अजमेर, 25 जनवरी। केन्द्र सरकार में भारी उद्योग एवं लोक उद्यम मंत्रालय, के अतिरिक्त सचिव श्री मधुकर गुप्ता ने शुक्रवार को सूचना केन्द्र में आयोजित मेगा लोन कैम्प में कहा कि समस्त योग्य आवेदकों को ऋण मिलना सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
सुक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए भारी उद्योग एवं लोक उद्यम मंत्रालय, के अतिरिक्त सचिव श्री मधुकर गुप्ता के निर्देशानुसार मेगा लोन कैम्प का आयोजन किया गया। इसमें जिले की समस्त बैंकों ने अपनी ऋण योजनाओं की जानकारी उपलब्ध करवायी साथ ही मौके पर उद्यम स्थापना के लिए 68 आवेदन पत्र तैयार करवाएं गए। मुख्य अतिथि श्री मधुकर गुप्ता द्वारा कैम्प में प्राप्त समस्त 68 ऋण आवेदन पत्रों को प्राथमिकता से त्वरित निस्तारण कराने हेतु जिला अग्रणी प्रबंधक को निर्देश दिए गए। इन आवेदनों के तुरन्त निस्तारण की कार्यवाही आरम्भ की गई। पूर्व में आवेदित नव उद्यमियों को ऋण स्वीकृति पत्र समारोह में वितरित किए गए।
अतिरिक्त सचिव श्री मधुकर गुप्ता ने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र आर्थिक व्यवसाय के क्षेत्र में कार्यरत है। जरूरतमंद व्यक्तियों को ऋण देकर उन्हें सबल बनाना बैंकों का कर्तव्य है। इनके द्वारा समस्त पात्र आवेदकों को तुरन्त ऋण वितरित करना चाहिए। बैकों को निर्देश दिएगए कि वे केवल ऑनलाइन आवेदन के लिए आवेदकों को बाध्य नहीं करें। छोटे एवं सुक्ष्म उद्यमियों के ऑफलाइन आवेदन पत्र पा्रथमिकता से स्वीकार करें। ऋण वितरण में लगने वाले समय को कम करके बैंक अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन कर सकते है। बैंकों को शाखा स्तर पर ही आवेदनों का प्राथमिकता के साथ निस्तारण कर देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के शिविरों से सुक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को ऋण वितरण में तेजी आएगी। उद्यमों का तीव्र गति से विकास होगा। इससे क्षेत्र में रोजगार एवं आर्थिक संवृद्धि में वृद्धि होगी। इस प्रकार के शिविर पूरे देश में लगाए जा रहे है। सरकार की मंशा बाधा रहित उद्यम स्थापना को प्रोत्साहित करना है। बैंक द्वारा उद्यमियों को वित पेाषित करके सक्रिय सहयोग देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बैंकों द्वारा ऋण स्वीकृति के साथ -साथ इनका समय पर वितरण किया जाना भी आवश्यक है। बैंकों को अपने पास प्राप्त समस्त पैिंडंग आवेदनों को निस्तारित करना चाहिए। बैंकों को चाहिए कि आवेदक की सुविधा के अनुसार ऑनलाइन एवं ऑफ लाइन आवेदन पत्र भरने का विकल्प उपलब्ध करवाए। प्राप्त समस्त आवेदनों पर संवोदनशीलता के साथ कार्यवाही करें।
रिनेगोशिएसन के दिए निर्देश
जिला लघु उद्योग संघ के पूर्व अध्यक्ष श्री लोढ़ा ने श्री गुप्ता से उद्यमियों के सामने आने वाली कठिनाईयों के बारे में चर्चा की। इस पर श्री गुप्ता ने बैंकिंग अधिकारियों को आवश्यक निर्देश प्रदान किए। उद्यमियों द्वारा ऋण के संबंध में रिनेगोशिएसन के लिए आवेदन करने पर बैंकर्स द्वारा सकारात्मकता से निर्णय किया जाना चाहिए।
जिला कलक्टर श्री विश्व मोहन शर्मा ने कहा कि उद्योगों का देश के विकास में विशेष योगदान होता है। उद्यमों से देश के सकल घरेलू उत्पाद में वृद्धि होती है। इससे नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार होने लगता है। चीन के विकास में एमएसएमई सैक्टर का विशेष योगदान है। हमारे देश में भी प्रत्येक घर में निर्माण ईकाई संचालित होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि अजमेर जिले में उद्यमों के विकास की अपार संभावनाएं है। इन संभावनाओं के दोहन करने की आवश्यकता है। यहां टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग एवं हैंडीक्राफ्ट के उद्यम सरलता से स्थापित कर उनसे लाभ कमाया जा सकता है। यहां बिजली की पर्याप्त उपलब्घता है जो कि समस्त उद्यमों को चलाने के लिए पहली आवश्यता होती है। जिले में उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए मेगा लोन कैम्प का आयोजन किया गया। अधिकतम आवेदकों को लाभान्वित करने के लिए लक्ष्य आधारित कार्य के स्थान पर समस्त आवेदकों को लाभान्वित करने का टारगेट रखा गया है।
जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक श्री सी.बी.नवल ने कहा कि शिविर में उद्यम स्थापना के लिए वित उपलब्ध करवाया गया। उद्यम हितैषी वातावरण के निर्माण के लिए सरकार द्वारा समस्त स्थलों पर प्रयास किया जा रहा है। सरकार सीधे तथा ब्याज पर अनुदान देकर उद्यमों को सुदृढ़ करने के लिए कटिबद्ध है। यूकों बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक श्री उमेश गर्ग ने कहा कि बेंक द्वारा फूड प्रोसेसिंग सैक्टर में दो करोड़ तक के लोन बिना किसी कोलेटरल सिक्यूरिटी के प्रदान किए जा रहे है। बैंक ऑफ बड़ौदा के उप महाप्रबंधक श्री विमल कुमार नेगी ने कहा कि एमएसएमई सैक्टर देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी है। यह देश के आर्थिक विकास का पैमाना होते है। वर्तमान में 59 मिनट में लोन स्वीकृत किया जा रहा है।
जिला अग्रणी प्रबंधक श्री एम.एस रावत ने बताया कि शिविर में 23 बैंकों कि विभिन्न शाखओं द्वारा 489 व्यक्तियों को 37.92 करोड़ रूपए का ऋण स्वीकृत किया गया है। शिविर में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुद्रा, राष्ट्रीय शहरी आजिविका मिशन, राष्ट्रीय ग्रामीण आजिविका मिशन एवं जनरल एमएसएमई लोन के माध्यम से आवेदकों को लाभान्वित किया गया। इसमे बैंक ऑफ बड़ौदा, स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया, सेन्ट्रल बैंक ऑफ इण्डिया, बड़ौदा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, पंजाब नेशलन बैंक, यूकों बैक, ऑरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स बैंक एवं राजस्थान वित निगम की विशेष भूमिका रही।
इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलक्टर श्री अबु सूफियान चौहान, राजस्थान वित निगम के शाखा प्रबंधक श्री जी.के.बारूपाल, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक श्री बी.बी.खरबंदा, बड़ौदा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक के महाप्रबंधक श्री अशोक कुमार, ऑरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के क्षेत्रीय प्रबंधक श्री आर.सी.कुमार, श्रम विभाग के संयुक्त आयुक्त श्री अनुपम गौड़, जिला उद्योग अधिकारी सुश्री पूनम राठौड़ उपस्थित थे।