गरीबों को 6 हजार हर माह देने की घोषणा छलावा-देवनानी

प्रो. वासुदेव देवनानी
अजमेर, 29 मार्च। अजमेर उत्तर विधायक एवं पूर्व शिक्षा राज्य मंत्री वासुदेव देवनानी ने कहा है कि कांग्रेस द्वारा गरीबी मिटाने के नाम पर गरीबों को छह हजार रूपए प्रतिमाह राशि देने की घोषणा महज लोगों की आंखों में धूल झोंकने के सिवाय कुछ भी नहीं है। कांग्रेस केवल लोकसभा चुनाव जीतने के लिए लोगों को गुमराह करने के साथ जुमलेबाजी और चकमेबाजी जैसे हथकंडे अपना रही है, लेकिन जनता कांग्रेस के किसी भी झांसे में आने वाली नहीं है।
देवनानी ने शुक्रवार को इस आशय के जारी बयान में कहा कि कांग्रेस द्वारा घोषित गरीब आय योजना केवल आमजन के साथ धोखा और छलावा है। यदि कांग्रेस सत्ता में आने पर इस योजना को लागू करने का दम भरती है, तो उसकी सच्चाई इसी तथ्य से जानी जा सकती है कि देश के 5 करोड़ गरीबों को 72 हजार रूपए सालाना देने से देश पर करीब 1 लाख 18 हजार करोड़ रूपए का आर्थिक भार पड़ेगा, जबकि देश का सालाना बजट ही कुल 1 लाख 21 हजार करोड़ रूपए है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि जब कांग्रेस कुल बजट में से 1 लाख 18 हजार करोड़ रूपए गरीबों को बांट देगी, तो बजट में से शेष रही राशि मात्र तीन हजार करोड़ रूपए से देश को कैसे चला सकेगी। इससे साफ जाहिर होता है कि कांग्रेस की यह घोषणा लोगों के साथ धोखा और छलावा करने के सिवाय कुछ भी नहीं है। इसलिए देश की जनता को कांग्रेस की इस घोषणा का सच देख कर जान लेना चाहिए कि उसमें कितना दम व हकीकत है।
बेरोजगारों के साथ धोखा
देवनानी ने कहा कि बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता देने का कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में वादा किया था, जिस पर वह अभी तक पूरी तरह खरी नहीं उतरी है। तीन माह में केवल 24 हजार बेरोजगारों को भत्ता दिया गया है, जबकि लाखों बेरोजगार इसके लिए अभी तक तरस रहे हैं। शिक्षित बेरोजगार यह भत्ता लेने के लिए रोजगार कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें किसी से संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है।
कर्जा माफी के लिए किसान भी तरसे
देवनानी ने कहा कि इसी तरह कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में किसानों का 99 हजार 800 करोड़ रूपए कर्ज माफ करने का वादा किया था, लेकिन अभी तक गिने-चुने किसानों का ही आधा-अधूरा कर्ज माफ हो पाया है। कांग्रेस ने यह वादा रूपी हथकंडा भी केवल विधानसभा चुनाव जीतने के लिए अपनाया था। आज भी लाखों किसान कांग्रेस सरकार की उसकी वादाखिलाफी के लिए कोस रहे हैं और लोकसभा चुनाव में इसका हिसाब-किताब चुकता करेंगे।
गरीबी मिटाने की बात पहले क्यों नहीं की
देवनानी ने बयान में यह सवाल उठाया है कि देश से गरीबी मिटाने की बात करने वाली कांग्रेस आजादी के बाद पिछले 70 साल से अभी तक कहां थी। आजादी के बाद अधिकांश समय कांग्रेस ने ही देश में राज किया था, तो वह अभी तक गरीबी क्यों नहीं मिटा सकी। ऐसे में यह बात विचारणीय है कि जो कांग्रेस गरीबी मिटाने के झूठे नारे के दम पर हमेशा सत्ता में आती रही, वही कांग्रेस अब वापस सत्ता में आने के लिए इस नारे का सहारा लेकर एक बार फिर देश की जनता के साथ छलावा करने पर उतारू हो गई है।

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