अजमेर जिले के अंतिम छोर पर स्थित टॉडगढ़ कस्बे का 201 वा स्थापना दिवस समारोह पूर्वक मनाया गया । वर्ष 1821 में 22 मार्च को इस कस्बे का नामकरण टाॅडगढ़ किया गया , इससे पहले यह बरसावाड़ा के नाम से जाना जाता था । उन दिनों इस राष्ट्रीय अभ्यारण क्षेत्र में कुछ उपद्रव अशांति का माहौल था चूंकि यह क्षेत्र अजमेर मेरवाड़ा के अन्तर्गत था और मेवाड़ की सीमा से लगता हुआ था ,अतः मेवाड़ के तत्कालीन महाराणा ने अजमेर मेरवाडा के कमिश्नर को इस क्षेत्र में शांति स्थापना के लिए आग्रह किया । इस पर नसीराबाद छावनी से कर्नल टॉड को यहां भेजा गया और उन्होंने यहां शांति स्थापित की ।इस बात से प्रसन्न होकर मेवाड़ महाराणा भीम सिंह जी ने इस कस्बे का नामकरण कर्नल टॉड के नाम पर टॉडगढ़ रखने की सिफारिश की ।उनकी अनुरोध पर इस कस्बे का नामकरण टाॅडगढ किया गया । भारत सरकार ने भी इस क्षेत्र को राष्ट्रीय अभयारण्य घोषित किया है ,जो टॉडगढ़ रावली के नाम से जाना जाता है । यह स्थान अजमेर जिले का माउंट आबू के रूप में भी विख्यात है । मशहूर इतिहासकार कर्नल टॉड ने यही पर रह कर राजपूताना का इतिहास लिखा।यहां एक पहाड़ी की चोटी पर अपना निवास बनाया जो कालांतर में खंडहर में तब्दील हो गया और फूटा बंगला के नाम से जाना जाता था क्योंकि इस की छत टूट चुकी थी ।स्थानीय जैन समाज ने इस पहाड़ी को अधिगृहित कर इसको प्रज्ञा शिखर का नाम देकर इस वीरान क्षेत्र में प्राण संचरण किया और इसे विकसित किया तथा यहां का कायाकल्प किया। यहां यहां हमारे पूर्व राष्ट्रपति ए पी जेअबुल कलाम भी आ चुके हैं और अब यह अनेक सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र है । टाॅडगढ स्थापना दिवस के अवसर पर विरासत सेवा संस्थान एवं प्रज्ञा शिखर ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान पर यहां एक भव्य प्रदर्शनी का आयोजन किया गया जिसमें क्षेत्र के ग्रामीणों सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लेकर समारोह को शानदार बनाया । राज्यपाल के सलाहकार डॉ देव कोठारी इतिहास संकलन परिषद के क्षेत्रीय संगठन मंत्री छगन लाल बोहरा विरासत सेवा संस्थान के मुख्य ट्रस्टी और संस्थापक अध्यक्ष बी एल सामरा इस समारोह में विशेष रूप से आमंत्रित थे । इस अवसर पर प्रज्ञाशिखर ट्रस्ट की ओर से विरासत संस्थान के अध्यक्ष सामरा का मेवाड़ी पगड़ी और शाल ओढ़ाकर तुलसी तीर्थ के स्मृति चिन्ह के साथ करतल ध्वनि के बीच भाव भीना अभिनंदन किया गया । विरासत संस्थान की ओर से इस अवसर पर स्थानीय विद्यालय की मैधावी बालिकाओं को प्रोत्साहन राशि और स्कूल ड्रेस के वितरण के साथ सभी आगंतुकों को अल्पाहार की व्यवस्था की गई । साहित्य संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष श्री भीकम चंद कोठारी, स्थानीय उपखंड अधिकारी, थाना अधिकारी ,चिकित्सा अधिकारी एवं पूर्व प्राचार्य रोशनलाल पितलिया ब्यावर से गणपत सिंह मुगधेश ,नारायण सिंह पंवार उपस्थित रहे ।इस अवसर पर क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिकों को भी सम्मानित किया गया ।