केकड़ी 29 जनवरी(पवन राठी)निकाय रण का प्रथम अध्याय यानी मतदान समाप्त होकर सभी की निगाहें अब अंतिम अध्याय पर केंद्रित हो चुकी है।चुनाव प्रचार से गूंजने वाली शहर की सड़कें अब वीरान हो चुकी है।गलियों में सन्नाटा पसरा हुवा है।हर गली के नुक्कड़ चौराहों और चाय की थडियों पर केवल और केवल चल रहा है तो वो है चुनाव परिणामो के कयासों का दौर।अच्छे अच्छे राजनीतिक पंडितो के इन चुनावों में पूर्वानुमान फैल हो गए है।
सट्टा बाजार में परिवर्तन
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मतदान के प्रथम अध्यायाय की पूर्णाहुति के बाद सट्टा बाजार कांग्रेस व भाजपा में नैक तो नैक फाइट बताते हुए भाजपा की बढ़त बताते हुए कांग्रेस का केकड़ी पालिका में बोर्ड बता रहा है जिसके भावी कर्णधार बागी यानी निर्दलीय होंगे।सट्टा बाजार भाजपा व कांग्रेस की बराबर बराबर 18-19 सीटे बता रहा है और शेष सीटे निर्दलीयों की बता रहा है।
यदि सट्टा बाजार के अनुमान सही साबित होते है तब भी यह कांग्रेस की बहुत बड़ी जीत होगी क्योंकि पूर्व के बोर्ड में कांग्रेस 30 में से 3 सीटों पर सिमट कर रह गयी थी।भाजपा के पूर्व पालिका अध्यक्ष व चुनाव संयोजक अनिल मित्तल और उनके जोड़ीदार राजेन्द्र विनायका ने कांग्रेस को निर्वस्त्र करने में जी जान लगा दिया था।लेकिन चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा के नेतृत्व में पुत्र सागर शर्मा और ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष शैलेन्द्र सिंह की त्रिमूर्ति का ही कमाल है कि वे कांग्रेस को बीच सड़क पर कैसे बेवस्त्र होने देते।
मतदाताओं की खामोशी की वजह से पूर्वानुमान लगाना कठिन है। चुनाव परिणाम को लेकर चल रही कयासबाजी के बीच हर व्यक्ति अपने अपने हिसाब से आंकलन कर रहा है। कोई कांग्रेस की बढ़त बता रहा है तो कोई भाजपा की बढ़त बता रहा है। इसी बीच कुछ लोगों का कहना है कि दोनों दलों को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलेगा बोर्ड बनाने में निर्दलीयों का समर्थन लेना पड़ेगा। चुनाव परिणाम 31 जनवरी को आने हैं, दोनों दलों ने अपने-अपने उम्मीदवारों की बाड़ाबंदी कर ली है जिन्हें अज्ञातवास में ठहराया गया है। वहीं निर्दलीयों को भी उठाने की कवायद रातभर चलती रही, दोनों दलों के नेता निर्दलीयों से संपर्क साधने में जुटे रहे। दोनों ही दलों के नेताओं ने अपना बहुमत मानते हुए बोर्ड गठन की कवायद शुरू कर दी है। पालिकाध्यक्ष पद को लेकर दोनों ओर मंथन शुरू हो गया है। दोनों दलों में करीब डेढ़ दर्जन उम्मीदवार ऐसे हैं जो पालिकाध्यक्ष बनने का सपना देख रहे हैं। इस मामले में भाजपा में करीब एक दर्जन उम्मीदवार हैं जो पालिकाध्यक्ष बनने का सपना देख रहे हैं। माना जा रहा है कि पालिकाध्यक्ष पद की लड़ाई भाजपा में भीषण होगी, यहां चुनाव संयोजक अनिल मित्तल अपने चहेते को पालिकाध्यक्ष बनाना चाहेंगे वहीं राजेन्द्र विनायका अपने चहेते को बनाना चाहेंगे, जैसा कि टिकट वितरण के दौरान गुटबाजी नजर आई थी वही हाल पालिकाध्यक्ष के चुनाव में नजर आता दिखाई दे रहा है। हालांकि अभी जब तक चुनाव परिणाम नहीं आ जाता तब तक कुछ कह पाना सम्भव नहीं, उधर कांग्रेस में कोई झंझट नहीं अगर बहुमत आता है या बोर्ड बनाने की स्थिति बनती है तो वही पालिकाध्यक्ष बनेगा जिसे चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा बनाना चाहेंगे। बहरहाल सभी को चुनाव परिणाम का इंतजार है।