मालभाड़ा नीति को संशोधित किया

छूट और सुविधाएँ
रेलवे माल ढुलाई को बढ़ावा देने के लिए एक मिशन मोड पर है जिसके अन्तर्गत रेलवे ने अपनी मालभाड़ा नीति को संशोधित किया है। कोविड से संबंधित चुनौतियों के बीच भी प्रोत्साहन के माध्यम से ग्राहकों को अधिक छूट प्रदान की गई है। इन नए नीतिगत उपायों से सभी माल ग्राहकों को रेलवे के माध्यम से अपने माल के परिवहन के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। तीव्र गति द्वारा किफायती एवं सुगमतापूर्वक माल परिवहन के लिए रेलवे ने कई कदम उठाये है जो इस प्रकार हैं –
छूट और सुविधाएँ :
• लोडेड एवं खाली कंटेनरों के ढुलाई शुल्क में क्रमशः 5% और 25% की छूट दिनांक 30.04.2021 तक के लिए दी गयी है।
• 15% “बिजी सीजन सरचार्ज” दिनांक 1 अक्टूबर 2019 से वापस ले लिया गया है।
लौह-अयस्क और फिनिशड स्टील में 15% से 20% की लंबी-लीड रियायत दी गयी है ।
• कोयला और लौह-अयस्क को छोड़कर सभी ट्रैफ़िक में 10% से 50% तक शॉर्ट-लीड रियायत दी गयी है।
टर्मिनल-एक्सेस चार्जज् में 50% तक की रियायत दी गई ।
• 31 अक्टूबर तक कंटेनर ट्रैफिक पर स्टेबल चार्ज नहीं लगाया जाएगा।
• बल्क/ लूज फ्लाई-ऐश और औद्योगिक लवण की ढुलाई में रियायत दी गयी है ।
• व्यस्त गुड्स शेड के बजाय वैकल्पिक माल शेड से बुक किए गए ट्रैफ़िक पर टर्मिनल चार्ज नहीं लगाया जाएगा।
• निजी गुड्स टर्मिनल और निजी साइडिंग नीतियां उदारीकृत की गई हैं ।
• निजी साइडिंग में सह-उपयोगकर्ताओं पर अधिकतम सीमा को हटा दिया गया है ।
• कवर्ड वैगनों पर ‘“””फ्री टाइम”’ की छूट दी गयी है।
• मिनी रेक के लिए दूरी 400 किलोमीटर से बढ़ाकर 2,500 किलोमीटर और 1500 किलोमीटर तक 5% अधिभार की छूट दी गई है।
• इंडेंटेड पार्सल ट्रेनों की न्यूनतम संरचना जो पहले 20 पार्सल वैन थी उसे अब 15 पार्सल वैन तक किया गया है।
• व्यावसायिक विकास इकाइयों की स्थापना की गई है ।
मंडल रेल प्रबंधक श्री नवीन कुमार परसुरामका ने वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री महेश चंद जेवलिया मालगाड़ियों की औसत गति पिछले वर्ष की तुलना में लगभग दोगुनी की गई है । जिससे अब मालभाड़ा

मुख्य जनसंपर्क निरीक्षक अजमेर

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