अजमेर। विश्वभर में वैदिक धर्म के प्रचार-प्रसार के आह्वान के साथ शुक्रवार को यहां ऋषि उद्यान में तीन दिवसीय ऋषि मेला शुरू हुआ। आर्य समाज के संस्थापक महर्षि दयानन्द के 129 वें निर्वाण दिवस पर परोपकारिणी सभा द्वारा आयोजित इस समारोह में देशभर से अनेकों श्रद्धालु ऋषि के प्रति अपनी श्रद्धांजलि प्रकट करने के लिए एकत्रित हुए हैं।

ऋषि मेले का उद्घाटन परोपकारिणी सभा के उपप्रधान शत्रुघ्न आर्य ने किया। उन्होंने आर्यजन से दयानन्द का मिशन पूरा करने में जुटने का आह्वान किया। सभा के मंत्री डॉ. धर्मवीर जी ने स्वागत भाषण दिया। तीन दिवसीय समारोह के पहले दिन शुक्रवार को वेदगोष्ठी सहित विभिन्न कार्यक्रम हुए।
इसमें डॉ. सुरेन्द्र, डॉ. राजेन्द्र जिज्ञासु, डॉ. राजेन्द्र विद्यालंकार तथा भूपेन्द्रसिंह सहित कई वैदिक विद्वानों के प्रवचन एवं भजन आदि हुए। कार्यक्रम में सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान आचार्य बलदेव जी एवं राजस्थान हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश सज्जनसिंह कोठारी भी सम्मिलत हुए। ऋग्वेद पारायण यज्ञ में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इसकी पूर्णाहुति 18 नवम्बर को होगी।
दयानन्द धर्मार्थ चिकित्सालय का उद्घाटन-ऋषि उद्यान में दयानन्द धर्मार्थ चिकित्सालय का उद्घाटन आर्य जगत् के यशस्वी संन्यासी, सुधारक आचार्य बलदेव जी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
पुस्तक प्रदर्शनी-इस अवसर पर वैदिक साहित्य की प्रदर्शनी लगाई है। इसमें वेदों सहित अन्य सभी प्रमुख वैदिक ग्रन्थ उपलब्ध हैं। श्रद्धालुओं में यज्ञ पात्र एवं सामग्री खरीदने की खास उत्सुकता है।
दयानन्द प्रदर्शनी-ऋषि मेले पर दयानन्द प्रदर्शनी खास तौर पर खोली गई है। इसमें महर्षि दयानन्द के हस्तलेख एवं निजी उपयोग की अन्य चीजें अवलोकनार्थ उपलब्ध हैं।