-वाजपेयी की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में देवनानी ने कहा, वाजपेयी की तर्ज पर मोदी ही देश में सुशासन देने में सक्षम, पार्टी कार्यकर्ताओं से लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटने का किया आह्वान
अजमेर, 25 दिसम्बर। ‘हार नहीं मानूंगा, रार नहीं ठानूंगा‘, पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी की कविता की इन पंक्तियों को जीवन में अपनाते हुए हमें देश में सुशासन देने के लिए आने वाले लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटना होगा। मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी स्व. वाजपेयी की तरह ही देश को सुशासन दे रहे हैं, लेकिन वाजपेयी के सपनों का भारत बनाने के लिए हमें फिर से मोदी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए जी-जान से प्रयास करने होंगे।
यह बात अजमेर उत्तर के विधायक व पूर्व शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी ने मंगलवार को वाजपेयी की जयंती पर अपने निवास पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने स्व. वाजपेयी के प्रधानमंत्री कार्यकाल में हुए कारगिल युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भारत ने दुश्मन देश पाकिस्तान के नापाक इरादों को नाकाम कर दिया था। इस युद्ध के समय देश की जनता ने वाजपेयी का कंधे से कंधा मिलाकर साथ दिया था।
विश्व में भारत का लोहा मनवाया-देवनानी ने कहा, वाजपेयी के कार्यकाल में पोकरण में परमाणु परीक्षण कर पूरी दुनिया को यह साबित कर दिया गया कि भारत भी किसी से कम नहीं है। इस परीक्षण के जरिए वाजपेयी ने पूर्व विश्व में भारत का लोहा मनवा लिया और हमारा देश भी शक्तिशाली देशों की श्रेणी में आ गया। उन्होंने कहा कि जिस तरह वाजपेयी ने देश को सुशासन देने की परिपाटी शुरू की, उसे मोदी भी यथावत बनाए हुए हैं। लेकिन बीच के अंतराल में कांग्रेस के शासनकाल में देश भ्रष्टाचार और कुव्यवस्थाओं से घिर गया था।
हमें हार नहीं माननी है-उन्होंने कहा है कि हमें वाजपेयी की कविता की इन जिजीविषा पंक्तियों से सीख लेते हुए देश में अराजक शक्तियों से किसी भी तरह हार नहीं माननी है और उनका मुंहतोड़ जवाब देने के लिए हमें लोकसभा चुनाव में फिर से प्रचंड बहुमत के साथ भाजपा की सरकार बनाकर मोदी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए कृतसंकल्प रहना होगा। यह देश मोदी के नेतृत्व में ही तरक्की कर सकता है, क्योंकि मोदी की एक ऐसे नेता हैं, जिन्होंने पूरे विश्व में भारत का नाम रोशन किया है। यही कारण है कि आज विश्व का कोई भी देश भारत की ओर आंख उठाकर देखने की हिम्मत तक नहीं कर सकता है। यह मोदी के नेतृत्व और उनके द्वारा उठाए गए कड़े कदमों का ही नतीजा है कि पिछले पांच साल के दौरान देश में एक भी जगह दंगा और बम विस्फोट नहीं हुआ। लेकिन कतिपय राजनीतिक दलों को देश में अमन-चैन और विकास पच नहीं रहा है। जिससे वह बिना आधार वाले मामलों को उठाकर मोदी को कोस रहे हैं।
वाजपेयी ने मूल्य आधारित राजनीति की-उन्होंने कहा कि वाजपेयी ने हमेशा मूल्य आधारित राजनीति की, जिस पर भाजपा आज भी कायम है। अपने विरोधी दलों का सहयोग लेना चाहती है, कभी भी किसी दल के राजनेता के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं की जाती, लेकिन अन्य दलों के नेता मोदी और भाजपा नेताओं पर अनर्गल आरोप लगाकर और टिप्पणी कर राजनीति का स्तर नीचे ले जा रहे हैं। भाजपा तो वह पार्टी है, जब वर्ष 1971 के युद्ध में वाजपेजी ने इंदिरा गांधी को दुर्गा की संज्ञा दी थी। लेकिन आज बेजा आरोपों के आधार पर टिप्पणियां कर राजनीति का स्तर गिराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा वाजपेयी के आदर्शों पर चलने वाली पार्टी है और हमें इस पार्टी से जुड़े होने का गर्व है।
भाजपा का जनाधार बढ़ा, इसे और बढ़ाएं-देवनानी ने कहा कि विधान सभा चुनाव में भले ही कुछ सीटों की कमी रहने से हम प्रदेश में दोबारा सरकार नहीं बना पाए हैं, लेकिन हम फिर भी अच्छी स्थिति में होने के कारण सशक्त विपक्ष की भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। हमें जनता का फैसला स्वीकार है, लेकिन यह भी तय है कि हम कांग्रेस को प्रदेश के साथ मनमानी नहीं करने देंगे। जनता के हितों के लिए पूरी ताकत से लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि अजमेर जिले में भाजपा का प्रदर्शन कांग्रेस से कहीं ज्यादा अच्छा रहा है और आठ में से पांच सीटों पर भाजपा का परचम लहराया है। आठों विधानसभा क्षेत्रों में पिछले चुनावों से करीब पौने दो लाख वोट ज्यादा मिले हैं। इससे साबित होता है कि जिले में भाजपा का जनाधार बढ़ा है। उन्होंने कहा कि हमें इस बढ़े हुए जनाधार में और ज्यादा इजाफा करते हुए लोकसभा चुनाव में आठों विधानसभा क्षेत्रों से भाजपा को बढ़त दिलानी है।
वाजपेयी के आदर्शों पर चलने का लिया संकल्प-इससे पहले कार्यक्रम में मौजूद सभी भाजपा के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने स्व. वाजपेयी की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके बताए मार्गों और आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में मेयर धर्मेन्द्र गहलोत, शहर भाजपा के महामंत्री रमेश सोनी, विस्तारक विशाल शर्मा, मंडल अध्यक्ष राजेश शर्मा, महिला मोर्चा अध्यक्ष रश्मि शर्मा, सीताराम शर्मा, महेंद्र मित्तल, सुरेंद्र शर्मा, सुलोचना शुक्ला, धर्मपाल जाटव, गौरव मीरवानी, सुरेश गोयल, संजीव चतुर्वेदी, सत्यनारायण शर्मा, श्यामसुंदर पंवार, के.के. ़ित्रपाठी, धर्मेन्द्र शर्मा, प्रकाश मेहरा, दीपेंद्र लालवानी, चंद्रेश सांखला, कमलेश शर्मा, गोपालसिंह चैहान, नृसिंह बंजारा, दीपक शर्मा, डी.पी. शर्मा, सियाराम, महेंद्र पटवारी, मनीष शर्मा, शशांक शुक्ला, सुलतान सिंह, राहुल भारद्वाज, बंटी साहू आदि मौजूद रहे।