जाट माहसभा ने महाराजा सूरजमल का बलिदान दिवस मनाया

अखिल भारतीय आदर्श जाट माहसभा ने बुधवार को महाराजा सूरजमल का बलिदान दिवस मनाया गया। इस अवसर पर अखिल भारतीय आदर्श जाट माहासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुबे सिंह चौधरी ने कहा कि महाराजा सूरजमल का बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा। सूरजमल ने दिल्ली के युद्ध में अहमदशाह अब्दाली को हरा दिया था। बाद में अब्दाली के एक सैनिक ने धोखे से उस समय उन्हें शहीद कर दिया, जब सूरजमल यमुना किनारे टहल रहे थे। जाट युंवा विंग के अध्यक्ष एडवोकेट विजय पाल चौधरी ने कहा कि भरतपुर रियासत के नरेश सूरजमल ने उस समय अब्दाली को हराया था, जब ज्यादातर राजा उनकी अधीनता स्वीकार कर चुके थे। सूरजमल सही मायनों में हिन्दू सम्राट थे। इस अवसर पर अजमेर के किसी एक चौराहे का नाम महाराजा सूरजमल व एक चौराहे का नाम पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के नाम पर रखने की मांग की गई।
रामस्वरूप कुड़ी ने कहा कि महाराजा सूरजमल जात-पात से उपर उठकर मानवता की वकालत करते थे। उनकी नजर में सभी धर्म सम्मान थे व सभी धर्मो का वे आदर करते थे। जिनके कारण उन्हें मानव धर्मरक्षक कहा गया। सूरजमल ने राजस्थान की ओर से होने वाले आक्रमण को हमेशा वीरता से रोका इसलिए उन्हें जाट प्लुटो कहा जाता हैं।
कार्यक्रम मे समाजसेवी , धरणीधर ज्यादा, ऐडवोकेट रामकिशोर खदाव,आजद चौधरी, बलविर जाट, सानू जाट सुनिल चौधरी, सुरेश चौधरी मौजूद रहे।

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