श्रेष्ठ कृतियों में दिखा अजमेर का साहित्यिक गौरव

नाट्यवृंद के ऑनलाइन पुस्तक मेले में देषभर के पाठकों ने की षिरकत
कला-साहित्य के प्रति समर्पित संस्था ‘नाट्यवृंद‘ द्वारा कथाकार मुंशी प्रेमचंद की जयंती के अवसर पर शुक्रवार 31 जुलाई को ‘ऑनलाइन अजमेर पुस्तक मेला‘ का आयोजन किया गया। संयोजक उमेश कुमार चौरसिया ने बताया कि देश में पहली बार हुए अनूठे ऑनलाईन पुस्तक मेले में अजमेर के साहित्यकारों की 25 श्रेष्ठ कृतियों को देशभर के दो हजार से अधिक सुधि पाठकों ने जाना और अजमेर के समृद्ध साहित्य को सराहा। नाट्यवृंद के फेसबुक पेज पर लगे इस मेले में कविता, ग़ज़ल, कहानी, बाल साहित्य, निबंध, नाटक जैसी सभी विधाओं की पुस्तकें प्रस्तुत की गयीं, जिनपर पाठकों ने प्रतिक्रियाएं दीं, चर्चा की और लेखकों से संवाद भी किया।
पुस्तक मेले में डॉ बद्रीप्रसाद पंचोली के निबंधसंग्रह ‘राष्ट्रे जागृयामः‘, डॉ नवलकिशोर भाभड़ा के काव्यसंग्रह ‘फिर उड़ान भर‘, गोपाल माथुर के कथासंग्रह ‘जहाँ ईश्वर नहीं था‘, डॉ विनोद सोमानी हंस के कहानीसंग्रह ‘फूल बनकर तो देख‘, राम जैसवाल के कथासंग्रह ‘अविराम‘, डॉ कमला गोकलानी के मोनोग्राफ ‘मोतीलाल जोतवाणी‘, बख्शीश सिंह के काव्यसंग्रह ‘शाह हुसैन‘, रासबिहारी गौड के काव्यसंग्रह ‘किसी दिन लिखूंगा कोई कविता‘़, डॉ अनन्त भटनागर के नाटक ‘सत्य सेवा संकल्प‘, डॉ रमेश अग्रवाल के ग़ज़लसंग्रह ‘भीड़ में तन्हाइयां, उमेश कुमार चौरसिया के नाटक ‘राम कबीरा एक है‘, डॉ शमा खान के काव्यसंग्रह ‘सूफी बनने से डर लगता है‘, डॉ बृजंेश माथुर के ग़ज़लसंग्रह ‘और निखर जाऊंगा‘, गोपाल गर्ग के ग़ज़लसंग्रह ‘तू मिला जिस रोज़‘, गोविन्द भारद्वाज के बालकथा संग्रह ‘जंगल है तो मंगल है‘, प्रदीप गुप्ता के व्यंग्यसंग्रह ‘साहित्य का वायरस‘, डॉ विमलेश शर्मा के काव्यसंग्रह ‘ऋणानुबंध‘, श्याम माथुर के नाटक ‘रूक जाओ कालिदास‘, सुमन शर्मा के काव्यसंग्रह ‘महकते ख्वाब‘, डॉ पूनम पाण्डे के बालकथा संग्रह ‘अमरूद की महक‘, विपिन जैन के काव्यसंग्रह ‘दिशाएं तलाशती जिंदगी‘, डॉ विनिता अशित जैन के काव्यसंग्रह ‘गुंजार जिंदगी की‘, डॉ चेतना उपाध्याय के बालकथा संग्रह ‘समझदार लड्डू‘ व डॉ निलिमा तिग्गा के काव्यसंग्रह ‘कूचा ए दिल‘ को प्रदर्शित किया गया। पुस्तक मेला आगामी एक सप्ताह तक जारी रहेगा।

-उमेश कुमार चौरसिया
संयोजक
संपर्क-9829482601

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