दबाव के कारण टीकाकरण की नीति बदली

विजय जैन
अजमेर । पीएम मोदी की ओर से 18 से अधिक उम्र के सभी नागरिकों को मुफ्त कोरोना टीका दिए जाने के एलान के बाद भी कांग्रेस के हमलावर तेवर बरकरार हैं कांग्रेस निवर्तमान शहर अध्यक्ष विजय जैन ने कहा कि घबराए हुए प्रधानमंत्री और लड़खड़ाई हुई सरकार ने सुप्रीम कोर्ट, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सांसद राहुल गांधी सहित देश के विपक्षी दलों के दबाव के कारण टीकाकरण की नीति बदली। टीकाकरण की मौजूदा रफ्तार से कैसे साल के अंत तक सबको टीका लग पाएगा ?

शहर कांग्रेस के निवर्तमान प्रवक्ता मुजफ्फर भारती ने विजय जैन की ओर से जारी बयान में कहा कि कांग्रेस पार्टी शुरू से ही सबको मुफ्त टीका दिए जाने की मांग करती रही है मुफ्त टीकाकरण के संदर्भ में कांग्रेस ने लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दबाव बनाने के लिए देश भर से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौपे थे इस बाबत सोनिया गांधी, मनमोहन सिंह और राहुल गांधी दिसम्बर से लेकर अब तक मांग उठाते रहे हैं

कांग्रेस अध्यक्ष विजय जैन ने सवाल उठाया कि छह महीने में तीन बार टीका नीति बदलने और इस कारण लाखों लोगों की मौत के लिए प्रधानमंत्री को जिम्मेदार क्यों नहीं ठहराना चाहिए? 25% टीके निजी क्षेत्र के लिए रखने की नीति पर भी कांग्रेस ने सवाल खड़े किए हैं साथ ही पीएम मोदी से पूछा है कि जब 6 महीने में 23 करोड़ टीके लगे हैं तो अगले 6 महीने में 176 करोड़ टीके कैसे लगाएंगे ?

2014 के पहले देश मे टीकाकरण की स्थिति को लेकर पीएम मोदी की टिप्पणी पर कांग्रेस ने तीखे अंदाज में कहा मोदी को देश की चुनी हुई सरकारों और अपने वैज्ञानिकों का अपमान करने से पहले देश के टीके के इतिहास के बारे में जानकारी ले लेनी चाहिए थी “जब कांग्रेस की सरकार थी तभी 1952 में टीबी, 1965 में चिकन पॉक्स, 1970 में पोलियो, 1997 में हेपेटाइटिस, 2009 में H1N1, 2012 में जापानी बुखार का टीका उपलब्ध करवा दिया गया था प्रधानमंत्री अनर्गल झूठ बोलने की बजाय अपनी जिम्मेदारी की बात करते तो अच्छा रहता”। शहर कांग्रेस ने मुफ्त टीकाकरण के फैसले का श्रेय कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी राहुल गांधी पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सहित देश के विपक्षी दलों को दिया जिन्होंने मौजूदा सरकार पर मुफ्त यूनिवर्सल टीकाकरण की मांग उठाई थी।

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