ने एक लाख 21 हजार का व्यवसाय किया।
समापन समारोह में प्रतिदिन एक हजार से अधिक की खरीददारी करने वाले ग्राहकों के लिये नियमित लक्की ड्रॉ निकाला गया,
जिसमें अषोक कुमार शर्मा ने प्रथम पुरस्कार चांदी का सिक्का, फरहीन चिष्ती ने रेमण्ड का सूट लेन्थ तथा ब्यावर की आषा देवी ने तृतीय
पुरस्कार एक युगल के लिये रसोई रेस्टोरेंट में डिनर प्राप्त किया।
अमृता हाट में प्रतिदिन खरीददारी करने वाले ग्राहकों के लिये बम्पर पुरस्कार भी रखा गया था। इसके लिये समापन समारोह के
अवसर पर उपस्थित अतिथियों के द्वारा ड्रॉ निकाला गया। ड्रॉ में मित्र नगर के निषू ने लेनेवो एन्ड्रोइड मोबाईल का प्रथम पुरस्कार जीता।
द्वितीय पुरस्कार के रूप में डिनर सेट मधु ईनाणी के नाम रहा। इसी प्रकार बीस ग्राम चान्दी के सिक्के का तृतीय पुरस्कार माधवी गोपालन
के नाम खुला।
इस अवसर पर सौमरत्न आर्य, जिला परिषद् के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजय माथुर महिला अधिकारिता विभाग
की कार्यक्रम निदेषक उषा राव, कार्यक्रम अधिकारी जितेन्द्र शर्मा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उपनिदेषक संजय सांवलिया,
सी.डी.पी.ओ. नितेष यादव सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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