– सड़क पर खुले में बैठकर रोजगार करने वाले मोची, सब्जी विक्रेता व रेहड़ी वालों को छाते उपलब्ध कराने के अभियान की करी शुरूआत
– एक हजार एक छातों के वितरण का लक्ष्य, पहले चरण में बाटंेगे 300 छातें
– तपती धूप व बेमौसम बारिश में खुले में बैठने को मजबूर लोगों को मिलेगी राहत
– देवनानी ने इससे पहले आॅटो चालकों, ठेले वालों, सब्जी विक्रेताओं को बांटे मास्क, सेनेटाईजर व साबुन के परिवार किट, इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए आमजन को बांटे तुलसी के पौधे
अजमेर, 11 जून। विधायक अजमेर उत्तर वासुदेव देवनानी ने परिवार का पालन-पोषण करने के लिए धूप व बारिश के मौसम में सड़क पर खुले में बैठकर रोजगार करने वाले लोगों को छातें की छाया प्रदान की है। देवनानी ने गुरूवार को उनके विधान सभा क्षेत्र में सड़क पर बिना छत के खुले में बैठकर जूते-चप्पल ठीक करने वाले मोची व सब्जी बेचने वाले तथा रेहड़ी लगाकर रोजगार करने वालों को छातें बांटने के अभियान की शुरूआत की।
देवनानी ने बताया कि इस अभियान के तहत क्षेत्र में सड़कों पर बैठकर रोजगार करने वालों को एक हजार एक छातों का वितरण किये जाने का लक्ष्य रखा है जिसके प्रथम चरण में तीन सौ छातें बांटने की शुरूआत मदारगेट पर सड़क किनारे बैठें जूते-चप्पल ठीक करने वाले मोचियों को छाते बांटकर की गई। इसके पश्चात् नया बाजार क्षेत्र में दुकानों के बाहर व सड़क किनारे बैठकर सब्जी बेचने वालों को भी छातें बांटे गये।
देवनानी ने कहा कि इन लोगों को लाॅकडाउन के कारण लम्बे समय तक रोजगार नहीं मिला जिससे बहुत आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ी तथा लाॅकडाउन में छूट मिलने के बाद इन्हें अपने परिवार का पेट भरने के लिए तेज तपती धूप व बेमौसम होने वाली बारिश में भी खुले में बैठना पड़ रहा है। इन लोगों को धूप व बारिश से कुछ राहत मिल सके तथा इनका रोजगार भी अच्छा चल सके इसी भावना को लेकर वे इनको छातें बांट रहे है।
देवनानी ने इससे पूर्व भी आॅटो चालकों, ठेलें पर सब्जी आदि बेचने वालो को मास्क, सैनेटाईजर व साबुन के परिवार किट बांटे है तथा कोरोना से लड़ने के वास्ते शरीर की इम्यूनिटी बढानें के लिए क्षेत्र में आमजन को 5100 तुलसी के पौधों का वितरण भी किया है। इसके अतिरिक्त उन्होंने प्रत्येक वार्ड व गांव में संक्रमण से बचाव हेतु दवा छिड़काव के लिए आॅटोमेटिक स्प्रे मशीन भी उपलब्ध कराई थी जिससे सोडियम हाइपोक्लोराईट का छिडकाव कर क्षेत्र में सेनेटाईजेशन का कार्य अभी भी किया जा रहा है।