रामनगर स्थित ब्लॉसम सेकेंडरी स्कूल में मंगलवार को वार्षिक कला प्रदर्शनी का आयोजन विभिन्न रंग बिरंगी गतिविधियों को समेटे किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि पुरातत्व विभाग के अजमेर वृत्त अधीक्षक नीरज त्रिपाठी और विशिष्ट अतिथि पृथ्वीराज फाउंडेशन की अध्यक्ष एवं लेखिका डॉ पूनम पांडे ने दीप प्रज्वलन कर प्रदर्शनी का अवलोकन किया। विद्यार्थियों द्वारा बनायी गयी पेंटिंग्स में प्राकृतिक दृश्य, वन्यजीव, डेली लाइफ, लोक शैली के साथ मॉर्डन आर्ट का चित्रण नजर आया। प्रदर्शनी में बेस्ट आऊट ऑफ़ वेस्ट के सन्देश के साथ बच्चो ने घर में उपलब्ध सामग्री द्वारा क्राफ्ट आइटम तैयार किए जो कि बहुत सुंदर नजर आये जिसमे कपडे के थैले, बंदनवार, फोटो फ्रेम, लैंप व सजावटी सामग्री को दर्शको ने खूब सराहा। प्रदर्शनी में मुख्य आकर्षण रहे वेस्ट प्लास्टिक बोतल व पीपों पर सुन्दर चित्रकारी से तैयार किये गए पॉट्स में लगाए गए पौधे। ब्लॉसम स्कूल के निदेशक राजेश कश्यप ने बताया की प्लास्टिक के दुष्प्रभाव को रोकने और काम में लिए गए प्लास्टिक बोतल अथवा पात्र को फेंकने या बेचने की बजाय उन्हें काम में लिया गया है और सभी बच्चो को भी बताया गया है की अपने घरो में भी काम में लिए प्लास्टिक बोतल अथवा पात्र का सदुपयोग किया जा एकता है जो की लम्बे समय तक काम भी आएगा और पर्यावरण भी संरक्षित रहेगा। नीरज त्रिपाठी ने विद्यार्थियों के कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि बच्चो में कला का विकास होना अनिवार्य है। यदि हम प्राचीन इतिहास में देखे तो पता चलेगा को कला के जरिए ही मानव सभ्यता के प्रमाण मिलते है। डॉ. पूनम पांडे ने कहा की विद्यार्थी कला से जुड़ेंगे तो उनमे सृजनात्मकता का विकास होगा और आगे जाकर इसमें अपना कैरियर भी तलाश सकते है। इस अवसर पर लोक कला संस्थान के संजय सेठी और आर.एस. अग्रवाल भी उपस्थित थे।