अजमेर जिले को किया निराश

प्रो. वासुदेव देवनानी
अजमेर, 10 जुलाई। पूर्व शिक्षा राज्य मंत्री व विधायक अजमेर उत्तर वासुदेव देवनानी ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा प्रस्तुत बजट को पूरी तरह दिशाहीन, निराशाजनक व हवाई बजट करार दिया है। उन्होंने कहा कि कुल मिलकार बजट में कुछ भी नयापन नहीं है तथा पूरी तरह हवा-हवाई है। मुख्यमंत्री गहलोत ने केन्द्र सरकार की घोषणाओं व योजनाओं की आड़ लेकर शब्दों व आंकड़ो के मायाजाल को बजट के रूप में प्रस्तुत किया है जिससे ना केवल किसान व बेरोजगार ठगा महसूस कर रहे बल्कि समस्त प्रदेशवासी भी निराश हुए है।
देवनानी ने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों का सम्पूर्ण कर्जमाफी व बेरोजगारों को मासिक भत्ता देने की झूठी घोषणा कर सत्ता में आई कांग्रेस ने प्रदेश के बजट में उनके लिए कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं किया। बजट में युवाओं व किसानों को केन्द्र की घोषणाओं के अलावा प्रदेश के बजट में कुछ भी नहीं मिला है तथा वे स्वंय को ठगा महसूस कर रहे है।
अजमेर जिले को किया निराश
देवनानी ने कांग्रेस सरकार पर अजमेर जिले की उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि बजट में अजमेर को कुछ भी नहीं मिला। उन्होंने कहा कि अजमेर शहर ही नहीं पूरे जिले में पेयजल का संकट व्याप्त है। अजमेर की पेयजल आपूर्ति बीसलपुर बांध पर निर्भर है। गत भाजपा सरकार द्वारा बीलसपुर बांध तक पानी पहुंचाने के लिए ब्राह्मणी नदी योजना स्वीकृत की थी परन्तु सरकार ने अपने बजट में इसके लिए कोई वित्तीय प्रावधान नहीं किया है।
पेयजल व कानून व्यवस्था के सुधार पर नहीं कोई जोर
उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में पेयजल का संकट व्याप्त है तथा दुष्कर्म, बलात्कार जैसी अपराधिक घटनाएं लगातार बढ़ रही है परन्तु ना तो बजट में पेयजल व्यवस्था के सुधार हेतु पर्याप्त प्रावधान किया गया है और ना ही कानून व्यवस्था में सुधार हेतु नफरी आदि बढ़ाकर पुलिस तंत्र को मजबूत बनाने की ओर ध्यान दिया गया है। उन्होंने कहा कि पेयजल व्यवस्था के लिए बजट में 8445 करोड़ का प्रावधान किया गया है जो कि ऊंट के मुहं में जीरे के समान है। इसी प्रकार पी.डब्ल्यू.डी. के लिए भी मात्र 6037 करोड़ का प्रावधान किया गया है जबकि सड़क निर्माण के पहले से स्वीकृत कार्य जिनके कार्यादेश तक हो चुके है वो भी ठप्प पड़े है।
केन्द्र की योजनाओं का काॅपीफाॅर्म
देवनानी ने कहा कि बजट में कुछ भी नयापन नहीं है। केन्द्र सरकार द्वारा प्रस्तुत एतिहासिक बजट की ही प्रमुख घोषणाओं व याजनाओं को काॅपीफाॅर्म किया गया है। शिक्षा व आंगनबाड़ी केन्द्रों के लिए जो प्रावधान किये गये है वे सभी केन्द्र द्वारा दिये गये बजट का अनुसरण ही है। इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन व किडनी, हार्ट व कैंसर की मुफ्त दवाओं की योजना भी केन्द्र की है। इसके अतिरिक्त केन्द्र सरकार की अन्य कई योजनाओं का उल्लेख भी बजट में किया गया है।
गत भाजपा सरकार की उपलब्धियों को माना
बजट में यह उल्लेख किया गया है कि प्रदेश ई गर्वंनेंस में पूरे देश में अग्रणी है तथा प्रदेश में विद्युत उत्पादन भी सरप्लस है। देवनानी ने कहा कि ये सब गत भाजपा सरकार द्वारा किये गये सार्थक प्रयासों का ही परिणाम है। बजट में गत भाजपा सरकार की गौरव पथ निर्माण की योजना का नाम बदलकर विकास पथ कर दिया गया है।
महात्मा गांधी की 150वीं जयन्ति पर करते शराबबन्दी की घोषणा
देवनानी ने कहा कि मुख्यमंत्री गहलोत द्वारा प्रस्तुत बजट के बिन्दु संख्या 4 में लिखा गया है कि देश राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयन्ति मना रहा है तथा उनके सिद्धांतों पर अमल करते हुए उनके सपनों को साकार करना ही उन्हें हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा कि अच्छा होता यदि एसा विचार रखने वाले मुख्यमंत्री व राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में शराबबन्दी की घोषणा बजट में की जाती।
नया कर नहीं लगाने की बात झूठी
देवनानी ने कहा कि सरकार द्वारा कोई नया कर नहीं लगाने अथवा बढ़ाने की जो बात कही जा रही है वो पूरी तरह झूठी व बेमानी है। प्रदेश सरकार द्वारा गत 4 दिन पूर्व ही पेट्रोल व डीजल पर वेट बढाकर इनके दामों में वृद्धि की है।
इसके अतिरिक्त प्रदेश के बजट में शिक्षा जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्था पर भी सरकार का कोई फोकस नहीं है। शिक्षा में समग्र शिक्षा अभियान के लक्ष्य को दर्शाया गया है। विद्यार्थी, विद्यालय व शिक्षकों के हित की किसी योजना का प्रावधान नहीं किया गया है। बजट में जनता क्लिनिक खोले जाने की घोषणा भी की गई है, परन्तु उन पर लगाये जाने वाले चिकित्सकों व अन्य स्टाफ के बारे में कोई उल्लेख नहीं है जबकि प्रदेश में पहले से ही चिकित्सकों के बड़ी संख्या में पद रिक्त चल रहे है। बजट में शहरी विकास के लिए कोई विशेष प्रावधान नहीं रखे गये है।

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