राजस्थान शिक्षा बोर्ड की विश्वसनीयता दशकों से अव्वल दर्जें की

17अजमेर 23 जून। गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने कहा है कि देश में परीक्षा लेने वाली संस्थाओं के सामने जहाँ विश्वसनीयता का संकट है वही दूसरी ओर राजस्थान बोर्ड की परीक्षाओं की विश्वसनीयता दशकों से अव्वल दर्जें की रही है। इस बोर्ड की कार्यप्रणाली पारदर्शी होने के साथ गुणात्मक दृष्टि से भी श्रेष्ठ है। शिक्षा बोर्ड के नये पाठ्यक्रम में प्रदेश का गौरवमयी इतिहास, वीरों की शौर्यगाथाओं और राजस्थानी संस्कृति का जिस तरह समावेश किया गया है, उसके अध्ययन से निश्चित ही इनका अध्ययन करने वाले प्रत्येक विद्यार्थी को अपने राजस्थानी होने का गौरव महसूस होगा।
श्री कटारिया शुक्रवार को राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में शिक्षा बोर्ड के अधिकारियों से अनौपचारिक चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वह स्वयं एक शिक्षक और शिक्षामंत्री रहे है और राजस्थान बोर्ड की कार्यप्रणाली को उन्होंने नजदीक से देखा है। राजस्थान बोर्ड को राज्य सरकार ने जब भी कोई दायित्व सौंपा, बोर्ड ने उस दायित्व का निर्वहन सदैव दक्षता से किया। बोर्ड के अध्यक्ष प्रो. बी.एल. चौधरी ने गृहमंत्री को जानकारी दी कि पूर्व के वर्षों के बोर्ड से जुडे़ सभी परीक्षा दस्तावेज अगले वर्ष से परीक्षार्थी विश्व में कहीं भी ऑनलाईन प्राप्त कर सकेंगे। बोर्ड ने इस माह से विद्यालयों को सम्बद्धता देने की सम्पूर्ण प्रक्रिया को ऑनलाईन कर दिया है। पिछले तीन वर्षों में बोर्ड के परीक्षा से जुडे अधिकांश कार्यों का गुणवत्ता और गोपनीयता की दृष्टि से कम्प्यूटरीकरण किया गया है। उन्होंने कहा कि इसके तहत् परीक्षार्थी के चाहने पर उत्तरपुस्तिका ऑनलाईन प्रदान कराना, छात्रवृत्ति आवेदन पत्र ऑनलाईन प्राप्त करना, विद्यालयों से सत्रांक ऑनलाईन प्राप्त करना, परीक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया का कम्प्यूटरीकरण करना इत्यादि शामिल है।
बोर्ड की सचिव श्रीमती मेघना चौधरी ने बताया कि बोर्ड शीघ्र ही परीक्षार्थी के हित में बड़ी महत्वकांक्षी परियोजना को अंजाम देने जा रहा है। इसके तहत् ई-वॉलेट योजना के अनुसार परीक्षार्थी को उसके परीक्षा संबंधी दस्तावेज उसके ई-वॉलेट एकाउन्ट में उपलब्ध कराये जायेंगे। इन परीक्षा संबंधी दस्तावेजों पर डिजिटल अधिकृत हस्ताक्षर होंगे। इन दस्तावेजों की मान्यता मूल दस्तावेजों के समान ही होगी। यह सुविधा वर्ष 2017 की परीक्षा में सम्मिलित हुए परीक्षार्थियों को उपलब्ध होगी बशर्त उन्होंने परीक्षा आवेदन पत्र में अपना आधार नम्बर दर्ज किया हो। बोर्ड की इस नवीन व्यवस्था से परीक्षार्थियों को यह लाभ होगा कि जब वे प्रतियोगी परीक्षा अथवा नौकरी के ऑनलाईन आवेदन करेंगे तो वे अपने परीक्षा संबंधी दस्तावेज भी डिजिटल रूप में आवेदन पत्र के साथ संलग्न कर सकेंगे।
श्री कटारिया ने बोर्ड परिसर स्थित माँ सरस्वती के मन्दिर में दर्शन किये। उन्होंने कहा कि इस मन्दिर में माँ सरस्वती की सबसे भव्य प्रतिमा स्थापित की गई है। उन्होंने कहा कि माँ सरस्वती को शिक्षा की देवी माना जाता है और प्रदेश के सबसे बडे़ शिक्षण निकाय में उनकी प्रतिमा इससे जुड़े परीक्षार्थियों को आस्था का केन्द्र होगी।
इस अवसर पर जिला देहात भाजपा के अध्यक्ष प्रो. बी.पी. सारस्वत, नगर सुधार न्यास के पूर्व अध्यक्ष श्री धर्मेश जैन, विशेषाधिकारी परीक्षा श्रीमती प्रिया भार्गव, वित्तीय सलाहकार श्रीमती आनन्द आशुतोष, निदेशक जी.के माथुर और प्रताप भानु, उपनिदेशक जनसम्पर्क राजेन्द्र गुप्ता, सहायक विधि परामशी अनिल गुप्ता भी उपस्थित थे।
-राजेन्द्र गुप्ता, उप निदेषक (जन सम्पर्क)

error: Content is protected !!