महानरेगा कार्यो में किसी प्रकार की ढ़िलाई बर्दाश्त नहीं होगी

अजमेर, 22 जून। महानरेगा आयुक्त श्री पी.सी. किशन ने समस्त विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे महानरेगा के कार्यो को समयबद्धता एवं पूर्ण गुणवत्ता के साथ करायें। इन कार्यो में किसी प्रकार की ढ़िलाई सहन नहीं की जायेगी।
महानरेगा आयुक्त शनिवार सायं अजमेर कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित महानरेगा की समीक्षा बैठक ले रहे थे। उन्होंने कहा कि कार्यो पर लगाये गये मेट को तकनिकी एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण अच्छी तरह से दिया जाये। विकास अधिकारी इन समस्त कार्यो का ग्राम स्तर पर जाकर प्रभावी मोनिटरिंग करें।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्य समय पर पूर्ण हो। दो वर्ष से अधिक समय से अपूर्ण कार्य कोई नहीं रहना चाहिए। उन्होंने बताया कि योजना के तहत दस पेरामीटर पर कार्य कराया जाकर उसका पर्यवेक्षण किया जाता है। जिला कुछ पेरामीटर में पीछे है , जिस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्हाेंने कहा कि ग्राम में जो भी कार्य किया जा रहा है, उसके लिए समूह में आवेदन प्राप्त किये जायें। पूरा काम , पूरी मजदूरी के ध्येय पर कार्य संपादित किये जायें।
महानरेगा आयुक्त ने कहा कि प्रत्येक कार्य पर औसत मजदूरी 199 रूपये आनी चाहिए, लेकिन यहां काफी कम आ रही है। इस और विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सौ दिवसीय कार्य योजना के तहत चारागाह विकास, श्मशान विकास, खेल विकास एवं मॉडल तालाब के कार्य कराये गये है। इसके साथ ही प्रत्येक पांच पांच पंचायतों में नर्सरियों का विकास किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिये कि आदर्श विद्यालयों की चारदीवारी के कार्यो को प्राथमिकता के साथ हाथ में लिया जाकर पूर्ण कराया जायें। वन विभाग से भी पौधारोपण के लिए छ फीट की ऊंचाई के पौधें प्राप्त कर लगाये जायें।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक विकास अधिकारी महानरेगा के मार्गदर्शिका एवं जारी किये गये परिपत्रों का अच्छी तरह से अध्ययन कर लें। उसी अनुरूप कार्यो को संपादित करें। उन्होंने स्लाईड प्रदर्शन के माध्यम से योजना के तहत अब तक विभिन्न पेरामीटर पर हुई प्रगति की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि प्रपत्र 6 की रसीद आवश्यक रूप से उपलब्ध करायी जायें तथा दैनिक मजदूरी नाम प्रपत्र मजदूर के पास आवश्यक रूप से उपलब्ध रहें।
बैठक में जिला कलक्टर श्री विश्व मोहन शर्मा ने बताया कि पंचायत स्तर पर प्रभावी मोनिटरिंग कर औसत मजदूरी दर को बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। जिला नरेगा एवं अन्य ग्रामीण विकास की योजनाओं में प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। इसे आगे भी जारी रखने का प्रयास किया जायेगा।
बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री गजेन्द्र सिंह राठौड ने बताया कि योजना की प्रभावी मोनिटरिंग के लिए जिला परिषद में अलग से प्रकोष्ठ स्थापित किया गया है।
इस मौके पर अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी सहित जिले के समस्त विकास अधिकारी एवं कनिष्ठ अभियंता उपस्थित थे।

चारागाह विकास के कार्यो को प्राथमिकता से लें – जिला कलक्टर
मेट्स के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे
अजमेर, 22 जून। जिला कलक्टर श्री विश्व मोहन शर्मा ने कहा कि जिले में प्रत्येक ग्राम पंचायत में चारागाह विकास के कार्यो को प्राथमिकता से कराया जायेगा। यहां प्रत्येक चारागाह में सौ – सौ पौधें फलदार लगाये जायेंगे।
जिला कलक्टर शनिवार को विकास अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि चारागाह विकास के कार्यो को तत्काल कराया जायें। यहां फलदार पौधे वन विभाग द्वारा उपलब्ध करायें जायेंगे। इस कार्य को 15 जुलाई से पूर्व कार्य योजना बनाकर आरंभ किया जायें। उन्होंने विकास अधिकारियों से कहा कि जहां औसत मजदूरी दर कम आ रही है, वहां विशेष ध्यान दिया जायें। समूह में कार्य करवाया जायें तथा इसमें किसी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जायें।
जिला कलक्टर ने निर्देश दिये कि मेट्स एवं जेटीएस का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किये जायें। तत्पश्चात उनको प्रश्न पत्र देकर हल करवाया जायें। जो उस परीक्षा में फेल हो जाता है उसे कभी मेट नहीं लगाया जायें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ब्लाक में पचास प्रतिशत महिला मेट को नियुक्त किया जायें। उन्होंने कहा कि सेन्सिविटी इन्डेक्स जहां कम है, वहां विशेष ध्यान रख कर लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जायें। प्रपत्र 6 की रसीद उपलब्ध करायी जायें तथा प्रत्येक मजदूरों के समूह के मुखिया के पास दैनिक मजदूरी नाम प्रपत्र उपलब्ध रहें।
उन्होंने कहा कि मॉडल तालाबों के कार्य 30 जून तक आवश्यक रूप से पूर्ण करवा लिये जायें। प्रत्येक ब्लाक में अधिकतम श्रमिकों को कार्यो पर नियोजित किया जायें। उन्होंने कहा कि पुष्कर क्षेत्र में फीडर से आने वाले पानी के लिए फीडर की सफाई का कार्य महानरेगा के तहत कराया जायें।
उन्होंने विकास अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रधानमंत्री कृषक सम्मान निधि योजना के तहत शिविरों का आयोजन कर उन्हें लाभान्वित करने के समुचित उपाय किये जायें।
बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री गजेन्द्र सिंह राठौड , अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी, समस्त विकास अधिकारी एवं सहायक अभियंता उपस्थित थे।

अजमेर डेयरी द्वारा 26 जून से दुग्ध खरीद मूल्य 7 रूपए प्रति फैट देय होगी
अजमेर, 22 जून। अजमेर डेयरी द्वारा पशुपालकों को विशेष राहत देते हुए उन्हें अब दूध विक्रय मूल्य में बढ़ौतरी की गयी है। इससे डेयरी को दीपावली तक लगभग 9 करोड़ रूपये का अतिरिक्त भुगतान करना होगा।
अजमेर जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लि. के अध्यक्ष श्री रामचन्द्र चौधरी ने बताया कि वर्तमान में दूध उत्पादकों को दुग्ध का खरीद मूल्य 6.50 रूपए प्रति फैट दिया जा रहा है। जिससे संघ द्वारा 6.20 रूपए फैट व 2 रूपए प्रति लीटर मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादन सम्बल योजना के सम्मिलित है। इस प्रकार पशु पालकों को 6.50 रूपए प्रति फैट मिल रहा है। अब नए आदेशानुसार संघ द्वारा दुग्ध उत्पादकों को 6.70 रूपए प्रति फैट व 2 रूपए प्रति लीटर मुख्यमंत्री सहायता कोष के (जिससे कि 30 पैसा प्रति फैट बनते है), कुल मिलाकर दुग्ध उत्पादकों को संघ द्वारा आगामी 26 जून प्रातः से 7 रूपए प्रति फैट की दर से भुगतान किया जाएगा। जिससे दुग्ध उत्पादकों को दूध का औसत खरीद मूल्य 46 रूपए प्रति लीटर के हिसाब से मिलेगा।
उन्होंने बताया कि इससे पशु पालकों को दुग्ध खरीद मूल्यों में 3 रूपए प्रति लीटर की वृद्धि की गई है। वर्तमान में संघ द्वारा 2.25 लाख लीटर दूध प्रतिदिन संग्रह किया जा रहा है। लगभग 7 लाख रूपए प्रतिदिन का अतिरिक्त भुगतान संघ द्वारा दुग्ध उत्पादकों को किया जाएगा। इन दरों को आगामी दीपावली त्यौहार तक प्रभावी रहेगी। इससे पशुपालकों को लगभग 9 करोड रूपए का अतिरिक्त भुगतान देय होगा।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष मानसून एक माह देरी से चल रहा है एवं गत वर्ष के सूखे के कारण पेयजल व चारे के साथ -साथ पशु आहार के भावों में वृद्धि को मध्यनजर रखते हुए दुग्ध खरीद मूल्यों में उक्त वृद्धि कर पशु पालकाें को राहत पहुंचाने का प्रयास किया गया है।

वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रियों को तोहफा
हवाई जहाज से विदेश जायेगे तीर्थ यात्री, पशुपतिनाथ काठमाडू सर्किट योजना में शामिल
देवस्थान एवं पर्यटन मंत्री की पहल पर रेल यात्रा में 2 और हवाई यात्रा में 3 नये सर्किट शामिल
यात्रा के लिये आवेदन 5 जुलाई से शुरू होगे
जयपुर/अजमेर, 22 जून। राजस्थान के वरिष्ठ नागरिक अब वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के तहत विदेश भी जा सकेगे। हवाई मार्ग से वरिष्ठ नागरिक नेपाल के काठमाडू, पशुपतिनाथ की निःशुल्क तीर्थ यात्रा कर सकेगे। बुधवार को पर्यटन एवं देवस्थान मंत्री विश्वेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में पर्यटन भवन में आयोजित राज्य स्तरीय समिति की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय पारित किये गये। इस वर्ष 5 हजार यात्री हवाई जहाज से एवं 5 हजार यात्री रेल से तीर्थ यात्रा पर जायेगे। देवस्थान मंत्री की पहल पर रेल यात्रा में 2 और हवाई यात्रा में 3 नये सर्किट जोडे गये है।
यात्रा के लिये आवेदन 5 जुलाई से शुरू होगे। आवेदन देवस्थान के पोर्टल पर दिये गये लिंक के माध्यम से ऑनलाइन ही स्वीकार किये जायेगे।

हवाई जहाज से कांठमाडू जायेगे तीर्थ यात्री
इस वर्ष हवाई यात्रा में 3 नये सर्किट जोडे़ गये है। नेपाल मेें पशुपतिनाथ-काठमांडू सर्किट में तीर्थ यात्रियों को काठमांडू तक हवाई जहाज से एवं वहा से आगे पशुपतिनाथ तक बसों के माध्यम से ले जाया जायेगा। गंगासागर -दक्षिणेश्वर काली-वेलूर मठ-कोलकता सर्किट में यात्रियों को कोलकाता तक हवाई मार्ग से और वहा से आगे बस के माध्यम से ले जाया जायेगा। देहरादून- हरिद्वार-ऋषिकेश सर्किट में तीर्थ यात्रियों को देहरादून तक हवाई जहाज में एवं वहा से आगे बस के माध्यम से ले जाया जायेगा। गौरतलब है कि यह 3 नये सर्किट इस वर्ष योजना में शामिल किये गये है इससे पूर्व योजना में 6 सर्किट शामिल थे जिन्हे बढ़ाकर 9 कर दिया गया है।

रेल यात्रा में 2 नये सर्किट जोड़े
वर्ष 2019 के लिये प्रस्तावित वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा में रेल यात्रा में 2 नये सर्किट जोड़े गये है। श्रीगोवर्धन-नंदगॉव-बरसाना-मथुरा-वृंदावन सर्किट एवं अजमेर (अजमेंर शरीफ) दिल्ली (शेख निजामुदद्ीन औलिया की दरगाह) एवं फतेहपुर सीकरी आगरा (शेेख सलीम चिश्ती की दरगाह) सर्किट को इस वर्ष योजना में शामिल किया गया है। गौरतलब है कि इससे पूर्व रेल यात्रा में 6 सर्किट शामिल थे। जिन्हें बढ़ाकर 8 कर दिया गया है।

65 वर्ष के यात्री भी ले जा सकेगे सहायक
योजना के तहत रेल से जाने वाले 65 वर्ष या इससे अधिक के नागरिक भी अब अपने साथ सहायक ले जा सकेगे। गौरतलब है कि इससे पूर्व 70 वर्ष एवं इससे अधिक आयु के यात्रियों को ही सहायक ले जाने की अनुमति थी। मुख्य यात्री के साथ रेल यात्रा में जाने वाले पुरूष सहायक की आयु सीमा न्यूनतम 21 वर्ष से 50 वर्ष तक रखी गई है। इसके साथ ही सेवानिवृत्त सरकारी कार्मिक भी योजना का लाभ उठा सकेगे। इससे पूर्व सेवानिवृत्त सरकारी कार्मिक योजना का लाभ उठाने के लिये पात्र नहीं थे।

पत्रकारों के लिये 5-5 प्रतिशत सीटे आरक्षित
तीर्थ यात्रा योजना में हवाई एवं रेल मार्ग पर 5-5 प्रतिशत सीटे पत्रकारों के लिये आरक्षित की गई है। योजना का लाभ 60 वर्ष या इससे अधिक आयु के पत्रकार ले सकेगे।

व्हाटसअप ग्रुप से होगी मॉनिटरिंग
यात्रा से जुडे़ सभी अधिकारी एवं यात्रियों के साथ गये हुये अधिकारी एवं कार्मिक व्हाटसअप ग्रुप के माध्यम से जुडे़ रहेगे ताकि उनके बीच समन्वय बना रहे। इसके साथ ही यात्रियों की सुविधा के लिये नियन्त्रण कक्ष स्थापित किया जायेगा। संयुक्त शासन सचिव या सहायक शासन सचिव को इस नियन्त्रण कक्ष का नोडल अधिकारी नियुक्ति किया जायेगा।

ग्रामीण इलाकों तक पहुंचे योजना की जानकारीः- विश्वेन्द्र सिंह
देवस्थान एवं पर्यटन मंत्री ने देवस्थान विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये है कि तीर्थ यात्रा योजना के प्रचार-प्रसार के लिये जिला कलेक्टरों से समन्वय स्थापित कर हर जिले में प्रेस वार्ता आयोजित करवाई जाये। उन्होंने निर्देश दिये है कि योजना का ज्यादा से ज्यादा प्रचार-प्रसार किया जाये ताकि दूर दराज के ग्रामीण इलाकों तक भी इसकी जानकारी पहुंचे।

अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
किन्ही परिस्थितियों में रेल एवं हवाई यात्रा के दौरान स्थान रिक्त रहने पर आवश्यकता अनुसार ऎसे इच्छुक पात्र व्यक्ति जिन्होंने आवेदन नहीं किया है लेकिन यात्रा के आवेदन के पात्र है, ऎसे व्यक्ति को रिक्त रही सीटों पर राज्य स्तरीय अनुमोदन उपरान्त भिजवाया जा सकेगा।
हवाई यात्रा के दौरान 40 यात्रियों पर 1 अनुरक्षक 40 से 80 यात्रियों के लिये 2 एवं 80 से ज्यादा वरिष्ठ यात्रियों के लिये 3 अनुरक्षक जायेगे।

वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना
60 वर्ष से अधिक के आयु के नागरिक होगें योजना के लिये पात्र
देवस्थान विभाग के पोर्टल पर दिये गये लिंक से करना होगा आवेदन
जयपुर/अजमेर, 22 जून। वरिष्ठ नागरिक तीर्थ योजना के लिये आवेदन की प्रक्रिया 5 जुलाई से शुरू होगी। आवेदन देवस्थान विभाग के पोर्टल पर दिये गये लिंक के माध्यम से ऑनलाइन स्वीकार किये जायेगे। आयुक्त देवस्थान कृष्ण कुणाल ने बताया कि आवेदक को आवेदन पत्र में अपनी पसंद के तीन तीर्थ स्थल वरीयता क्रम में अंकित करने होगे। गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा इस योजना के लिये चयनित यात्रियों को हवाई एवं रेल सेवा के माध्यम से निःशुल्क तीर्थ यात्रा करवाई जाती है।

यह होगी पात्रता
योजना के अन्तर्गत आवेदन के लिये आवेदक का राजस्थान का मूल निवासी होना एवं 60 वर्ष से अधिक आयु का होना जरूरी है। आवेदक आयकर दाता न हो और न ही आवेदक ने योजना का पूर्व में लाभ उठाया हो। आवेदक यात्रा हेतु शारीरिक एवं मानसिक रूप से सक्षम हो और किसी संक्रामक बीमारी से ग्रसित न हो। ऎसे आवेदक जिन्होंने विगत वर्षो में इस योजना के लिये आवेदन तो किया है किन्तु उनका नंबर उक्त योजना में यात्रा के लिये चयन े नहीं हुआ है वे आवेदन करने के लिये पात्र होगे।
रेल यात्रा के लिये आवेदन करने वाला अपने साथ जीवनसाथी अथवा सहायक में से एक को ले जाने के लिये अनुमत होगा। लेकिन आवेदन करते समय ही आवेदक को अपने आवेदन में उसका नाम बताना होगा।

आवेदन की प्रक्रिया
आवेदन देवस्थान विभाग के पोर्टल पर दिये गये लिंक के माध्यम से केवल ऑनलाइन ही स्वीकार किये जायेगे। आवेदक व उसके साथ जाने वाले सहायक अथवा जीवनसाथी के पास आधार कार्ड/भामाशाह कार्ड आवश्यक रूप से होना चाहिए। आवेदन पत्र में आवेदक को अपनी पंसद के तीन तीर्थ स्थल वरीयता क्रम में अंकित करने होगे।

चयन की प्रक्रिया
यात्रियों का चयन जिला स्तर पर गठित समिति द्वारा किया जायेगा। प्रत्येक स्थान की यात्रा के लिये जिला वार कोटा निर्धारित किया जायेगा। निर्धारित संख्या से अधिक आवेदन प्राप्त होने पर लॉटरी (कम्प्यूटराईज्ड ड्रॉ ऑफ लॉट्स) द्वारा यात्रियों का चयन किया जायेगा। कोटे के 100 प्रतिशत अतिरिक्त व्यक्तियों की प्रतीक्षा सूची भी बनाई जायेगी।

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