अजमेर। मोहर्रम के मौके पर इस बार आए जायरीन के लिए कोई मुकम्मल व्यवस्था नहीं की गई है। इन मेहमानों की जो दुर्गति हो रही है, उसे देखने वाला कोई नहीं। यूं तो स्थानीय प्रशासन ने इन मेहमानों को ठहराने के इंतजाम कायड़ विश्राम स्थली पर किये हैं, लेकिन शहर से लगभग दस किलोमीटर दूर इस विश्राम स्थली पर जाने को कोई तैयार नहीं। नतीजा देशभर से आने वाले हजारों जायरीन ने पुष्कर रोड विश्राम स्थली पर ही डेरा डाल रखा है। यह अलग बात है की जानकरी के अभाव में हजारों जायरीन प्रशासनिक रोक के बावजूद पुष्कर रोड स्थित विश्राम स्थली पर पहुंच गए। हजारों जायरीन की आवक से वैसे तो विश्राम स्थली आबाद हो गयी है, लेकिन रोजाना होने वाली जरूरतों को पूरा करने के इन्तजाम इस विश्राम स्थली पर माकूल यूं नहीं है कि इस बार आयी अच्छी बारिश ने आनासागर झील के साथ विश्राम स्थली को भी लबालब कर दिया है। यहां पहुंचे जायरीन इसी पानी से वजू करने और नहाने के मजबूर है। महिला जायरीन खुले आसमान में नहाने को मजबूर है। इसके अतिरिक्त पीने के लिए पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। न तो जायरीन की सुरक्षा के कोई इंतजाम हैं और न ही यहां उनके लिए चिकित्सा, यातायात सहित अन्य व्यवस्थाएं ही की गई हैं।
जायरीन के लिए इंतजामात का जिम्मा नगर सुधार न्यास के पास है, लेकिन न्यास के अधिकारी पुष्कर रोड विश्राम स्थली पर किसी भी तरह की व्यवस्थाओं से इंकार कर रहे हैं। न्यास के अधिशाषी अभियंता अनूप टंडन के अनुसार इस विश्राम स्थली पर जायरीन ने अनाधिकृत रूप से प्रवेश किया है। ऐसे में यदि कोई हादसा यहां होता है तो उस की जिम्मेदारी न्यास की नहीं होगी।
पुष्कर रोड विश्राम स्थली पर पानी भरा हुआ है, इसलिए प्रशासन द्वारा कायड़ विश्राम स्थली पर इंतजाम किये जाने के निर्णय की आलोचना नहीं की जा सकती। लेकिन अब जब जायरीन यहां पहुंच ही चुका है तो उसे सुविधायें मुहैया कराने कि जिम्मेदारी भी इसी प्रशासन की है।
