खाली भुखण्डो को हडपने व सीएमओ के नाम फोन कर धमकाने का आरोप

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिख की आरोपी पर कडी कार्रवाई की मांग
ब्यावर, (हेमन्त साहू)। शहर के आदर्श नगर में महेश गर्ग द्वारा कूटरचित तरीक़े से ख़ाली पड़े भूखंडों को अपने नाम करने व बेचने की शिकायत करने मुख्यमंत्री कार्यालय के नाम से फ़ोन करवाकर धमकाने का गंभीर मामला सामने आया है। कांग्रेस नेता रवि डंडायत ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र भेजकर कपट पुर्वक अवैधानिक कार्य करने के आरोपी महेश गर्ग पर कडी कार्रवाई करने की मांग की। डंडायत ने पत्र में बताया कि सीएमओ जयपुर से जुड़ा होने के कारण यह मामला सार्वजनिक किया जाना बेहद आवश्यक है। सीएम गहलोत को भेजे गए में बताया कि अजमेर रोड ब्यावर स्थित आदर्श नगर जो कि पूर्व में वूल प्रेस लिमिटेड कम्पनी हुआ करती थीए जिसका क़ानूनी रूप से समापन हो चुका है । इस कम्पनी की ज़मीन को भूखण्डों में विकसित कर शेयरधारकों के नाम कर दी गई थी। इस वूल प्रेस कॉलोनी को वर्तमान में आदर्श नगर के नाम से जाना जाता है। इसमें कई बेशक़ीमती भूखंड ख़ाली पड़े हैं। जिनके मालिक राजस्थान से बाहर बसे हुए हैं। आदर्श नगर में वर्तमान में ख़ाली पड़े भूखंडो की नम्बर सहित जानकारी समय समय पर स्थानीय प्रशासन को व आयुक्तए नगर परिषद ब्यावर को दे दी गई थी। परंतु नगर परिषद आयुक्त व कुछ कर्मचारी इन भूमाफयि़ाओं से मिलीभगत कर फजऱ़्ी हस्ताक्षर करवाकर कूटरचित तरीक़े से दस्तावेज तैयार कर इन बेशक़ीमती भूखण्डों को बेच रहे हैं। ऐसा ही एक मामला तब सामने आया जब भूमाफयि़ा महेश गर्ग द्वारा आदर्श नगर के प्लॉट नं 297 पर निर्माण कार्य प्रारंभ करवाया गया और मेरे द्वारा नगर परिषद में लिखित शिकायत करने पर जानकारी जुटाई गई तब मालूम हुआ कि बिना मालिकाना हक़ तय हुए प्लॉट को कई बार बेचा गया व अनियमितता बरतते हुए गुप.चुप तरीक़े से निर्माण स्वीकृति लेकर बैंक से ऋण लेने का औपचारिकता पूरी की गई और प्लॉट के दस्तावेज़ों को सही ठहराने का प्रयास किया गया। इस षड्यन्त्र की पोल तब खुली जब नगर परिषद के विधि सलाहकार ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि प्लॉट संख्या 297 को निर्माण स्वीकृति देते समय कई अनियमितताएँ बरती गई और बिना मालिकाना हक़ तय हुए दी गई स्वीकृति को रद्द करने की स्पष्ट राय दी। विधि सलाहकार की स्पष्ट राय के बावजूद आयुक्त नगर परिषदए ब्यावर जानबूझकर मामले को टालने में लगे हुए हैं और बार बार मुझसे मामले को रफ़ा दफ़ा करने के लिए सम्पर्क बनाए हुए हैं। दो दिवस पूर्व मेरे पास सुबह 10-30 बजे श्री अनिल प्रजापत नामक व्यक्ति का फ़ोन मोबाईल नम्बर ़91 98293 67913 से मेरे पास आया और कहा कि मैं सीएमओ जयपुर से बोल रहा हूँ। मेरे पास तुम्हारी शिकायत आई है और इस व्यक्ति ने मुझे भूमाफयि़ा महेश गर्ग द्वारा किए गए षड्यन्त्र के ख़िलाफ़ अपनी जायज़ शिकायत वापिस लेने के लिए कहा। मैंने जब श्री अनिल प्रजापत को कहा कि इसकी नगर परिषद व स्थानीय निकाय विभाग जयपुर द्वारा गठित कमेटी से जाँच चल रही है तो इस व्यक्ति ने कहा कि तुम्हारे आयुक्त झब्बर सिंह को मैं बोल दूँगा और डीएलबी जयपुर भी कह दूँगा वहाँ कि चिंता मत करो तुम अपनी शिकायत वापिस ले लो वरना तुम्हारी ज़िंदगी खऱाब कर दूँगा। इस शख़्स ने मुझे सीएम हाउसए जयपुर आकर मिलने को कहा। ;मेरे पास इसकी रिकॉर्डिंग उपलब्ध है। जो की जाँच के समय उपलबध करवा दी जाएगी। इस संदर्भ में मैंने ब्यावर सिटी थाने में एक लिखित शिकायत दिनांक 2 अगस्त गुरूवार को दीवान श्री महेश जी को दी थी परंतु इस पर भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिससे की मुख्यमंत्री कार्यालय की छवि पर विपरित प्रभाव पड़ रहा है। विशेष रूप से गौर करने योग्य यह है कि भूमाफयि़ा महेश गर्ग फ़ितरती क़िस्म का व्यक्ति है। व्यावसायिक रूप से साधारण अकाउंटेंट होने के बावजूद यह अपने आप को चार्टर्ड अकाउंटेंट बताता है और लोगों को टैक्स चोरी के गुर सिखाने का दावा करता है। यह व्यक्ति इतना शातिर है कि कर विभाग के कर्मचारियों से मिलीभगत कर नोटिस दिलवाता है तथा सेटलमेंट करने के नाम पर मोटी रक़म वसूलने का भी पेशा है इसका। यह अपने आप को भारत विकास परिषद का सदस्य बताकर अधिकारियों व कर्मचारियों पर धौंस जमाता है जबकि वास्तविकता में इसे ब्यावर भारत विकास परिषद के अकाउंट में हेराफेरी कर ग़बन करने के कारण निष्कासित किया हुआ है। इसके कुटिल इरादों का यह सबूत है कि जिस विवादित भूखण्ड की जाँच उपनिदेशकए अजमेर व स्थानीय निकाय विभागए जयपुर से चल रही है उसी भूखंड को कुछ दिनों पूर्व एक भोले भाले मुस्लिम व्यक्ति को इकरारनामा कर सौदा कर दिया और विवादित भूखंड पर साम्प्रदायिक माहौल उत्पन्न कर वैमनस्य फैलाने जैसा घृणित कार्य करने का षड्यन्त्र रचा। यह घटनाक्रम बेहद गंभीर है कि यह व्यक्ति उपखण्ड अधिकारी को आपके नामित ज्ञापन देता है. उसकी ख़बर समाचार पत्रों में छपवाता है और उसके अगले दिन आपके कार्यालय के नाम से फ़ोन करवाकर धमकाने का षड्यंत्र करता है। जब ऐसा व्यक्ति कांग्रेस पदाधिकारी के साथ इस प्रकार की हरकत कर सकता है तो आम आदमी के साथ किस प्रकार व्यवहार करता होगा यह समझा जा सकता है। आपसे इस मामले में निवेदन है कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए इन अपराधियों पर कड़ी दण्डात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए।

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