आमजन की विद्युत से होने वाली दुर्घटनाओं में कमी लाए

sr. officers meeting 2अजमेर, 28 जून। डिस्काॅम्स अध्यक्ष श्री श्रीमत पाण्डे बुधवार को अजमेर में पंचशील स्थित काॅरपोरेट कार्यालय सभागार में आयोजित निगम के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
बैठक में अध्यक्ष डिस्काॅम्स ने मुख्यमंत्राी विद्युत सुधार योजना के अन्तर्गत चलाए जा रहे फीडर रीनोवेशन प्रोग्राम के तहत किए जा रहे कार्यो की सभी वृत अधिकारियों से जानकारी ली एवं जिन वृतों में धीमी गति से कार्य चल रहा है उसे तुरन्त पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्य पूर्ण होने पर ही विद्युत छीजत में कमी आएगी।
विद्युत छीजत में कमी करने, राजस्व बढ़ाने, बंद व खराब मीटर बदलने, विद्युत चोरी रोकने ट्रांसफार्मर जलने में कमी लाने वाले सभी फीडर इंचार्जो को प्रोत्साहन राशि का शीघ्र भुगतान करने के निर्देश दिए। इससे उनके कार्य में गति आएगी, वे अपना कार्य पूर्ण जिम्मेदारी के साथ करेंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि जो एनडीएस औद्योगिक कनेक्शन लम्बित पडे है उन्हें शीघ्र कनैक्शन देकर लाभान्वित करें व टास्क फोर्स के तहत दिए गए लक्ष्यों के आधार पर दिए गए कार्यों को शीघ्र पूर्ण करें।
प्रबंध निदेशक श्री एम. आर. विश्नोई ने डिस्काॅम में बढती आमजन की घातक दुर्घटनाओं पर वास्तविक जांच किए बिना दिए जाने वाले मुआवजे पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सभी अधीक्षण अभियंताओं को पाबंद किया कि उनके अधीन उपखण्डों में होने वाली घातक दुर्घटनाओं सहायक/कनिष्ठ अभियंता द्वारा जांच कर कार्मिक अधिकारी को रिपोर्ट प्रेषित की जाए। जांच करने पर यह पाया जाए कि वास्तव में निगम की लापरवाही के कारण ही दुर्घटना घटित हुई है, इसकी जांच पूर्ण रूप से की जाए। इसके पश्चात् ही संबंधित अधीक्षण अभियंता को जांच रिपोर्ट भेजी जाए। वृत अधिकारी द्वारा भेजी गई जांच का अवलोकन कर संतोषजनकर रिपोर्ट आने पर ही निगम के अधिवक्ता को भेजी जाए। सम्पूर्ण जानकारी नहीं होने व साक्ष्य का अभाव होने के कारण घातक दुर्घटना का वाद निगम के पक्ष में न होकर आमजन के पक्ष में न्यायालय द्वारा निर्णय दे दिया जाता है जिसके कारण आमजन को मुआवजा देने में निगम को करोडों रूपए की हानि होती है।
उदय योजना के अन्तर्गत चल रहे लोड रिडक्शन प्रोग्राम के तहत किए जा रहे कार्याे को समय पर पूर्ण करें, जिन वृत्तों में कार्य धीमी गति से चल रहे है/ कार्य में लापरवाही बरती जा रही है उन वृत्तों के अधीक्षण अभियंताओं को सख्त हिदायत दी की वे अपने कार्य करने की गति में सुधार लाए अन्यथा परिणाम भुगतने होंगे।
बैठक में प्रबंध निदेशक ने निर्देश दिए कि जिन वृत्तों में 2 माह से अधिक खराब /बंद मीटर है उन्हें तुरन्त बदला जाए व 2 माह से कम अवधि में जिन उपखण्डों में मीटर खराब /बंद की संख्या में बढोतरी हुई है उन उपखण्डों के अधीक्षण अभियंताओ को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाए। माह सितम्बर, 2017 तक सभी सिंगल फेज के बंद एवं खराब मीटर बदलकर रिपोर्ट शून्य करने के निर्देश दिए। इससे वास्तविक उपभोग की बिलिंग होगी व राजस्व में बढोतरी होगी।
उन्होंने बैठक में सभी अधीक्षण अभियंताओं को निर्देश दिए कि लम्बित जांच प्रतिवेदनों के अंतिम निस्तारण के लिए सहायक अभियंता (पवस) दोनों शाखाओं (सतर्कता एवं पवस) की लम्बित वीसीआर के राजस्व निर्धारण का नोटिस उपभोक्ताओं को तुरन्त भिजवाए। सभी उपखण्ड अधिकारियों को उनके क्षेत्रा में की गई लम्बित जांच की राजस्व निर्धारण की 10 प्रतिशत राशि मय पंजीयन शुल्क रू. 500/- जमा करवाकर गठित कमेटी में अपना वाद दायर करने के निर्देश दिए। सतर्कता जांच करने पर बढे हुए भार व दुरूपयोग पाए जाने के अतिरिक्त चोरी करते पाए उपभोक्ताओं का तुरन्त कनेक्शन काटें ताकि सतर्कता जांच की राशि के साथ ही पुनः कनेक्शन जोडने की फीस भी उपभोक्ताओं से वसूल की जा सके। जिससे निगम के राजस्व में बढोतरी होगी व कनेक्शन कटने पर उपभोक्ता अपनी विद्युत आपूर्ती पुनः जल्दी जोडने का प्रयास करेगा।
बैठक में निदेशक (तकनीकी) श्री के. पी. वर्मा, निदेशक (वित्त) श्री एस.एम. माथुर, सचिव (प्रशासन) श्री कैलाश चन्द्र लखारा, संभागीय मुख्य अभियंता श्री एम. बी. पालीवाल (अजमेर जोन), श्री एन. एस. सहवाल (उदयपुर जोन), श्री बी. एम. भामू (झुंझुनूं जोन), मुख्य अभियंता श्री बी. एस. रत्नू (आईटी/एमएम/टीडब्ल्यू/एम एण्ड पी), अति. मुख्य अभियंता श्री वी.एस. भाटी (प्रोजेक्ट), श्री एच. एस. मीणा (मुख्यालय), अति. पुलिस अधीक्षक (सतर्कता) श्री मुकेश सांखला, मुख्य लेखाधिकारी श्री बी. एल. शर्मा (एटीबी), श्री एम. के. जैन (ईटीबी), टी ए टू एमडी श्री मुकेश बाल्दी सहित समस्त अधीक्षण अभियंता एवं संबंधित अधिकारीगण उपस्थित थे।

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