अजमेर, 24 सितम्बर। अजमेर के शिशु गृह में रहने वाली बच्ची अब स्पेन के दम्पत्ति के आंगन में पलेगी। जिला कलक्टर आरती डोगरा ने अन्तर्राष्ट्रीय दत्तक ग्रहण योजना के तहत आज बच्ची को स्पेन के दम्पत्ति को सौंपा।
जिला कलक्टर आरती डोगरा ने बताया कि राजकीय बालिका गृह, लोहागल, अजमेर में शिशु गृह की एक वर्ष की परित्यक्त बालिका को किशोर न्याय अधिनियम, 2015 एवं भारत सरकार की ओर से जारी बच्चों के दत्तक मार्गदर्शी सिद्धांत, 2017 के तहत अन्तर्राष्ट्रीय दत्तक ग्रहण योजना के अन्तर्गत स्पेन निवासी दम्पत्ति श्री अल्बर्टो लोपेज एवं श्रीमती लोरेना कोरेस्को को सौंपा गया। जिला कलक्टर आरती डोगरा ने स्वयं बच्ची को दम्पत्ति के सुपुर्द किया।
उन्होंने बताया कि दम्पत्ति को प्राधिकृत विदेशी दत्तक ग्रहण अभिकरण (कारा) की अभिशंषा एवं भारत सरकार के केन्द्रीय दत्तक ग्रहण अभिकरण (एएफएए) के अनुमोदन के पश्चात् माननीय पारिवारिक न्यायालय, अजमेर द्वारा जारी एडोप्शन डिक्री द्वारा बालिका को दत्तक ग्रहण में दिये जाने के आदेश दिये गये थे। भारत सरकार के दत्तक ग्रहण के लिये मार्गदर्शी सिद्धांत के अनुसार ऎसे लावारिस, अभ्यर्पित, परित्यक्त बच्चे जिनको विधि मुक्त घोषित किये जाने के बाद 60 दिनों तक भारतीय दम्पत्तियों द्वारा दत्तक ग्रहण हेतु स्वीकार नहीं किया जाता है, वे बच्चे विदेशी दत्तक ग्रहण में दिये जाते हैं।
इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उप निदेशक श्री जयप्रकाश, श्री संजय सावलानी, सहायक निदेशक, बाल अधिकारिता विभाग, सुश्री अदिति माहेश्वरी, अधीक्षक, बालिका गृह एवं सुश्री फरहाना खान्, समन्वयक, शिशु गृह उपस्थित थे।
15 अक्टूबर तक निस्तारित करें ऋण आवेदन
जिला स्तरीय बैंकर्स समन्वय समिति की बैठक सम्पन्न
अजमेर, 24 सितम्बर। जिले के सभी बैंकों को निर्देश दिए है कि वे आगामी 15 अक्टूबर तक केन्द्र व राज्य सरकार की विभिन्न ऋण योजनाओं के तहत लम्बित आवेदनों को निस्तारित करें। सरकारी योजनाएं वंचित एवं गरीब वर्ग के उत्थान के लिए हैं। बैंक संवेदनशील होकर इन योजनाओं में ऋण आवेदन स्वीकृत करें।
बैंकर्स की जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई। बैठक में विभिन्न योजनाओं के तहत ऋण आवेदनों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि बैंक गरीबों को स्व रोजगार से जोड़ने के लिए किए जा रहे प्रयासों में सरकार का सहयोग करें। जिले में ऋण जमा अनुपात बैंच मार्क के अनुसार 60 प्रतिशत होना चाहिए। इसमें वृद्धि की आवश्यकता बताते हुए ऋण वितरण में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में एनआरएलएम, एनयूएलएम योजना, अनुसूचित जाति/जनजाति विकास निगम की योजनाऎं, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री विशेष योग्यजन व नवजीवन योजना, भामाशाह रोजगार सृजन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्टेण्ड अप इण्डिया योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, स्वयं सहायता समूह व संयुक्त देयता समूह को वित्त पोषण की समीक्षा करते हुए इन पर यथाशीघ्र कार्यवाही कर 15 अक्टूबर तक निराकरण के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य बैंकिंग आंकड़े जून 2018 की प्रगति, सरकार द्वारा प्रायोजित कार्यक्रमों की प्रगति, जून 2018 माह तक- बैंक ऋणों की वसूली की प्रगति, रोडा एक्ट के तहत प्रगति एवं सरकार द्वारा प्रायोजित कार्यक्रमों में वसूली की समीक्षा, समग्र वित्तीय समावेश के अन्तर्गत भामाशाह योजना, पीएमजेडीवाई, पीएमजेजेबीवाई, पीएमएसबीवाई, एपीवाई एवं पीएमएमवाई योजनाओं की समीक्षा सहित अन्य बिन्दुओं पर चर्चा की गई। बैंकर्स को पंजीकृत स्वयं सहायता समूह को पर्याप्त फण्ड उपलब्ध करवाना चाहिए। स्वयं सहायता समूहों के संबंध में नाबार्ड के ई सखी पोर्टल पर ऑनलाइन कार्य किया जा सकता है।
बैठक में रिजर्व बैंक ऑफ इण्डिया के श्री अनिल कुमार मिश्रा, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक श्री बी.बी.खरबंदा, जिला अग्रणी प्रबंधक श्री आर.पी.अग्रवाल सहित बैंक ऑफ बड़ौदा एवं अन्य बैंकों के प्रतिनिधि, जिला उद्योग विभाग के महाप्रबंधक श्री सी.बी.नवल आदि उपस्थित थे।
आरसेटी सलाहकार समिति की बैठक आयोजित
अजमेर, 24 सितम्बर। बड़ौदा स्वरोजगार संस्थान के जिला स्तरीय आरसेटी सलाहकार समिति की बैठक सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई। इस बैठक में जून 2018 तक की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की गई। आरसेटी के माध्यम से प्रशिक्षित युवाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़कर रोजगार सृजन को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रभावी प्रशिक्षण के निर्देश प्रदान किए गए।
बैठक में रिजर्व बैंक ऑफ इण्डिया के श्री अनिल कुमार मिश्रा, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक श्री बी.बी.खरबंदा, जिला अग्रणी प्रबंधक श्री आर.पी.अग्रवाल, जिला उद्योग विभाग के महाप्रबंधक श्री सी.बी.नवल एवं बड़ौदा स्वरोजगार विकास संस्थान के निदेशक श्रीमती सीमा खन्ना उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
फसल खराबे की तुरन्त देनी होगी सूचना
अजमेर, 24 सितम्बर। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत फसल खराबे की सूचना कृषक द्वारा तुरन्त देनी होगी।
कृषि विभाग के उप निदेशक श्री वी.के.शर्मा ने बताया कि फसल कटाई के उपरान्त आगामी 14 दिनों तक खेत में सुखाने हेतु रखी गयी कटी हुई अधिसूचित फसल को चक्रवात, चक्रवाती वर्षा अथवा बेमौसमी वर्षा से क्षति कि स्थिति में फसल की क्षति का आंकलन व्यक्तिगत बीमित कृषक के स्तर पर किये जानें का प्रावधान है। वर्तमान में खरीफ दलहनी फसलों की कटाई का कार्य प्रगति पर है। योजना के इस प्रावधान के तहत असामयिक वर्षा के कारण से फसल प्रभावित होती है तो बीमित कृषक को आपदा के 48 घण्टे के अन्दर सीधे जिले के लिए चयनित बीमा कंपनी टाटा ए.आई.जी. जनरल इंश्योरेन्स कम्पनी लिमिटेड के टोल फ्री नम्बर 18002093536 पर देनी होगी। साथ ही लिखित में अधिकतम सात दिवस में अपने बैंक के माध्यम से अथवा कृषि विभाग के अधिकारियों के माध्यम से कम्पनी को सूचित करना आवश्यक है। इससे कृषकों को योजना का पूरा लाभ प्राप्त हो सकेगा।