
मध्यप्रदेश सरकार द्वारा लव जिहाद के खिलाफ कानून लाने का मामला राजनीतिक गलियारों में दौड लगा ही रहा है कि इसी के बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी ने गहलोत सरकार से प्रदेश में भी लव जिहाद के खिलाफ सख्त कानून लाने की मांग कर दी। देवनानी ने कहा कि प्रदेश में भी लवजिहाद का कुचक्र युद्धस्तर पर चल रहा है जिसे मध्यप्रदेश की तर्ज पर आगामी विधानसभा सत्र में कानून बनाकर रोके जाने की सख्त आवश्यकता है। गहलोत सरकार इस विषय पर गंभीरता से विचार करें।
देवनानी ने कहा कि एक दशक पहले केरल और उसके बाद कर्नाटक में लव जिहाद के मामले सामने आए थे लेकिन अब पूरे देश यहां तक की राजस्थान में भी बड़ी संख्या में आए दिन एसे मामले सामने आने लगे है। लव जिहाद के तहत भोली-भाली लडकियों को पहले झूठे प्रेम जाल में फंसाया जाता है फिर उनको ब्लैकमेल कर शादी करने और धर्म परिवर्तन करने के लिए मजबूर किया जाता है। मुख्यमंत्री गहलोत के पास गृह मंत्रालय का प्रभार होने के बाद भी प्रदेश की भोली भाली बेटियों को लव जिहाद के कुचक्र में फंसाने का षडयंत्र जारी रहना चिन्ता का विषय है।
देवनानी ने कहा कि सवा दशक से हिंदू और इसाई धर्म से जुडे सामाजिक संगठनों की ओर से समय समय पर लव जिहाद के खिलाफ सख्त कानून बनाने की मांग की जाती रही है। लगातार सामने आ रहे लव जिहाद के मामलों पर रोक लगाने के लिए भाजपा शासित मध्यप्रदेश सरकार ने तो धर्म स्वतंत्र्य कानून लाने की कवायद शुरू कर दी है जो प्रशंसनीय है। इसके लिए मप्र की विधानसभा में विधेयक लाया जाएगा। विधेयक कानून का रूप लेने के बाद गैर जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज करने एवं दोषियों को पांच साल की कठोर सजा सुनाने का प्रावधान रहेगा। लव जिहाद में सहयोगी एवं डराने, धमकाने एवं प्रलोभन देने वाले दोषी लोगों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई का प्रावधान होगा। ऐसा मध्यप्रदेश ने तो कर दिया लेकिन गहलोत सरकार का अब तक इस तरफ कोई ध्यान नहीं गया है। मध्यप्रदेश सरकार बेटियों की सुरक्षा का कानून ला सकती है तो प्रदेश में गहलोत सरकार द्वारा क्यों नहीं ला सकती है ? देवनानी ने गहलोत सरकार से आगामी विधानसभा सत्र में लव जिहाद के खिलाफ सख्त कानून लाने की मांग की है।