
शहर कांग्रेस के अध्यक्ष विजय जैन ने रविवार को जारी बयान में कहा कि भाजपा सरकार द्वारा प्रशासनिक मषीनरी को संकीर्ण राजनीतिक स्वार्थ की पूर्ति के लिये लगातार इस्तेमाल किया जाता रहा है। उसी कड़़ी में भारतीय जनता पार्टी न अपनी सरकार के साथ मिलकर संगठन के राजनीतिक आयोजन को सरकारी जामा पहना कर समूचे प्रषास्निक तंत्र को इस काय्रक्रम मे झोंक दिया है। जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण है कि जिला प्रषासन लोकहित से जुड़े सारे कामकाज छोड़ कर महारानी की अजमेर यात्रा की तैयारियों मे लगे हुऐ है और जनता की गाड़ी कमाई के पैसे का नाजायज खर्च किया जा रहा है।
जैन ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की अजमेर यात्रा तय रूप से भाजपा का राजनीतिक महत्वकांक्षा का कार्यक्रम है वह इस तथ्य से जाहिर होता है कि शुरू से भाजपा का स्थानीय संगठन इस कार्यक्रम की तैयारियों मे बैठकें आयोजित कर संगठन के मंडल अध्यक्षों को आयोजन सफल करने की जिम्मदारियां दे रहा था। भाजपा की सभा की तैयारियों को लेकर जो पहली बैठक आयोजित की गई थी, उसमें पार्टी के विधायकों ने बढ़ चढ़कर भीड़ जुटाने का लक्ष्य तय कर लिया था। सभी विधायकों ने जो भीड़ लाने की हामी भरी और भाजपा का सांगठनिक ढ़ांचा सभा को सफल बनाने कंे काम पर जुट भी गया।
उन्होने कहा कि मगर अचानक मुुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की आमसभा की तैयारियों को लेकर अधिकारियों की कलेक्टर गोयल द्वारा बैठक आयोजित करना और उस बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, अतिरिक्त जिला कलक्टर किशोर कुमार, अरविंद कुमार सेंगवा, उपखण्ड अधिकारी जय प्रकाश नारायण सहित समस्त विभागों के अधिकारियों का शामिल होना यह प्रमाणिक रूप से उजागर करता है कि सरकार प्रषासनिक तंत्र का दुरूपयोग कर रही है।
जैन ने कहा कि एक तरफ सरकार अजमेर को स्मार्ट सिटी बनाने के सपने जनता को दिखा रही है। वहीं अजमेर की आम जनता अभी भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। प्रदेष की जनता ने भाजपा के झूठे स्वराज वाले नारे के बहकावे मे आकर महारानी को अंतिम मौका दिया था, इसका परिणाम यह हुआ कि राजस्थान भुख भय और अपराध का गढ बन गया, और अब बडी र्निलजता के साथ हर एक मोर्चे पर विफल राजस्थान की भाजपा सरकार अपने तीन साल के कुशासन की खुशी मनाने की तैयारी कर रही है।