गुरू वस्तु नहीं, दृष्टि होती है-सुधासागर महाराज

गुरू पूर्णिमा महोत्सव का भव्य आयोजन, हुआ पूजन और चढ़ाए अर्घ
कृषि मंत्री व खान मंत्री ने कि कार्यक्रम में शिरकत

IMG_1894मदनगंज-किशनगढ़। सकल जैन समाज की ओर से रविवार को आर.के. कम्यूनिटी सेन्टर में गुरूपूर्णिमा महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। इस पावन पर्व पर गौतम स्वामी, आचार्य शान्ति सागर महाराज, आचार्य ज्ञानसागर महाराज का अर्घ चढ़ाया गया।
इसके पश्चात आचार्य विद्यासागर महाराज एवं मुनि पुंगव सुधासागर जी महाराज ससंघ का पूजन और विभिन्न द्रव्यों द्वारा अर्घ चढ़ाए गए। अर्घ चढ़ाने का सौभाग्य समाज की दोनों पंचायतों के साथ ही विभिन्न मण्डलों, समाज के लोगों और बाहर से आने वालों को मिला।
पूरे कार्यक्रम में श्रदालुओं ने भक्तिभाव से नाचते गाते हुए अर्घ चढ़ाए।
आदिनाथ पंचायत के प्रचार प्रसार मंत्री विकास छाबड़ा ने बताया कि कार्यक्रम में चित्र अनावरण समाज के वरिष्ट पं. मूलचंद लुहाडिय़ा द्वारा किया गया। दीप प्रज्जवलन राजस्थान सरकार के कृषि विपणन मंत्री प्रभुलाल सैनी, खान मंत्री सुरेन्द्रपाल सिंह टी.टी., विधायक भागीरथ चौधरी एवं शीला डोडिया, जयपुर द्वारा किया गया। इस मौके पर मुनि सुधासागर महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि साधू और गुरू में अन्तर होता है। साधू स्वयं के लिए होता है और अपना आत्म कल्याण करता है और गुरू शिष्यों के लिए होता है वह अपने अपने भक्तों व शिष्यों का कल्याण करता है। गुरू वस्तु नहीं होती है, गुरू दृष्टि होती है। जो व्यक्ति यह समझ लेता है वह उसको गुरू मान लेता है। इस अवसर पर आर.के. मार्बल परिवार के कंवरलाल पाटनी, महावीर प्रसाद पाटनी, अशोक पाटनी, सुरेश पाटनी, शांता पाटनी, सुशिला पाटनी एवं निहालचंद पहाडिय़ा, आदिनाथ पंचायत के अध्यक्ष प्रकाश गंगवाल, मंत्री कैलाश पहाडिय़ा, मुनिसुव्रतनाथ पंचायत के उपाध्यक्ष पन्नालाल बडज़ात्या, मंत्री राजेन्द्र बैद, महावीर गंगवाल, संपत दगड़ा, राकेश पहाडिय़ा, नौरत पाटनी, भागचन्द बोहरा, माणकचंद गंगवाल, एम.के. जैन, निरंजन बैद, शांतिकुमार गोधा, विनोद चोधरी, महेन्द्र गंगवाल, पारसमल बाकलीवाल, विजय काला, सुशील अजमेरा, कमल बैद, विकास छाबड़ा, माणक गंगवाल, मुकेश पाण्डय़ा आदि उपस्थित थे। इस अवसर पर देशभर से श्रदालुओं ने मुनिश्री के दर्शनलाभ लिया। मंच संचालन समाज के प्राणेश बज ने किया।

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