– देवनानी ने पोक्सो एक्ट व बच्चों के शोषण व हत्या के प्रकरणों के सम्बंध में विधान सभा में पूछा था प्रश्न
– बढ़ते अपराधों पर सरकार का नहीं कोई नियंत्रण, अपराधियों में नहीं कानून का भय
– बाल अत्याचार की दृष्टि से प्रदेश की हालात चिंताजनक

देवनानी ने बताया कि उनके द्वारा पूछे गये प्रश्न का सरकार द्वारा दिये गये जवाब के अनुसार वर्ष 2014 से 2018 के मध्य लगभग 10027 प्रकरण बच्चों के साथ बलात्कार, शारीरिक शोषण व हत्या व पोक्सों एक्ट में दर्ज हुए थे यानि ओसतन 167 प्रकरण प्रदेश में प्रतिमाह दर्ज हुए थे। जबकि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद जनवरी 2019 से 18 जून 2019 के मध्य ही पद्रेश में लगभग 1762 प्रकरण उक्त एक्ट में दर्ज हुए है जिसका मतलब है कि औसतन 315 प्रकरण प्रति माह बाल अत्याचारों के दर्ज हुए है।
पूर्व शिक्षा राज्य मंत्री देवनानी ने कहा कि बच्चों के शारीरिक शोषण, हत्या व पोक्सों एक्ट में पिछले 6 माह से भी कम अवधि में दर्ज प्रकरणों के आंकड़े यह बताते है कि प्रदेश में बढ़ रहे अपराधों पर सरकार कोई नियंत्रण नहीं कर पा रही है और अपराधियों में तो कानून का काई भय हीं नहीं रहा। उन्होंन कहा कि पोक्सो एक्ट के प्रकरणों का दोगुना तक बढ़ना यह दर्शाता है कि आज प्रदेश के हालात बेहद चिंताजनक है जबकि राज्य सरकार हाथ पर हाथ धर कर बैठी है।
देवनानी ने कहा कि सरकार को बच्चों के साथ अत्याचार, शारीरिक शोषण व हत्या जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए तुरन्त आवश्यक व कठोर कदम उठाने चाहिए साथ ही एसी घटनाओं पर नियंत्रण के लिए सामाजिक जागरूकता व सजगता उत्पन्न करने के लिए आवाश्यक वातावरण बनाये जाने की भी आवश्यकता है।