अजमेर, 13 फरवरी। अजमेर जिला दुग्ध संघ द्वारा आगामी एक मार्च, 2017 से मावा (खोवा) तैयार कर बाजार में विपणन किया जायेगा। मावा (खोवा) का उत्पादन करने वाला अजमेर दुग्ध संघ राजस्थान का पहला संघ होगा।
यह जानकारी सोमवार को अजमेर डेयरी के अध्यक्ष श्री रामचन्द्र चैधरी ने देते हुए बताया कि यह खोवा उच्च गुणवŸाा का वेक्यूम पैंक में 250 ग्राम एवं एक किलो की पैकिंग में उपलब्ध करवाया जावेगा। मावे की दर 320 रू. प्रति किलो होगी। उन्होंने बताया कि किसानों के हित में निर्णय करते हुए दुग्ध के खरीद मूल्य में 21 फरवरी, 2017 से 550 रू. प्रति किलो फैट से बढ़ाकर 600 रू. प्रति किलो फैट करने का निर्णय लिया गया। जिससे एक लीटर दुग्ध पर औसत 3 रू. अधिक का भुगतान दुग्ध उत्पादको को किया जायेगा। दुग्ध की क्रय दर में उक्त वृद्धि किसानों की आर्थिक स्थिति को मध्यनजर रखते हुए की गई है।
उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा एनसीडीसी के माध्यम से 252 करोड़ रू. का 8 एलएलपीडी (10 एलएलपीडी की क्षमता तक विस्तार) एवं 30 एमटीपीडी का मिल्क पाउड़र प्लांट स्थापित करने की स्वीकृति प्रदान की गई है। संचालक मण्ड़ल द्वारा उक्त कार्य एनडीडीबी के माध्यम से टर्न-की बेसिस पर करवाने की स्वीकृति प्रदान की गई। उक्त प्लांट का षिलान्यास आगामी माह मार्च माह के प्रथम सप्ताह मं कराया जाना प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि अजमेर दुग्ध संघ में दो टन प्रतिदिन क्षमता का मौजरेला चीज प्लांट अन्र्तराष्ट्रीय स्तर की तकनीक का वर्तमान प्लांट के परिसर में एनडीडीबी के माध्यम से टर्न-की बेसिस पर स्थापित करने का निर्णय लिया गया। इसका सम्पूर्ण खर्च संघ द्वारा वहन किया जायेगा।
डेयरी अध्यक्ष ने बताया कि अजमेर जिले के पशुपालको के पशुओं के लिए भामाषाह पशु बीमा योजना प्रारम्भ की गई है। उक्त योजना के अन्तर्गत पचास हजार रूपये का पशु बीमा करवाने पर कुल प्रीमियम 697.50 देय होगी। जिसमें पशुपालक को मात्र 232.50/- रू. देने होगे। इसी क्रम में एस.सी./एस.टी./बी.पी.एल. श्रेणी हेतु कुल प्रीमियम 418.50 देय होगी। जिसमें दुग्ध उत्पादको को 139.50/- रू. देने होगें। उन्होंने बताया कि एनपीडीडी योजना के तहत 25 करोड़ रू. का नया प्रोजेक्ट भारत सरकार को भेजा जा रहा है। जिसमें अजमेर डेयरी प्रयोगषाला को विष्व स्तर की प्रयोगषाला बनाने हेतु बेक्टोस्केन फोस मषीन, मिल्कोस्केन मार्स तथा फूड स्केन जिनकी कुल लागत लगभग रू. 4.25 करोड़ रू. रहेगी, इसके अतिरिक्त 75 लाख रू. के अत्याधुनिक सामान भी प्रयोगषाला हेतु क्रय किये जायेगे दुग्ध एवं दुग्ध उत्पादो की जाँच विष्वस्तरीय गुणवŸाा के साथ होगी। इसके अतिरिक्त जिले की 400 दुग्ध उत्पादक समितियों पर एएमसीयू, 25 दुग्ध समितियों पर 1 केएल के बीएमसी, 85 दुग्ध समितियों पर 5 लाख की लागत प्रति समिति भवन बनाये जायेगे। साथ ही दुग्ध की गुणवŸाा को ओर अधिक सुदृढ़ बनाने हेतु जिले की समस्त बीएमसी दुग्ध समितियों पर 300 मिल्कोस्क्रीन मषीन लगाई जायेगी। जिसकी कुल लागत 9.0 करोड़ रू. होगी। सम्पूर्ण जिले की सभी दुग्ध समितियां एवं संघ को कम्प्यूटराईज्ड करने हेतु 2.5 करोड़ रू. व्यय किये जायेगे।
उन्होंने बताया कि ’’राज सरस सुरक्षा कवच बीमा योजना (फेस प्रथम)’’ के नाम से व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना प्रारंभ की गयी है, जिसमें प्रीमियम की राषि 15.75 रू. दुग्ध समिति, 15.75 रू. जिला संघ एवं 15.75 रू. दुग्ध समिति सदस्य द्वारा वहन किये जायेगे। जिससे व्यक्तिगत बीमा कवर दुग्ध उत्पादक बीमित हेतु रू. 5.0 लाख होगा। उन्होंने बताया कि स्पर्ष ट्रस्ट बोर्ड बैठक में लिये गये निर्णयों के तहत कम से कम 50 मुर्रा/जाफराबादी पाडे तथा गिर बछडे क्रय कर तबीजी फार्म पर रख-रखाव किया जावेंगा एवं पूर्ण तैयार होने पर दुग्ध उत्पादको को उपलब्ध करवाये जायेगे। साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि अजमेर जिले में 40 एआई केन्द्र नये प्रारम्भ किये जायेगें।