हार्ट अटैक के बाद दिल का ज्यादा ख्याल रखना जरूरी- डाॅ विवेक

मित्तल हाॅस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर पर आयोजित सेमिनार को संबोधित करते डाॅ विवेक माथुर एवं उपस्थित चिकित्सक
अजमेर, 12 जनवरी( )। एडवांस लेवल आॅफ काॅम्पीटेंस इन हार्टफैलियर में यूरोपियन प्रमाण पत्र प्राप्त करने वाले राजस्थान के एक मात्र कार्डियोलाॅजिस्ट डाॅ विवेक माथुर का कहना है कि हार्ट अटैक के उपचार के बाद दिल का ज्यादा ख्याल रखने की जरूरत होती हैैै। दिल के ऐसे रोगियों को चाहिए कि वे दिल की कार्यक्षमता के बारे में नियमित रूप से अपने चिकित्सक से परामर्श प्राप्त करते रहें।
डाॅ विवेक माथुर शुक्रवार रात मित्तल हाॅस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर अजमेर के सभागार में ‘‘ हार्ट फैलियर डायग्नोसिस एंड मैनेजमेंट’’ विषय पर आयोजित सेमिनार को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित कर रहे थे। सेमिनार की अध्यक्षता जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय के जनरल मेडिसन विभाग के पूर्व प्रोफेसर डाॅ. एस. के. अरोड़ा ने की। सेमिनार में अजमेर के 50 से अधिक चिकित्सकों ने हिस्सा लिया। सेमिनार के प्रारंभ में हाॅस्पिटल के निदेशक डाॅ दिलीप मित्तल ने डाॅ एस के अरोड़ा का अभिनन्दन किया। हैड हाॅस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन डाॅ विद्या दायमा ने आगन्तुकों का स्वागत किया एवं सेमिनार के विषय में जानकारी दी।
डाॅ विवेक ने बताया कि हार्ट अटैक के बाद भले ही मरीज की एंजियोप्लास्टी हो गई हो या बाइपास करा लिया हो दिल की कार्य क्षमता का ख्याल करते हुए नियमित चिकित्सकीय परामर्श में रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि दिल के मरीजों की एंजियोप्लास्टी या बाइपास करने के बाद भी हृदय की पूर्ण कार्य क्षमता नहीं लौटती है। उन्हें उचित उपचार की आवश्यकता होती है। डाॅ विवेक ने पावर प्रजेंटेशन के जरिए कार्डियक रिहेबिलिटेशन पर जानकारी दी। उन्होंने नई तकनीक के बारे में बताया। जिसमे हार्ट ट्रांसप्लांट, आईसीडी, सीआरटी, एलवी असेस डिवाइस आदि पर प्रकाश डाला। सेमिनार के अंत में डाॅ एस के अरोड़ा ने अध्यक्षीय उद्बोधन दिया।

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