क्रोध ऐसा शत्रु है, जो परघात से अधिक स्वधात करता है

अजमेर 03 सितम्बर – पल्लीवाल दिगम्बर जैन मंदिर पाल बीचला, अजमेर में दस दिवसीय पयूर्षण पर्वराज के उपलक्ष में प्रथम दिन पर विधानमण्डल का अति आकर्षक माॅडल बनाया गया जिस पर एक मंगल कलष व अन्य कलषों की स्थापना की गई।
नवकार महिला मण्डल की अध्यक्षा श्रीमती सरिता जैन ने यह जानकारी देते हुए बताया कि ब्रहमचारणी बहन संगीता दीदी व नेहा दीदी के सानिध्य में मंगलाचरण, श्रीजी का अभिषेक व शान्तिधारा सम्पन्न हुई। तत्पष्चात् नित्य नियम पूजा व ‘उत्तम क्षमा धर्म’ की संगीतमय पूजा सभी श्रावकों ने आत्म विभोर व तव्लीन होकर की।
सभा को सम्बोधित करते हुए ब्रहमचारणी बहन संगीता दीदी व नेहा दीदी ने कहा कि आज ‘‘उत्तम क्षमा धर्म’ का दिन है। क्रोध एक दुर्गुण है जो आत्मा के शांति, दया, गंभीरता, विनय व सहनषीलता आदि गुणों को नष्ट कर देता है। क्रोध हिंसा का जनक है, क्रोधी मनुष्य को अनेक कष्ट सहने पड़े है, स्वभाव में चिडचिड़ापन व अषांति हरने से शरीर भी क्षीण हो जाता है। क्रोध ऐसा शत्रु है, जो परघात से अधिक स्वधात करता है। क्रोध को क्षमा से जीता जाता है, पृथ्वी की भाॅति जिसका सहन करने का स्वभाव है, उसका नाम है उत्तम क्षमा। उत्तम क्षमा को धारण करने से नर्क व तिर्यच गति का बंध नहीं होता, आत्मिक शांति की प्राप्त होती हैं। क्षमा ही आत्मा का वास्तविक स्वभाव है। अतः ऐसे क्रोध का परित्याग कर क्षमा को धारण करना चाहिये।
इसी क्रम में कल दिनांक 04 सितम्बर बुधवार को प्रातः 6ः30 बजे से मंगलाचरण (मंगलाष्टक), 7ः00 बजे श्रीजी का अभिषेक व 7ः15 बजे से विष्व शांति की कामना व समस्त जीवों के कल्याण हेतु ब्रहद् शांतिधारा ब्रहमचारणी बहन संगीता दीदी द्वारा सम्पन्न करवाई जायेगी। तत्पष्चात् संगीतमय नित्य नियम पूजा व दस लक्षण महामंडल विधान किया जायेगा। इसके साथ ही सांय 6ः40 बजे से सामूहिक आरती, प्रवचन व सांस्कृतिक कार्यक्रमों भी पल्लीवाल दिगम्बर जैन मंदिर पाल बीचला में आयोजित किये जायेेगे।

(सरिता जैन)
अध्यक्षा
मो. 9530292776

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