अधिशाषी अभियंताओं की ली समीक्षा बैठक

उपभोक्ताओं को मिलें निर्बाध विद्युत आपूर्ति
कुसुम योजना से कृषकों को किया जाए लाभान्वित
छीजत कम कर शत-प्रतिशत राजस्व में बढ़ोतरी की जाए
-प्रबंध निदेशक
अजमेर, 17 जुलाई। अजमेर विद्युत वितरण निगम लि. के प्रबंध निदेशक श्री वी. एस. भाटी ने अजमेर डिस्कॉम के क्षेत्राधीन वृत्तों के अधिशाषी अभियंताओं की बैठक में निर्देश देते हुए कहा कि ग्रामीण विद्युत उपभोक्ताओं को 24 घंटे एवं कृषि उपभोक्ताओं को 6-7 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराई जाए।
प्रबंध निदेशक बुधवार 17 जुलाई को पंचशील स्थित कॉरपोरेट कार्यालय सभागार में आयोजित निगम के अधिशाषी अभियंताओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में प्रबंध निदेशक ने निर्देश देते हुए कहा कि ग्रामीण विद्युत उपभोक्ताओं 24 घंटे एवं कृषि उपभोक्ताओं को 6-7 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि विद्युत तंत्रा में सुधार कर/अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाकर कृषि उपभोक्ताओं को 2 ब्लॉक में सप्लाई दिया जाना सुनिश्चित किया जाए। ग्रामीण घरेलू एवं कृषि उपभोक्ताओं को अलग-अलग फीडर पर स्थानान्तरित कर निर्बाध विद्युत आपूर्ति देने हेतु योजना बनाए, जिससे ट्रिपिंग की समस्या से निजात मिल सके साथ ही ग्रामीण घरेलू एवं कृषि उपभोक्ताओं को गुणवत्ता पूर्ण विद्युत प्राप्त हो सके। उन्होंने अभियंताओं को निर्देश देते हुए कहा कि जहां ट्रांसफार्मर पर अधिक लोड है वहां ट्रांसफार्मरों की क्षमता में वृद्धि कर अथवा लोड विभाजन कर ट्रांसफार्मर जलने की समस्या में कमी लाई जाना सुनिश्चित करें। निर्धारित लक्ष्यों के आधार पर सितम्बर, 2019 तक कृषि कनेक्शन पूर्ण किया जाना सुनिश्चित करें।
बैठक में प्रबंध निदेशक ने अधिशाषी अभियंताओं को निर्देश देते हुए कहा कि केन्द्र की कुसुम योजना के अन्तर्गत कृषकों को सोलर प्लांट लगाने हेतु भूमि चिन्हित की जाए। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता को सोलर प्लांट लगवाने के लिए आवेदन करने पर उनका नाम और खाता संख्या लेकर प्रमाणिकरण करने के पश्चात् कुसुम योजना के तहत कनेक्शन देने की कार्यवाही की जाए। कुसुम योजना से उत्पन्न होने वाली बिजली से किसान दिन में भी विद्युत का उपयोग कर सिंचाई कर सकेंगे। साथ ही बची हुई बिजली को किसान डिस्कॉम केा बेच पाएंगे जिससे कृषि कनेक्शनों का बढ़ता भार भी कम होगा और बिजली बेचकर किसान भी आर्थिक रूप से मजबूत होंगे। उन्होंने कहा कि कृषकों को राज्य सरकार की योजना का लाभ देने हेतु उनसे बैंक खाता संख्या एकत्रित कर डीबीटी के माध्यम से उन्हें योजना में लाभान्वित किया जाए।
बैठक में उन्होंने सभी अधिशाषी अभियंताओं से राजस्व निर्धारण व वसूली, टी एण्ड डी लोसेज, एटी एण्ड सी लोसेज, सिंगल/थ्री फेज के बंद एवं खराब मीटर बदलने,कन्ज्यूमर टेगिंग, औसत बिलिंग, फीडरवार 11 केवी एनर्जी ऑडिट, लम्बित कृषि एवं औद्योगिक कनेक्शन की प्रगति के बारे में उपखण्ड़वार विस्तृत जानकारी ली। जिन उपखण्ड़ो में विद्युत छीजत में बढ़ोतरी हुई है एवं राजस्व प्राप्ति शत-प्रतिशत नहीं हुई है उन क्षेत्रों के अधिशाषी अभियंताओं को अगले तीन माह में विद्युत छीजत में कमी एवं शत-प्रतिशत राजस्व वसूली हर संभव पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए। प्रबंध निदेशक ने अभियंताओं को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि चालू वित्तीय वर्ष में विद्युत छीजत में कमी लाकर छीजत 15 प्रतिशत से कम करना सुनिश्चित करें। निगम द्वारा दिए गए लक्ष्यों को पूर्ण नहीं करने एवं कार्य में लापरवाही बरतनें पर दोषी अधिकारियों को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
प्रबंध निदेशक ने बताया कि जिन शहरों के उपखण्ड़ो में छीजत अधिक है वहां के अधिक भार वाले पावर ट्रांसफार्मर का लोड़ विभाजन कर, फीडरवार खराब मीटर बदलने, सतर्कता जांच करने एवं समय पर वास्तविक मीटर रीडिंग का कार्य करने पर स्वतः ही छीजत एवं ट्रांसफार्मर जलने में कमी आएगी। इस कार्य को प्राथमिकता से करना सुनिश्चित करें एवं किसी भी एक फीडर को मॉडल के रूप में चुनकर यह सभी कार्य करें इसके बेहतर परिणाम आने पर अन्य सभी फीडरों पर मॉडल फीडर के अनुसार ही कार्य किए जाए। प्रतिदिन सहायक अभियंता कार्यालय में जाकर बेहतर विद्युत व्यवस्था, बिलिंग व्यवस्था, सतर्कता जांच सहित उपखण्डों में किए जा रहे दैनिक कार्याें की मॉनिटरिंग करना सुनिश्चित करें।
इस मौके पर निदेशक (तकनीकी) श्री एम. बी. पालीवाल, संभागीय मुख्य अभियंता श्री एन. एस. निर्वाण, टी ए टू एमडी श्री मुकेश बाल्दी सहित समस्त वृत्तों के अधिशाषी अभियंता उपस्थित थे।

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