अजमेर, 24 मई। श्रीमद भागवत कथा प्रबंध समिति की ओर से तारागढ़ रोड गोविंद नगर स्थित टेकरेश्वर धाम मंदिर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा गुरुवार को आरंभ हुई। कथावाचक पंडित रविशंकर शास्त्री ने पुरूषोत्तम मास में भागवत महात्म सुनाया। उन्होंने कहा कि भागवत कथा सुनने और सुनाने से जीवन का कल्याण होता है। मनुष्य के जीवन में एक पंथ, एक ग्रंथ और एक संत का होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जिस तरह मकान को मजबूत बनाने के लिए चुनाई के साथ तराई जरूरी है। उसी तरह जीवन को मजबूत बनाने के लिए एक गुरु होना जरूरी है। गुरु बिना ज्ञान संभव नहीं है। गुरु बिना ईश्वर प्राप्ति भी असंभव है। जीवन में इष्ट, शिष्ट और मिष्ट जरूरी है। जीवन में एक इष्ट बनाओ। इष्ट होगा तो शिष्टाचार आएगा। और शिष्टाचार हुआ तो जीवन मधुर बन जाएगा। कथा में मुख्य यजमान फूलचंद प्रजापति, कैलाशचंद, कन्हैयालाल, द्वारकाप्रसाद दाधीच, सुमित सारस्वत, महेश जोशी, अर्जुनसिंह, सुरेंद्र गोयल, रमेश सिंह सहित अनेक महिला-पुरुष श्रद्धालु शामिल हुए।
हरिनाम संकीर्तन के साथ निकाली शोभायात्रा
कथा प्रारंभ होने से पूर्व कलश व शोभायात्रा निकाली गई। यह यात्रा गाजे-बाजे के साथ गोविंद नगर स्थित राम मंदिर से प्रारंभ होकर गणेश नगर स्थित कथास्थल टेकरेश्वर धाम मंदिर पहुंची। मार्ग में जगह-जगह पुष्प वर्षा से यात्रा का स्वागत किया गया। कलश यात्रा में 51 महिलाओं ने कलश धारण किए। भक्त पवित्र पाेथीजी को सिर पर धारण कर हरिनाम संकीर्तन कर रहे थे। कथास्थल पहुंचने पर पोथीजी का पूजन व कलश स्थापना की गई।
सुमित सारस्वत
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